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  • हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए पत्रकारों की पहल

    हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए पत्रकारों की पहल

    भारत में अधिकांश लोग हिंदी को ही राष्ट्रभाषा मानते हैं, क्योंकि देश की सर्वाधिक जनसंख्या हिंदी समझती है और बोलती है। लेकिन यह एक सत्य है कि हिंदी इस देश की राष्ट्रभाषा नहीं है और इसी संदर्भ में मुंबई के हिंदी वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से पूरे भारत में हिंदी को राष्ट्रभाषा दर्जा दिलाने के लिए भारतीय पत्रकारों का एक अभियान में चलाया जा रहा है।

  • सब को एक रखना ही आचार्य अभिनवगुप्त जी का सन्देश – डॉ. मोहन भागवत

    सब को एक रखना ही आचार्य अभिनवगुप्त जी का सन्देश – डॉ. मोहन भागवत

    नई दिल्ली। आचार्य अभिनवगुप्त के अनुसार धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ कभी-कभी शस्त्र की भी आवश्यकता पड़ती है. शस्त्र की आवश्यकता शास्त्र के अनुसार दिखाए मार्ग पर लाने के लिए पड़ती है.

  • यात्रियोें को प्रभुजी की एक और सौगात

    यात्रियोें को प्रभुजी की एक और सौगात

    पहले चार्टिंग स्टेशन (जहां से आरक्षण चार्ट जारी होता है) के कोटे का बर्थ खाली रहता है तो वह ऑटोमेटिक अगले चार्टिंग स्टेशन को ट्रांसफर हो जाएगा। इसका सीधा फायदा उस स्टेशन की वेट लिस्ट के यात्रियों को मिलेगा। उनकी बर्थ कंफर्म हो जाएगी। रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद शुक्रवार से यह व्यवस्था लागू हो रही है।

  • “तक्षक” ने सिखाया था देश पर हमला करने वालों से कैसे निपटा जाता है….

    मोहम्मद बिन कासिम के आक्रमण से एक चौथाई सदी बीत चुकी थी। तोड़े गए मन्दिरों, मठों और चैत्यों के ध्वंसावशेष अब टीले का रूप ले चुके थे, और उनमे उपजे वन में विषैले जीवोँ का आवास था।

  • सिकंदर और फकीर डायोजिनीस

    सिकंदर और फकीर डायोजिनीस

    भारत आने से पूर्व सिकंदर डायोजिनीस नामक एक फकीर से मिलने गया। उसने डायोजिनीस के बारे में बहुत-सी बातें सुन रखी थी। डायोजिनीस अद्वितीय फकीर थे, यहाँ तक कि वे अपने पास कटोरा भी नहीं रखते थे।

  • 1 अक्टूबर, 2016 से लागू होने वाली पश्चिमी क्षेत्र की नई समय सारणी में कई प्रमुख बातें

    मुंबई। 1 अक्टूबर, 2016 से लागू होने वाली पश्चिमी क्षेत्र की नई समय सारणी में पश्चिम रेलवे द्वारा अंत्योदय ट्रेन, उदय ट्रेन तथा हमसफ़र ट्रेन के अलावा अन्य कई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। कुछ ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है तथा कुछ ट्रेनों के रूटों में भी विस्तार किया गया है।

  • गोइन्का पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

    कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके सूचित किया है कि हिन्दी से बंगला व बंगला से हिन्दी अनुवाद के लिए नामचीन चिंतक, दार्शनिक व लेखक की स्मृति में सद्य घोषित "श्री प्रभात रंजन सरकार स्मृति पुरस्कार" के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की है।

  • संस्कृत : साहित्य और संस्कृति की अंतर्धारा

    संस्कृत : साहित्य और संस्कृति की अंतर्धारा

    फ़ोर्ब्स पत्रिका की एक रिपोर्ट में संस्कृत को सभी उच्च भाषाओं की जननी माना गया है। इसका कारण हैं इसकी सर्वाधिक शुद्धता और इसीलिए यह कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए एक उपयुक्त भाषा है मीठी और दैवी संस्कृत भाषा का काव्य बहुत ही मीठा है एवं उससे भी अधिक मीठा,प्रभावशाली नैतिक शिक्षा देने वाला सुभाषित है.

  • दान उत्सव- परोपकार की खुशी का जीवन

    दान उत्सव- परोपकार की खुशी का जीवन

    हर वर्ष महात्मा गांधी की जन्म जयन्ती से एक सप्ताह तक दान उत्सव- यानी देने, परोपकार करने की खुशी एवं प्रसन्नता का सप्ताह मनाया जाता है। दान देने की परम्परा हमारे यहां प्राचीन काल से है, लेकिन उसको एक त्योहार एवं उत्सव की शक्ल सन् 2009 से दी गयी है, इस एक सप्ताह में रिक्शा चलाने वाले से लेकर बड़ी-बड़ी कम्पनियों के सीईओ, सरकारी कर्मचारियों से लेकर राजनेता, व्यापारी से लेकर प्रोफेशनल्स, युवा से लेकर वृद्ध, महिलाएं सभी इस सप्ताह को उत्साह से मनाते हुए अपनी सामथ्र्य के अनुसार देने की खुशी को बटोरते हैं।

  • हिंदी को सिर्फ पखवाड़ा नहीं, रोजमर्रा से जोड़कर देखने की जरूरत-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

    हिंदी को सिर्फ पखवाड़ा नहीं, रोजमर्रा से जोड़कर देखने की जरूरत-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

    हिंदी हमारे रोजमर्रा की भाषा है और इसे सिर्फ पखवाड़ा से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है। जरूरत इस बात की है कि हम इसके प्रचार-प्रसार और विकास के क्रम में आयोजनों से परे अपनी दैनिक दिनचर्या से भी जोड़ें।

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