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  • भारत विभाजन का कड़वा सच जो हर हिंदू को पता होना चाहिए

    भारत विभाजन का कड़वा सच जो हर हिंदू को पता होना चाहिए

    आजादी का जश्न अभी क्षितिज तक भी न चढ़ सका था कि मुल्क के दो फाड़ होने का बिगुल बज गया और सांप्रदायिक सद्भाव तार-तार हो गया; जिसके साथ ही दोनों तरफ की बेकसूर आवाम के खून का एक दरिया बह निकला। लाखों लोग मारे गए। करोड़ों बेघर हुए। लगभग एक लाख महिलाओं; युवतियों का अपहरण हुआ। यही बँटवारा इस पुस्तक का मुख्य मुद्दा है; जो लेखक की कड़ी मेहनत और बरसों की शोध का नतीजा है। बँटवारे में मरनेवालों का सरकारी आँकड़ा केवल छह लाख दर्ज है; लेकिन इस संदर्भ में अगर तत्कालीन अंग्रेज अधिकारी मोसले पर गौर करें तो वह गैरसरकारी आँकड़ा दस लाख दरशाता है; यानी कि बँटवारे में छह लाख नहीं; बल्कि दस लाख लोग मारे गए। गौरतलब है कि न पहले और न ही बाद में; इतना बड़ा खून-खराबा और बर्बरता दुनिया के किसी भी देश में नहीं हुई।

  • राधा स्काय गार्डन से पता चलता है सरकारों और मुख्यमंत्री को कौन गिरवी रखता है‍!

    राधा स्काय गार्डन से पता चलता है सरकारों और मुख्यमंत्री को कौन गिरवी रखता है‍!

    कहते हैं कि मनी में बहुत पावर होता है। इसी लिए इस मनी के दम पर बिल्डर अफ़सरों को ही नहीं मुख्यमंत्रियों को भी अपनी ज़ेब में रखते हैं। मायावती तब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। नोएडा एक्सटेंशन जो अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट नाम से प्रचलित है का काम बड़ी तेज़ी से चल रहा था।

  • भारत में क्यों है मंदी की शून्य सम्भावना

    अभी हाल ही में एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश प्रबंधन एवं वित्तीय सेवा कम्पनी मोर्गन स्टेनली के अर्थशास्त्रियों ने एक प्रतिवेदन जारी कर कहा है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत एशिया में सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बन कर उभरने जा रहा है। इनके अनुमान के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर हासिल कर लेगी जो विश्व में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक होगी एवं भारत का एशियाई एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास दर में क्रमश: 28 प्रतिशत एवं 22 प्रतिशत का योगदान रहने जा रहा है।

  • “स्वेच्छा से स्वधर्म” मे वापसी के लिए प्रयास करेंगे  : मिलिंद परांडे

    “स्वेच्छा से स्वधर्म” मे वापसी के लिए प्रयास करेंगे : मिलिंद परांडे

    मुंबई ।विश्व की सबसे बड़ा हिंदुवादी संगठन विश्व हिन्दू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक मुंबई के हरियाणा भवन मे दिनांक 27,28 ऑगस्ट 2022 को सम्पन्न हुयी। इस कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के तौर पर विहिप के अखिल भारतीय महामंत्री श्री मिलिंद परांडे जी एवं बजरंग दल के अखिल भारतीय संयोजन श्री नीरज जी उपस्थित रहें। देश के भिन्न – भिन्न प्रान्तों मे हर 6 महीनों मे इस प्रकार की बैठकों का आयोजन किया जाता हैं। इस बार बैठक का आयोजन मुम्बई के कांदिवली पश्चिम स्थित हरियाणा भवन में किया गया इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

  • व्यापार जगत और शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी मल्टीस्टोरी हाईटेक पार्किंग ,अमित धारीवाल

    व्यापार जगत और शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी मल्टीस्टोरी हाईटेक पार्किंग ,अमित धारीवाल

    कोटा। कोचिंग सिटी कोटा में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्यों की श्रृंखला में विकास की एक और कड़ी जुड़ गई है जो गुमानपुरा सहित आसपास के व्यापार जगत के साथ बाजार में खरीदारी करने आने वाले उपभोक्ताओं की वाहन पार्किंग सुविधा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

  • आज क्यों जरूरी हैं रसखान और उनका रचना संसार..

    आज क्यों जरूरी हैं रसखान और उनका रचना संसार..

    यह महाकवि रसखान की समाधि है। भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त रसखान की स्मृति और वर्तमान परिदृश्य में हिंदू-मुस्लिम समभाव का एक सशक्त स्थल । उप्र के मथुरा के क़रीब गोकुल और महावन के बीच मां यमुना के आंचल में स्थित यह समाधि अपने अंदर पूरा इतिहास समेटे है।

  • राजभाषा विभाग द्वारा द्वारा जन शिकायतों पर कार्यवाही न करने के विरुद्ध लोक परिवाद

    राजभाषा के नाम पर करदाताओं के करोड़ों रुपये फूँके जा रहे हैं इसलिए यह शिकायत कर रहा हूँ-

  • वनबंधु परिषद् चलो गाँव की ओर अभियान चलाएगी

    वनबंधु परिषद् चलो गाँव की ओर अभियान चलाएगी

    भोपाल। वनबंधु परिषद देशभर में 'चलो गांव की ओर' अभियान चलाएगी। इसके माध्यम से देश के वनवासी क्षेत्रों में चलाए जा रहे एकल विद्यालयों से समाज को जोड़ा जाएगा।

  • पंडित जगदेव सिंह सिद्धांतिः आर्य समाज का योध्दा

    पंडित जगदेव सिंह सिद्धांतिः आर्य समाज का योध्दा

    पंडित जगदेव सिंह सिद्धान्ती का जन्म हरियाणा प्रान्त के तहसील झज्जर जिला झज्जर के बरहाणा(गूगनाण ) गाँव में सन १९०० में विजयादशमी के दिन चौधरी प्रीतराम अहलावत के घर हुआ था . इनकी माताजी का नाम मामकौर था.

  • शिव पुराण की पार्वती से रामायण की सीता तक का पतिव्रत धर्म की विवेचना

    शिव पार्वती विवाह के उपरान्त ब्रह्मा जी कहते हैं- नारद ! तदनन्तर सप्तर्षियों ने हिमालय से कहा-‘गिरिराज ! अब आप अपनी पुत्री पार्वती देवी की यात्रा का उचित प्रबन्ध करें।’ मुनीश्वर! यह सुनकर पार्वती के भावी विरह का अनुभव करके गिरिराज कुछ काल तक अधिक प्रेम के कारण विषाद में डूबे रह गये।

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