A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Only variable references should be returned by reference

Filename: core/Common.php

Line Number: 257

Hindi Media
header-logo

हर हाल में मजबूर है आदमी

जोश मलिह्बादी जन्म नाम शब्बीर हसन खां था (५ दिसंबर, १८९८ – २२ फरवरी, १९८२) जोश का जन्म मलिहाबाद में हुआ था।  वे १९५८ तक भारत में रहे फिर आप पकिस्तान को चले गए। उन्होंने अपने जन्म स्थान का नाम भी आपने अपने तखल्लुस में जोड़ दिया उअर पूरा नाम हुआ जोश मलिहाबादी । उन्होंने १९१४ मेंसेंट पीटर्स कॉलेज आगरा में वरिष्ठ कैम्ब्रिज परीक्षा  उत्तीर्ण की।   वे ६ माह रविंद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय शांतिनिकेतन में भी रहे । 

readmore
READMORE

चरागों के बदले मकान जल रहे हैं, नया है ज़माना, नई रौशनी है

खुमार साहब ने 19 फरवरी की रात आखिरी साँस ली। अब वह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी यादें आज भी लोगों के जेहन में ताज़ा हैं। प्रस्तुत है उनकी कुछ यादगार ग़ज़लें।�

readmore
READMORE

जुस्तजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने

शहरयार का असली नाम अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान था लेकिन वे शहरयार नाम से ही लिखते रहे और इसी नाम से लोकप्रिय भी थे। उनका जन्म जन्म 16 जून 1936 आँवला, बरेली, उत्तरप्रदेश में हुआ था।

readmore
READMORE

अदम गोंडवी की सदाबहार ग़ज़लें

जो उलझ कर रह गई फाइलों के जाल में

जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में 
गाँव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में

readmore
READMORE

परेशान पति का कोई मजहब नहीं होता...!!

उसे गजब का शौंक है हरियाली का,

रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है...!!!!

readmore
READMORE
author