महात्मा गाँधी को पाकिस्तान के राष्ट्रपिता बताने पर अनिल सौमित्र पर भाजपा की गाज गिरी

भोपालः अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश बीजपी के प्रवक्ता अनिल सौमित्र को बीजेपी ने पार्टी से सस्पेंड कर दिया है. बीजेपी ने अनिल सौमित्र को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) में भोपाल सीट से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादित बयान के बाद अब बीजेपी के एक और नेता ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की है.

अनिल सौमित्र ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर फेसबुक पर लिखा था, ‘राष्ट्रपिता थे,लेकिन पाकिस्तान राष्ट्र के, भारत राष्ट्र में तो उनके जैसे करोड़ो पुत्र हुए, कुछ लायक तो कुछ नालायक.’ बता दें कि अनिल सौमित्र बीजेपी मीडिया संपर्क विभाग के प्रमुख रहे थे.

अनिल सौमित्र ने राष्ट्रपिता को लेकर 12 घंटे पहले लगाई गई अपनी विवादित पोस्ट को अभी तक डिलीट नहीं किया है. बल्कि इसके बाद उन्होंने इसके बचाव में कई अलग-अलग पोस्ट डाली. अनिल सौमित्र ने अपने अगली पोस्ट में लिखा. ‘फेसबुक विचार-विनिमय का मंच है. इसे दुष्ट लोग षड्यंत्र और व्यक्तित्व हनन का माध्यम बनाते हैं. यह अनुचित है. मित्र के साथ छल आपको पाप का भागी बना सकता है.’

इसके बाद अनिल सौमित्र ने लिखा, ‘हमने महात्मा गांधी के विचारों को पंच-निष्ठाओं में अपनाया, उनके रामराज्य के स्वप्न को साकार करने की दिशा में बढ़ रहे हैं. उनके स्वच्छता विचार को राष्ट्रीय मिशन बनाया. किंतु कांग्रेस ने क्या किया? षडयंत्रपूर्वक नकली गांधी विकसित कर उनके गांधी नाम का बेजा इस्तेमाल ? पीढी दर पीढ़ी उनके नाम पर वोट बटोरे, सत्ता हासिल की और उनके विचारों को रोज हलाल करते रहे. गांधी विचारों का हत्यारा कौन है? बौद्धिक विमर्श की बजाय टुच्ची राजनीति और षड्यंत्र करने वाले भी गांधी विचार के हत्यारे हैं.’

अनिल सौमित्र ने अपन सभी पोस्ट पर अपने बयान के समर्थन और उसे निजी करार देते हुए इस पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा है.

वह अपनी पोस्ट्स के जरिए लगातार यह कहते दिख रहे हैं कि किसी भी व्यक्ति का विचार उसकी पार्टी का विचार नहीं होता है. किसी पार्टी का प्रवक्ता भी 24 घंटे पार्टी का प्रवक्ता नहीं होता है. वह पार्टी की तरफ से आधिकारिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संवाद करता है.