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वाराणसी के संस्कृत के विद्वान पद्मश्री आचार्य रामयत्न शुक्ल को अमरजीत मिश्र ने बधाई दी

वाराणसी में संस्कृत भाषा की नई पौध तैयार करने वाले विद्वान आचार्य रामयत्न शुक्ल को पद्मश्री दिए जाने की घोषणा होने के बाद मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष व फिल्मसिटी के उपाध्यक्ष रहे अमरजीत मिश्र ने कामाच्छा स्थित शुक्ल के निवास पर जाकर उनका अभिनंदन किया।श्री शुक्ल का पैतृक निवास भदोही संत रविदास नगर जिले के धनतुलसी गाँव में है।पीएम मोदी की संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रहने वाले श्री शुक्ल का पद्म सम्मान के लिए चुने जाने पर भाजपा नेता श्री मिश्र ने कहा कि एक जमाना था कि जब लोग पद्म पुरस्कार पाने के लिए लॉबिंग किया करते थे,पर आज रामयत्न शुक्ल जैसे संस्कृत के प्रकांड विद्वान को केंद्र सरकार ने ढ़ूंढ़ कर सम्मानित किया।

शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले संस्कृत के प्रकांड विद्वान आचार्य रामयत्न शुक्ल को पद्मश्री सम्मान घोषित हुआ है। आचार्य रामयत्न शुक्ल 89 वर्ष की आयु में भी नई पीढ़ी को संस्कृत की मुफ्त शिक्षा देते है।

आचार्य रामरत्न शुक्ल बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 89 वर्ष की आयु में भी आचार्य रामयत्न शुक्ल नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने की मुहिम चला रहे है।

बीएचयू में प्रोफेसर से पहले उन्होंने संन्यासी संस्कृत महाविद्यालय में व्याकरण विभागाध्यक्ष के पद पर से कैरियर की शुरुआत की थी। उसके बाद शुक्ल गोयनका संस्कृत विद्यालय में प्राचार्य के पद पर नियुक्त हुए और फिर बीएचयू में उन्होंने सेवाएं दी।

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