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  • भारतीय चेतना के प्रणेता डॉ. हेडगेवार

    भारतीय चेतना के प्रणेता डॉ. हेडगेवार

    सभी ने राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में सुना है। कई लोगों के लिए यह देश की सत्‍तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की प्रेरणा है लेकिन देश के बहुत कम लोग डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम से परिचित हैं जिन्‍होंने 92 वर्ष पहले आरएसएस की स्‍थापना की थी।

  • पेन-ड्राइव से होगा पर्यावरण का सरंक्षण: लक्ष्मी मेनन

    पेन-ड्राइव से होगा पर्यावरण का सरंक्षण: लक्ष्मी मेनन

    भोपालः पर्यावरण सरंक्षण की दृष्टि से केरल के बाद अब मध्यप्रदेश में भी एक अनूठा अभियान पेन-ड्राइव अभियान का शुरुआत किया जा रहा है; इस अभियान के माध्यम से यूज एन थ्रो वाले पेनों से उत्पन्न वेस्ट के साथ-साथ पर्यावरण में फैल रहे खतरनाक प्रदूषण से भी निजात मिलेगा; यह बात सोमवार को नेहरु नगर स्थित मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में आयोजित प्रेस कन्फ्रेंस में करेल में

  • गणगौर: नारी शक्ति और संस्कार का पर्व

    गणगौर: नारी शक्ति और संस्कार का पर्व

    गणगौर का त्यौहार सदियों पुराना हैं। हर युग में कुंआरी कन्याओं एवं नवविवाहिताओं का अपितु संपूर्ण मानवीय संवेदनाओं का गहरा संबंध इस पर्व से जुड़ा रहा है। यद्यपि इसे सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मान्यता प्राप्त है किन्तु जीवन मूल्यों की सुरक्षा एवं वैवाहिक जीवन की सुदृढ़ता में यह एक सार्थक प्रेरणा भी बना है।

  • पश्चिम रेलवे की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 142वीं बैठक संपन्न

    पश्चिम रेलवे की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 142वीं बैठक संपन्न

    पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री डी. के. शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार 24 मार्च, 2017 को क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 142वीं बैठक प्रधान कार्यालय, चर्चगेट के सम्मेलन कक्ष में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर प्रधान कार्यालय की वेब-पत्रिका ‘ई-राजहंस’ के 28वें अंक का विमोचन किया गया। बैठक के दौरान पश्चिम रेलवे में राजभाषा का प्रचार-प्रसार बढ़ाने हेतु भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित प्रशासनिक शब्दावली की प्रतियां सभी सदस्यों को उपलब्ध करवाई गई।

  • मंदाकिनी रूठी, तो क्या रूठ नहीं जायेंगे श्रीराम ?

    मंदाकिनी रूठी, तो क्या रूठ नहीं जायेंगे श्रीराम ?

    एक जमाने तक यह चौपाई सुनाकर रामचरितमानस के वाचक रामभक्त तुलसी के महत्व बखान किया करते थे। किंतु अब वाचक तो वाचक, पूर्णिमा.अमावस्या स्नान दर्शन के लिए पैदल ही खिंचे चले आने वाले भी शायद भूल चुके हैं कि उनकी जिंदगी में मानिकपुर, मैहर और चित्रकूट का क्या महत्व है। यदि आस्थावानों की आस्था सच्ची होती, तो इनका हाल-बेहाल न होता।

  • गुणवत्ता एक अंतहीन प्रक्रिया और उत्कृष्टता आदत का एक अहम हिस्सा है – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    राजनांदगांव। शिक्षाविद, सतत सृजनरत प्रखर वक्ता और दिग्विजय कालेज के हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर डॉ.चंद्रकुमार जैन ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर केंद्रित सेमीनार में प्रभावी भागीदारी की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मसला इन दिनों कुछ ज्यादा चर्चा में है। गुणवत्ता में सुधार के लिए दबाव के चलते संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा का माहौल है। उधर सरकारी विश्व विद्यालयों और कॉलेजों में ग्रेडिंग को लेकर जद्दोजहद का जोरदार दौर चल रहा है। मूल्यांकन में खरा उतरने के लिए संस्थाओं में बहुआयामी आयोजनों का सिलसिला चल पड़ा है।

  • 109वीं जयन्ती के अवसर पर पण्डित मोहन प्यारे द्विवेदी को श्रद्धान्जलि

    109वीं जयन्ती के अवसर पर पण्डित मोहन प्यारे द्विवेदी को श्रद्धान्जलि

    पंडित मोहन प्यारे द्विवेदी ’’मोहन’’ का जन्म संवत 1966 विक्रमी तदनुसार 01 अप्रैल 1909 ई. में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला के हर्रैया तहसील के कप्तानगंज विकास खण्ड के दुबौली दूबे नामक गांव मे एक कुलीन परिवार में हुआ था। इनके पिता जी का नाम पंडित रामनाथ तथा पितामह का नाम पण्डित देवी पल्ट था। पंडित जी का ननिहाल कप्तानगंज के निकट स्थित राजाजोत गांव में था। उनका बचपन वहुत ही कष्ट के साथ बीता था। उनके ननिहाल के लोगों ने अपने पास रखकर पंडित जी को कप्तानगंज के प्राइमरी विद्यालय

  • भाजपाः वैचारिक हीनग्रंथि से मुक्ति का समय

    भाजपाः वैचारिक हीनग्रंथि से मुक्ति का समय

    उत्तर प्रदेश अरसे बाद एक ऐसे मुख्यमंत्री से रूबरू है, जिसे राजनीति के मैदान में बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। उनके बारे में यह ख्यात था कि वे एक खास वर्ग की राजनीति करते हैं और भारतीय जनता पार्टी भी उनकी राजनीतिक शैली से पूरी तरह सहमत नहीं है। लेकिन उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारी विजय के बाद भाजपा ने जिस तरह का भरोसा जताते हुए राज्य का ताज योगी आदित्यनाथ को पहनाया है, उससे पता चलता है कि ‘अपनी राजनीति’ के प्रति भाजपा का आत्मदैन्य कम हो रहा है।

  • ए डॉग्स परपज

    ए डॉग्स परपज

    २०१० में जाने माने अमरीकी हास्य और व्यंग लेखक डब्लू ब्रूस कैमरान लिखित उपन्यास ए डॉग्स परपज प्रकाशित हुआ लोगों को यह इतना पसंद आया कि न्यू यॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर सूचि के शीर्ष पर ४९ सप्ताह तक रहा. मई २०१२ में कैमरान ने इसी कड़ी में अगला उपन्यास ए डॉग्स जर्नी लिखा. इस के फिल्मांकन के अधिकार ड्रीमवर्ल्ड ने खरीद कर ए डॉग्स परपज फिल्म बनायी है जो भारत में रिलायंस एंटरटेनमेंट ३१ मार्च को रिलीज करने जा रही है.

  • आधुनिकतम तकनीक से जुड़ रही हैं डाक सेवाएं

    आधुनिकतम तकनीक से जुड़ रही हैं डाक सेवाएं

    रूरल इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नालॉजी प्रोजेक्ट के तहत जोधपुर के ग्रामीण शाखा डाकघर होंगे शीघ्र हाईटेक ग्रामीण पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में निभाएगा नई भूमिका : डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव डाक विभाग द्वारा शास्त्री नगर मुख्य डाकघर, जोधपुर में वृहद डाक मेले का आयोजन

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