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किस्से कहानियों से हिंदू धर्म के मर्म को समझाने का सार्थक प्रयास

आईएएस पी नरहरि और विश्लेषक पृथ्वीराज सिंह ने मिलकर अंग्रेजी में लिखी है नई पीढ़ी के लिए लिखी इस पुस्तक में सनातन धर्म के प्रति अँग्रेजों की दूषित मानसिकता को सामने लाने के साथ ही सनातन धर्म से जुड़े वैज्ञानिक दृष्टिकोणों पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया गया है।

ब्रिटिश काल किस तरह से सनातन धर्म को गलत दिशा में लेकर गया था। इसके साथ ही सनातन धर्म की वैज्ञानिक चीजें, जिन्हें प्रयोग के रूप में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन हम अपने दादा-दादी और नाना-नानी से कहानी के रूप में सुनते आ रहे हैं, उसी को अपनी किताब ए ग्रेट टेल ऑफ हिंदुइज्म में शामिल किया है। यह कहना है, तकनीकी शिक्षा आयुक्त पी. नरहरि का। जिन्होंने रिसर्च एनालिस्ट पृथ्वीराज सिंह के साथ मिलकर यह किताब लिखी है। श्री नरहरि कहते हैं, बचपन में सुनी कहानियों को प्रमाणिक रूप से लिखने के लिए उसके पीछे जाना पड़ा, जिसके लिए वेद और उपनिषद का अध्ययन किया। गहन शोध के साथ इस किताब को लिखने में तीन साल का समय लगा क्योंकि प्रोफेशनल व्यस्तताओं के बीच मिले समय में ही लेखन हो सका। मैं बायोग्राफी व आटोबायोग्राफी पढ़ना पसंद करता हूं लेकिन काफी समय से मेरा रुझान धर्म व अध्यात्म संबंधी पुस्तकों की तरफ भी हुआ है।

नई पीढ़ी के लिए खास होगी यह किताब…
सनातन धर्म को समझाने का हमारा तरीका लेखन की शुरुआत से तय था। हमने कहानियों के माध्यम से सनातन धर्म को समझाने का प्रत्यन किया है ताकि नई पीढ़ी आसान ढंग से इस विषय को समझ सके। अंग्रेजी में हम इसे हिंदूइज्म कहते हैं। तो इस हमने इस किताब में यह दिखाने की कोशिश की है कि हमारा सनातम धर्म किस प्रकार से आगे पांच हजार सालों के बाद भी अस्तित्व में रहेगा क्योंकि यह जीवन जीने की पद्धति है जो कि आने वाले समय में और भी प्रासंगिक होगी।

कहानियों के जरिए समझाने का प्रयास
सह-लेखक श्री पृथ्वीराज सिंह कहते हैं, जैसा कि इस पुस्तक का टाइटल है, ए ग्रेट टेल ऑफ हिंदुइज्म, इसके जरिए लोगों को बताना चाहते हैं कि यह बहुत सकारात्मक शब्द है। मेरा परिवार धार्मिक प्रवृति का रहा है तो मेरी इन विषयों को में काफी रूचि व रिसर्च रही, सोचा क्यों तक लोगों तक हिंदुइज्म को सही तरह से पहुंचाया जाए खासतौर पर नई पीढ़ी को। लगभग 1000 घंटे की रिसर्च इस बुक को लेकर रही है। कहानियों के जरिए डिकोड करते हुए किताब को लिखा गया है।

 

 

 

 

 

ये पुस्तक एमेजॉन पर भी उपलब्ध है –https://www.amazon.in/Great-Hinduism-Narahari-Prithiviraj-Singh/dp/9389647843
(प्रीति जैन पत्रकार हैं व भोपाल में रहती हैं)
संपर्क
9827080406

साभार- पीपुल समाचार से

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