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  • 80 घंटे बाद मलवे से जीवित निकाला

    भूकंप में सब कुछ तबाह हो गया था। उसका अपार्टमेंट गिर चुका था। उसके इर्द-गिर्द तीन लाशें पड़ी थीं। वह एक ऐसी जगह पर था जहां हिलना-डुलना भी नामुमकिन सा था। लेकिन फिर भी एक आस थी कि कभी कोई आएगा और उसे बचा लेगा। अंत में उसकी उम्मीद सही साबित हुई और 80 घंटे […]

    • By: मीडिया डेस्क
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    • In: Uncategorized
  • कौन हैं जो मोदी को विफल करना चाहते हैं?

    क्या सच में नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का जादू टूट रहा है? अगर टूट रहा है तो वो कौन है जिसका जादू सिर चढ़कर बोल रहा है? वे कौन लोग हैं जो पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई देश की पहली राष्ट्रवादी सरकार को मार्ग से भटकाना चाहते हैं? जाहिर तौर पर सवाल कई […]

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    • In: Uncategorized
  • भारत – भाषा प्रहरी बालेन्दु शर्मा दाधीच

    ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ द्वारा गोवा की राज्यपाल माननीय श्रीमती मृदुला सिन्हा के हाथों ‘सम्मान’  वाणिज्य-व्यापार या ज्ञान-विज्ञान आदि के विभिन्न क्षेत्र, जहाँ से भारतीय भाषाओं का  आधार खिसक रहा है। वहाँ भी अक्सर यह देखने में आया है कि जब इन क्षेत्रों में  हिंदी  व भारतीय भाषाओं के प्रयोग की बात आती है तो भी […]

  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी को खुला पत्र

    प्रति, श्री शिवराज सिंह चौहान माननीय मुख्य मंत्री, म. प्र.  शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय,मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल   विषय : मध्य प्रदेश राजभाषा नीति बनाये जाने हेतु निवेदन   आदरणीय मान्यवर,  मैंने सबसे पहले यह पत्र आपको ईमेल एवं डाक से 1 नवम्बर 2012 को भेजा था जिसपर संस्कृति संचालनालय ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया […]

  • ऐसी चिठ्ठियाँ लिखते थे मनमोहन सिंह

    प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने निजी तौर पर जामा मस्जिद के शाही इमाम को पत्र लिखा था और उन्हें यह भरोसा दिया था कि मुगलकालीन मस्जिद को संरक्षित स्मारक का दर्जा नहीं दिया जाएगा। यह जानकारी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में दिए गए एक पत्र से सामने आई […]

  • 12 लाख की नौकरी छोड़ खेती मं दिखाया दम

    उत्तम खेती मध्यम व्यापार, नौकरी चाकरी भीख निदान। एक जमाना था, जब खेती को उत्तम माना जाता था। पिछले कुछ अर्से से किसानों के बेटे खेती छोड़कर नौकरी की तरफ भाग रहे हैं। किसानों का मानना है कि खेती घाटे का सौदा बन गई है। निराशा के इस माहौल में बिजनौर के हरेवली का युवा […]

  • दुःख ,सन्तोष श्रीवास्तवकी कहानियों का स्थाई भाव है

    "दुःख सन्तोष श्रीवास्तव की कहानियों का स्थाई भाव है ।उन्होंने दुःख को जिया है और ज़िन्दगी के कई रंग इनकी कहानियों में शिद्दत के साथ महसूस किये जा सकते हैं ये बातें सूरज प्रकाश ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में संतोष श्रीवास्तव के कहानी सन्ग्रह 'आसमानी आँखों का मौसम ' के लोकार्पण के अवसर पर कहीं […]

  • भविष्य बनाने में पानी बचाने की अहम भूमिका

    भारतीय मौसम विभाग के एक पूर्वानुमान के अनुसार, देश में इस वर्ष मॉनसून में सामान्य से कम वर्षा होगी और औसत तापमान भी ऊंचा बना रहेगा। जाहिर है, इस बार इसका असर कृषि और महंगाई के साथ-साथ पानी की उपलब्धता पर भी पड़ेगा। तेज गर्मी ने पहले ही दस्तक दे दी है और पानी की […]

  • महिलाओं के इशारे पर भी चल रही है भारतीय रेलें

    कभी घर की चौखट से बाहर नहीं निकलने वाली महिलाएं अब भारतीय रेल का चक्का दौड़ाने में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। फौलादी रेल पटरियों की मरम्मत, टिकट चेकिंग, मालगाड़ी का गार्ड, स्टेशन मास्टर और गेटमैन जैसे जो कार्य पहले रेलवे में सिर्फ पुरुषों के ही बस के माने जाते थे, अब महिलाएं भी […]

  • भारतीय सैनिकों ने 15 देशों के 170 नागरिकों को भी बचाया

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, 'दोस्त संकट में है। भारत ने वाणिज्यिक व भारतीय वायु सेना के विमानों से 15 देशों को 170 नागरिकों को बाहर निकाला है।'   भारत ने स्पेन के अलावा, पोलैंड के 33, चेक गणराज्य के 20, अमेरिका के 10, जर्मनी के आठ, यूक्रेन के पांच, फ्रांस […]

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