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स्वछता श्रमदान व संवाद जल जनित रोगो पर चिंता

झील मित्र  संस्थान, झील संरक्षण समिति एवं डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित पिछोला  हनुमान घाट के पास स्वछता श्रमदान  का आयोजन किया गया  ı झील क्षेत्र से शराब की बोतले,घरेलु कचरा , अवांछित वनस्पति ,जलकुम्भी  व् अन्य गन्दगी को निकıला गया ı

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धरती पर उदित होने वाले 'साहित्य के सूर्य' हैं प्रेमचंद

आधुनिक हिन्दी कथा साहित्य के पितामह माने जाने वाले प्रेमचंद की जयन्ती, शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा कृतज्ञ भाव पूर्वकमनाई गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.आर.एन.सिंह के मागदर्शन में हुए विशेष कार्यक्रम में हिंदी के प्राध्यापक गण डॉ.शंकर मुनि राय, डॉ.चन्द्रकुमार जैन, डॉ.बी.एन.जागृत और डॉ.नीलम तिवारी ने प्रेमचंद साहित्य पर अलग-अलग कोण से सार्थक चर्चा की, जिससे बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थी सहज अभिभूत हो उठे।

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डाककर्मी के पुत्र मुंशी प्रेमचंद ने लिखी साहित्य की नई इबारत - कृष्ण कुमार यादव

हिन्दी साहित्य के इतिहास में उपन्यास सम्राट के रूप में अपनी पहचान बना चुके मुंशी प्रेमचंद के पिता अजायब राय श्रीवास्तव डाकमुंशी के रूप में कार्य करते थे। ऐसे में प्रेमचंद का डाक-परिवार से अटूट सम्बन्ध था।

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धारा 370 जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए सबसे बड़ा धोखा हैः श्री दुबे

धारा 370 का नाम सुनते ही देश भर में तथाकथित राष्ट्रवादियों की राष्ट्रीय भावनाएँ हिलोंरे लेने लगती है लेकिन इस धारा के बारे में किसी को कुछ पता नहीं, हाँ इसके नाम से सब अपनी राजनीतिक रोटियाँ जरुर सेंकने लग जाते हैं।

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नव निर्माण के लिए उच्च शिक्षा में करें सार्थक निवेश - नीलू शर्मा

दिग्विजय कालेज में शिक्षा में गुणवत्ता पर कार्यशालाओं की प्रभावी श्रृंखला संपन्न 

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उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को संस्कृति और जीवन रेखा की तरह अपनाएँ

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। 

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फूहड़पन और आक्रामकता जनतंत्र के लिए घातक हैं

भारतीय जनतंत्र आज अत्यंत ही नाजुक मोड़ पर खड़ा है और उसे अपनी आबादी के बड़े हिस्से को यकीन दिलाना है कि उसने उसके साथ बराबरी का जो वादा किया था,  उसे लेकर वह ईमानदार और  गंभीर है। यह आबादी आदिवासियों,  मुसलमानों की है जो लगभग सत्तर साल के जनतांत्रिक अनुभव के बावजूद एक असमान स्थिति यापन करने को बाध्य हैं.

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सशक्त लोकतंत्र के लिए स्वच्छ एवं निष्पक्ष पत्रकारिता जरूरी

जनसम्पर्क एवं ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सशक्त लोकतंत्र के लिए स्वच्छ एवं निष्पक्ष पत्रकारिता का होना जरूरी है। इसके लिए पत्रकारों को और अधिक सजग रहना चाहिये।

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भारतीय संस्कृति में नदियों की सुरक्षा व पवित्रता मुख्य ध्येय

उदयपुर। देश का पच्चीस प्रतिशत भू-भाग गंगा नदी का बेसीन  है।   जिसमे देश की चालीस फीसदी आबादी निवास करती है। गंगा दशमी के अवसर पर गंगा बेसीन में बसे उदयपुर की झीलों नदियों का संरक्षण व सुरक्षा  आवश्यक है। 

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वाद-विवाद का विषय नहीं है राष्ट्र : हितेश शंकर

राष्ट्र वाद-विवाद का विषय नहीं है। इसे भाषण का विषय भी नहीं बनाया जा सकता। यह किसी भी प्रकार का 'इज्म' नहीं है। जन-तंत्र-जमीन राष्ट्र के तत्व हैं लेकिन मात्र इनको जोड़ देने से राष्ट्र नहीं बनता। बल्कि, आत्मीयता का होना जरूरी है। 

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दिग्विजय कालेज में उच्च शिक्षा में क्षमता विकास पर प्रभावी मंथन

शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा में क्षमता विकास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान ( रूसा ) द्वारा प्रायोजित यह कार्यशाला दो सत्रों में हुई। 

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मूल्य आधारित शिक्षा ने ही सुपर-30 को सफल बनाया- आनंद कुमार

मानवीय मूल्यों ने अनेक जिंदगियां बदली हैं और इसका उदाहरण सुपर-30 है। मूल्य आधारित शिक्षा ने ही सुपर-30 को सफल बनाया है। आई.आई.टी. जैसे प्रतिष्ठित परीक्षा में अब तक 360 बच्चों में से 308 बच्चों ने आई.आई.टी. की परीक्षा में क्वालीफाई किया। 

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