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गौर हरि दास्तान : द फ्रीडम फाइल (हिंदी ड्रामा)

खादी क्राफ्ट में कार्यरत दास अपनी पत्नी लक्ष्मी दास (कोंकणा सेन शर्मा) और बेटे के साथ जिंदगी जी रहे हैं। उनकी परेशानी तब शुरू होती है जब उनके बेटे को फ्रीडम फाइटर सर्टिफिकेट यानी ताम्रपत्र न होने के चलते कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता।

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ब्रदर्स (हिंदी एक्शन ड्रामा)

ब्रदर्स की कहानी मार्शल आर्ट्स और अंडरग्राउंड फाइटिंग की दुनिया पर आधारित है। गेरी फर्नांडिस (जैकी श्रॉफ) एक शराबी और बीते जमाने का स्ट्रीट-फाइटर है, जो जेल में १० साल गुजारने के बाद घर लौटा है। उसके दोनों बेटे बिछुड़ चुके हैं।

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बैंगिस्तान (हिंदी कॉमेडी )

कहते हैं देश सबसे बड़ा है। मजहब और रिश्ते उसके सामने कोई मायने नहीं रखते। निर्देशक करण अंशुमान की रितेश देशमुख, पुलकित सम्राट, चन्दन रॉय सान्याल, आकाश पाण्डेय, आर्य बब्बर, कुमुद मिश्रा, आकाश दभाण्डे, शिव सुब्रह्मनियम और मेहमान भूमिका में जेक्लीन फर्नाडीज के अभिनय वाली फिल्म भी यही सन्देश देती है। 

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मिशन इम्पॉसिबल ५ : रॉग नेशन (एक्शन ड्रामा )

अपनी  ईमानदारी और देश भक्ति को साबित करने के लिए हमें किसी सरकारी या गैर सरकारी सहारे की जरुरत नहीं होती और न ही हम इस जज्बे के लिए किसी के मोहताज होते हैं।  बस इतनी सी बात कहती है निदेशक क्रिस्टोफर मैक्वैरी की हॉलीवुड फिल्म मिशन इम्पॉसिबल : रॉग  नेशन की पांचवी कड़ी। 

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जाँनिसार (हिंदी पीरियड ड्रामा )

प्रेम किसी भी जमाने में हो। किसी से भी हो। उसकी तासीर कभी नहीं बदलती। फिर चाहे तफायफ हो या राजा। मुजफ्फर अली की गमन, आगमन और उमराव जान जैसी उल्लेखनीय फिल्मों के लगभग तीन दशक बाद आई इमरान अब्बास और पर्निया कुरैशी की  भूमिकाओं वाली फिल्म जाँनिसार भी  ऐसी ही कहानी है। 

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दृश्यम (हिंदी ड्रामा)

 कोई कुछ भी कहे पर हालात आदमी से बड़े हो जाएँ तो फिर वो सही और गलत नहीं देखता। यही नहीं, अगर हालात उसके परिवार से जुड़े हों तो फिर तो वो और भी आगे बढ़ जाता है और इस बढ़त का कोई ओर छोर नहीं।

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ऐसा ये जहां ( हिंदी ड्रामा )

 सपनों के पूरे होने की चाहत किसे नहीं होती लेकिन कोई सपना अगर आँख नोचने लगे तो। निर्देशक बिस्वजीत बोरा की पलाश सेन, ईरा दुबे, किमस्लीन खोलियो , प्रिशा और यशपाल शर्मा के अभिनय वाली फिल्म ऐसा ये जहां  भी बस ऐसे ही एक सपने के बनने और बिखरने की कहानी है। 

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मसान ( हिंदी ड्रामा )

 कोई माने या ना  माने पर हर आदमी मृत्यु से पहले भी अपनी अपनी ज़िंदगी का एक अपना मसान या कहें श्मशान जीता है।  बस वहां तक पहुँचने के रास्ते अलग होते हैं। ये बात भी अलग है कि इस मसान से हमारा वास्ता जिन्दा रहते हुए भी बार बार पड़ता भी  है और हमें मौत भी नहीं आती। 

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बजरंगी भाईजान ( हिंदी ड्रामा)

 देशों की सरहदें चाहे जितनी भी बारूद भरी और कंटीली हों. वो प्रेम और रिश्तों से भरी हवाओं के साथ उड़कर आने वाली नयी शुरुआतों को नहीं रोक सकती. प्रेम का रिश्ता हर सरहद से परे है और उसका सच बन्दूक और गोली से आगे फूलों भरा भी. आप एक कोशिश करके तो देखिये. 

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सेकंड हैंड हसबैंड

एक बार रिश्तों को सम्भालना ही बहुत टेढ़ी खीर है यहाँ तो निर्देशक स्मीप कांग गिप्पी ग्रेवाल, टीना आहूजा, धर्मेन्द्र, गीता बसरा, रवि किशन, और आलोकनाथ की भूमिकाओं वाली फिल्म सेकंड हैंड हसबैंड की बात कर रहे हैं।

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बेजुबान इश्क

कहते हैं इश्क की एक अलग बोली होती जो दुनिया  को सुनाई देती है।  लेकिन अगर इश्क बेजुबान ही रह जाये तो उसकी आवाज़ सुनने के लिए हमें निर्देशक जशवंत गंगानी की  मुग्धा गोडसे, स्नेहा उल्लाल, निशांत जरीवाला, फरीदा जलाल, सचिन खेडेकर और  स्मिता जयकर के अभिनय वाली फिल्म बेजुबान इश्क  देखनी होगी। 

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टर्मिनेटर जेनेसिस

दुनिया को तबाह करने और उसे बचाने के लिए दूसरी दुनिया से आने वाले अनजान एलियंस की कहानियों में १९८४ में आई निर्देशक जेम्स कैमरॉन की फिल्म टर्मिनेटर एक मील का पत्थर साबित हुई है। इसी श्रृंखला में टर्मिनेटर जेनेसिस एक नया अध्याय है। 

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