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मीटू से फिल्म उद्योग के 500 करोड़ डूब जाएंगे

देश में इन दिनों #MeToo कैंपेन छाया हुआ है। इसके तहत तमाम महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण के मामले उठा रही हैं। बॉलिवुड से मीडिया होते हुए राजनीति से जुड़े लोग भी इसमें शामिल होते जा रहे हैं।

लगातार इस तरह की बढ़ती घटनाओं और फिल्म उद्योग के कुछ लोगों के नाम इसमें आने के बाद देश के दो प्रमुख प्रडक्शन हाउस ‘एआईबी’ (AIB)और ‘फैंटम फिल्म्स’ (Phantom Films) भी इसकी चपेट में आ गए हैं। इस विवाद के बाद दोनों प्रॉडक्शन हाउस की ‘नेटफ्लिक्स’, ‘अमेजॉन’ और ‘स्टार’ आदि के साथ सैकड़ों करोड़ की डील पर भी असर पडा है। इनमें से कई डील तो रद्द भी हो चुकी हैं।

बॉलिवुड की बात करें तो इस कैंपेन में नाम आने के बाद विकास बहल की फिल्म ‘सुपर30’, सुभाष कपूर की ‘मुगल’ और नाना पाटेकर की आगामी फिल्म ‘हाउसफुल 4’ में लगा हुआ 275 करोड़ रुपया भी फंस सकता है।

नवंबर में रिलीज के लिए तैयार ‘सुपर30’ में 100 करोड़ रुपया लगा हुआ है, ‘हाउसफुल 4’ का बजट 75 करोड़ रुपए रखा गया है जबकि ‘मुगल’ का बजट 100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। तीनों फिल्मों के प्रॅड्यूसर्स अपनी फिल्म को इस विवाद से बचाने के लिए सभी संभव उपाय कर रहे हैं।

‘एआईबी’ की डील देखें तो ‘On Air with AIB’ के तीसरे सीजन के लिए कुल 30 एपिसोड की योजना बनाई गई थी। वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस प्रोवाइडर ‘हॉटस्टार’ ने इस विवाद के बाद तीसरे सीजन का प्रॅडक्शन कैंसिल कर लिया है।

इसके अलावा ‘मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज’ (MAMI) ने भी दो फिल्मों ‘एआईबी’ की ‘चिंटू का बर्थडे’ और रजत कपूर की ‘Kadakh’ को मुंबई में होनेवाले मामी फिल्म फेस्टिवल से बाहर कर दिया है। ‘एआईबी’ के सदस्य गुर्सिमन खंबा और रजत कपूर दोनों यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ‘एआईबी’ के शो ‘Gormint’ का प्रडक्शन भी कुछ समय के लिए ठप हो गया है।

फिल्म ट्रेड विश्लेषक और फिल्म मैगजीन ‘Complete Cinema’ के एडिटर अतुल मोहन के अनुसार, ‘इस विवाद के बाद एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को 500 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। पिछले दिनों की बात करें तो सबसे ज्यादा नुकसान ‘एआईबी’ (AIB)और ‘फैंटम फिल्म्स’ (Phantom Films) को हुआ है। उनका कहना है कि यदि पूरे बिजनेस की बात करें तो यह आंकड़ा 500 करोड़ रुपए से ज्यादा होगा।’

यही नहीं, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के अलावा मीडिया के कई बड़े नाम भी इस कैंपेन में फंस चुके हैं। कई पत्रकारों को बाहर जाने को कह दिया गया है तो कई को प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया है। इनमें अंग्रेजी दैनिक ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के हैदराबाद के सीनियर एडिटर के.आर श्रीनिवास, वरिष्ठ पत्रकार गौतम अधिकारी और ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के प्रशांत झा का नाम शामिल है।

साभार- http://www.samachar4media.com/ से



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