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कुंभ मे घर के बुजुर्गों को लावारिस छोड़ जाते हैं घऱ वालेःराज ठाकरे

इंदौर। लोगों से जब उनके बूढ़े मां-बाप का पालन-पोषण नहीं होता है तो वे उन्हें कुंभ में लेकर आते हैं और लावारिस छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए हमें काम करना होगा। यह बात शुक्रवार को भय्यू महाराज द्वारा गुरुपूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कही।

उन्होंने बताया करीब 12 साल पहले नासिक कुंभ के बाद एक दिन मैं सुबह घूम रहा था तो मैंने देखा फुटपाथ पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग हैं। मैंने कार्यकर्ताओं से कहा- इनसे पूछों क्या हुआ है। कार्यकर्ताओं ने बताया ये लोग महाराष्ट्र के बाहर के हैं और मराठी नहीं हैं। फिर पता चला कि इनके बच्चे इन्हें यहा पर छोड़ गए हैं। भय्यू महाराज अपने समाजिक कार्य के कारण मुझे पंसद है।

अभी नासिक में कुंभ चल रहा है। कुंभ के बाद हमें भय्यू महाराज की जरूरत पड़ेगी, जो काम सरकार को करना चाहिए वह भय्यू महाराज कर रहे हैं। हर जिलें में भय्यू महाराज होने चाहिए। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व सिंचाई मंत्री हषवर्धन पाटील, अनिल देशमुख, मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री दीपक जोशी, शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी महाराज आदि मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने सारंग गोसावी को सूर्योदय मानवता सेवा पुरस्कार दिया। गोसावी ने जम्मू-कश्मीर के 12 जिलों के 30 गांवो के युवकों को जागृत करने का कार्य किया है। वे पिछले 10 सालों से वहां के युवाओं को कम्प्यूटर प्रशिक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का उचित दोहन, कन्फेशनरी उत्पाद निर्माण जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया है। इससे पहले यह पुरस्कार अन्‍ना हजारे, बाबा आमटे, उज्ज्वल निकम, वेद प्रताप वैदिक आदि को दिया जा चुका है। कार्यक्रम की शुरुआत में दो मिनट का मौन रख पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी गई।

 

साभार- दैनिक नईदुनिया से 

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