आप यहाँ है :

वकीलों के बीच वैदिक न्याय व्यवस्था पर हुआ विस्तृत व्याख्यान

आर्य समाज सिकंदरा राऊ  जिला हाथरस के तत्वावधान में २३ अक्टूबर २०१३ को  एडवोकेट बार कोंसिल के विशाल कक्ष में न्याय विषयक उपदेश हुआ | प्रवक्ता थे होशंगाबाद (मध्य प्रदेश )के आचार्य श्री आनंद पुरुषार्थी जी |लगभग २ घंटे तक चले इस कार्यक्रम मे आचार्य जी ने न्याय व नैतिकता को एक दूसरे का पर्याय बताया | धन यश के लालच में अपने धंधे में बेईमानी करने वाले लोगों को जमकर लताड़ा | ईश्वर किसी भी परिस्थति में किसी भी कर्म फल को माफ़ नहीं करता है भगवान् सभी जगह होने से मन वाणी और शरीर से हमारे द्वारा किये जाने वाले कर्मों को वह देख कर वह उनका फल अवश्य देता है | अत : हम सभी को पाप कार्यों से बचना चाहिए |उपदेश के बाद वकील भाइयों के प्रश्नों के यथोचित उत्तर भी आचार्य जी ने दिए |आर्यसमाज व वैदिक धर्म की कुछ आवश्यक पुस्तकों के नाम लिखवाये व इनको बुला कर पढने की प्रेरणा दी |बार कोंसिल को सत्यार्थ प्रकाश भेंट किया |आर्यसमाज के अधिकारी प्रधान राधेश्याम गुप्ता जी की पूरी टीम के साथ और  जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार चौहान ,श्री युवराज सिंह चौहान पूर्व अध्यक्ष, गोरीशंकर गुप्ता पूर्व अध्यक्ष सहित बहुत वकील  इसमें उपस्थित थे | अर्यासमाज सिकंदरा राऊ का वार्षिकोत्सव २० से २२ अक्टूबर तक मनाया गया था जिसमे आचार्य जी वक्ता के रूप में आमंत्रित थे |

श्याम बाबू वार्ष्णेय
मंत्री आर्यसमाज
सिकंदर राऊ
जिला हाथरस

.

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top