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विश्व पुस्तक मेला चौथा दिन

· लेखिका अचला नागर के नए उपन्यास ‘मंगला से शयन तक’ का लोकार्पण

· प्रतिष्ठित कथाकार महेश कटारे की पुस्तक ‘भर्तृहरि काया के वन में’ का लोकार्पण

· कथाकार अखिलेश के उपन्यास निर्वासन , वह जो यथार्थ था एवं अँधेरा पर बातचीत एवं अंशपाठ

नई दिल्ली : दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में हर दिन काफी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंच रहे हैं। दिल्ली में ठंड एवं कार्य दिवस के बावजूद पुस्तक प्रेमियों के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही। मेले में पहुंच रही पुस्तक प्रेमियों की भीड़ देखकर लेखक और प्रकाशक काफी उत्साहित हैं।

राजकमल प्रकाशन के स्टाल जलसाघर पर मेले के चौथे दिन की शुरुआत लेखिका अचला नागर के नए उपन्यास ‘मंगला से शयन तक’ के लोकार्पण से हुआ। लोकार्पण युनूस खान, रमाशंकर द्विवेदी, महेश कटारे एवं राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी द्वारा किया गया। अचला नागर के इस उपन्यास में वर्तमान और देश के विभाजन उपरांत के दो ट्रैक एक साथ चलते हैं। लेखिका कहती हैं ‘जिंदगी को आसान कर देने वाला ये फ़लसफ़ा ही मंगला से शयन तक का मुख्य आधार है।‘


प्रतिष्ठित कथाकार महेश कटारे द्वारा भर्तृहरि के जीवन पर लिखा गया का दिलचस्प उपन्यास ‘भर्तृहरि काया के वन में’ का लोकार्पण संपादक और कथाकार अखिलेश एवं अशोक महेश्वरी द्वारा किया गया। लेखक महेश कटारे ने किताब के बारे बताते हुए कहा ‘यह उपन्यास पाठकों को कथा के आनंद के साथ–साथ इतिहास के ज्ञान का संतोष भी देगा।

लेखक से मिलिए सत्र में संपादक और कथाकार अखिलेश से प्रभात रंजन ने उनके उपन्यास निर्वासन ,वह जो यथार्थ था एवं अँधेरा पर बातचीत की साथ ही पुस्तकों से अंशपाठ भी क्या गया। लेखक अखिलेश ने कहा निर्वासन में मेरे सुल्तानपुर के दौर का अनुभव पढ़ने को मिलता है। इस उपन्यास को लिखते वक्त मेरे दिमाग में यही था कि बदलते हुए देश और समाज को केंद्र में रखा जाय। लिखा जाय। वहीँ ‘वह जो यथार्थ था’ उपन्यास अपने यथार्थ में बचपन की जीने-रचने की एक अद्वितीय कहानी है।

9 जनवरी के कार्यक्रम :

लेखक से मिलिए – लेखक एवं ब्लॉगर प्रभात रंजन की किताब ‘पालतू बोहेमियन’ से अंश पाठ, यूनुस खान और हिमांशु वाजपेयी द्वारा

समय : 2.15 बजे

स्थान – राजकमल प्रकाशन स्टॉल, हॉल नंबर 12-12A

लेखक से मिलिए- लेखिका अरूंधति राय के उपन्यास- द मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस के हिंदी और उर्दू अनुवाद का लोकार्पण

समय : 4 बजे

स्थान – राजकमल प्रकाशन स्टॉल, हॉल नंबर 12-12A

संपर्क
संतोष कुमार
M -9990937676



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