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अग्रोहा धाम में वैश्य समाज का वार्षिक समागम 26-27 अक्टूबर को

हिसार स्थित अग्रोहा धाम में 26-27 अक्टूबर को वैश्य समाज का वार्षिक समागम आयोजित किया जा रहा है जिसमें देश के कोने-कोने से वैश्य समुदाय के प्रतिनिधि भागीदारी करेंगे। इस आयोजन में देश भर के वैश्य समुदाय के मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु होंगे। इसमें केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल के साथ ही कई अन्य केंद्रीय मंत्री भी भाग लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड के मुख्य मंत्री श्री रघुवर दास करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर सभी राज्यों से आए अतिथियों का स्वागत करेंगे।

इस समारोह में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री रामदास अग्रवाल, अखिल भारतीय वैश्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री गिरीश सांघी और अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र गुप्ता भी शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि देश में इस समय लोक सभा और राज्य सभा में 25 सांसद वैश्य समाज से हैं। देश भर की विभिन्न विधान सभाओं में 90 विधायक वैश्य समाज से हैं। इस कार्यक्रम में इन सभी को आमंत्रित किया गया है।

एस्सेल समूह के अध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि “आने वाले दिनों में अग्रोहा एक ऐसी जगह के रूप में अपनी पहचान बनाएगा जहाँ से निकला संदेश पूरी दुनिया पर असर डालेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वैश्य समाज एकजुट होकर समाज, राष्ट्र और दुनिया की सेवा पूरी निष्ठा से करेगा।“

डॉ. चंद्रा ने कहा, “वैश्य समाज का अपना गौरवशाली इतिहास, महत्व और पहचान है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 27 अक्टूबर को वैश्य समाज बड़ी संख्या में अग्रोहा में उपस्थित होगाऔर आने वाले तीन सालों में इस आयोजन में (शऱद पूर्णिमा के दिन) भाग लेने वालों की संख्या 10 लाख तक पहुँच जाएगी, आज यहाँ 50 से 75 हजार लोग एकत्र होते हैं।“

उल्लेखनीय है कि वैश्य समाज के पवित्र तीर्थ स्थल हिसार के अग्रोहा धाम में हर साल शरद पूर्णिमा पर भव्य समागम आयोजित किया जाता है। अग्रोहा को महाराजा अग्रसेन की कर्मभूमि कहा जाता है। वैश्य समाज ने इस कर्मभूमि को विकसित करने की जिम्मेदारी ली है। यहाँ समाज के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, रोजगार, गरीब लड़कियों की शादी जैसे सामाजिक काम शुरु किए जाएंगे।
Shri Nandkishore Goenka-Agroha Vikas Trust
अग्रोहा धाम के विशाल परिसर के विकास को लेकर भी विभिन्न परियोजनाएँ शुरु की गई है। ऐसी मान्यता है कि अग्रोहा में महालक्ष्मीजी ने
महाराजा अग्रसेन को साक्षात दर्शन दिए थे।

अग्रोहा विकास ट्रस्ट के संरक्षक श्री नंदकिशोर गोयनका ने बताया कि “अग्रोहा में 26 अक्टूबर को भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है और इसी दिन लोगों के आने का सिलसिला शुरु हो जाएगा। रात्रि विश्राम के बाद सुबह स्नान के साथ ही अग्रोहा धाम के शक्ति सरोवर में शरद पूर्णिमा महोत्सव की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद मंदिर में महा आरती, छप्पन भोग का आयोजन होगा। इसके बाद वैश्य समाज का चिंतन अधिवेशन शुरु होगा।“

उल्लेखनीय है कि अग्रोहा विकास ट्रस्ट की स्थापना 1976 में हुई थी। वैश्य समुदाय की कुल देवी महालक्ष्मी के शक्ति पीठ मंदिर अग्रोहा धाम परिसर की देखभाल की जिम्मेदारी अग्रोहा विकास ट्रस्ट द्वारा की जाती है। मंदिर परिसर को तीन हिस्सों में बाँटा गया है। मध्य भाग देवी महालक्ष्मी को समर्पित है, जबकि पश्चिमी हिस्से में देवी सरस्वती की 3000 साल पुरानी प्रतिमा विराजमान है। मंदिर का पूर्वी हिस्सा अग्रोहा राज्यके शासक महाराजा अग्रसेन को समर्पित है। मंदिर के पीछे शक्ति सरोवर नाम का एक बड़ा तालाब है जिसे 1988 में भारत की 41 पवित्र नदियों से लाए गए पानी से भरा गया था। ट्रस्ट के संरक्षक श्री नंदकिशोर गोयनका ने बताया कि अग्रोहा धाम अग्रवाल समाज का ही नहीं बल्कि पूरे वैश्य समाज का पवित्र तीर्थ है।
अग्रोहा धाम में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किया गया है।

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