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अश्वनी महाजन ने फाईनेंसयल टाईम्स को दिखाया आईना

‘स्वदेशी जागरण मंच’ के राष्ट्रीय संयोजक अश्वनी महाजन ने उन्होंने ट्विटर को टैग करते हुए शिकायत की कि यह ट्विटर हैंडल हमारे देश के झंडे का अपमान कर रहा है। उसके बाद से वह ट्वीट वायरल होता चला गया। ‌ दरअसल वह अखबार था ‘फाइनेंसियल टाइम्स’ (Financial Times) और खबर थी पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों पर एक आलोचनात्मक कॉलम। इसमें फोटो की जगह लगा हुआ था तिरंगा, जिसमें चक्र को कई टुकड़ों में दिखाया गया था।

‘फाइनेंसियल टाइम्स’ के चीफ फॉरेन कॉलमिस्ट गिडियोन‌ रैचमैन (GIDEON RACHMAN) हर हफ्ते दुनिया भर की हस्तियों से जुड़ा अपना एक कॉलम ‘ द रैचमैन रिव्यू’ लिखते हैं। इस बार उनके निशाने पर थे पीएम मोदी। कॉलम की हेडिंग थी-‘India’s Narendra Modi has had a free pass from the West for too long।’

इस कॉलम में उन्होंने नरेंद्र मोदी की दुनिया भर के नेताओं से मुलाकातों के बाद जो छवि बनी है, उस पर तो चर्चा की ही, नरेंद्र मोदी का दूसरा चेहरा भी दिखाने की कोशिश की कि कैसे उनकी अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों की वजह से, अनुच्छेद 370 हटाने की वजह से देश-दुनिया में आलोचना होती है।

यहां तक तो शायद कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन उस कॉलम के साथ एक ग्राफिकल फोटो लगाई गई, जिसमें तिरंगा बना हुआ था और तिरंगे के बीच के चक्र को तोड़कर कई भागों में बांट दिया गया था। हालांकि, चित्र सांकेतिक था और खबर के मिजाज को बता रहा था, लेकिन कानून के मुताबिक अब नेशनल फ्लैग के साथ कोई भी तोड़-मरोड़ नहीं कर सकते हैं और इसी को लेकर अश्विनी महाजन ने मुद्दा बना दिया।

‘फाइनेंसियल टाइम्स’ को भी शायद अपनी गलती महसूस हुई और उस तस्वीर की जगह मोदी का एक फोटो लगा दिया लेकिन लोगों ने तिरंगे की वो तस्वीर सेव कर ली थी। अब उन्हें ऐतराज है कि क्यों अखबार ने माफी नहीं मांगी और न ही खेद जताया। केवल तस्वीर बदलकर इतिश्री कर दी। ऐसे में लोग सोशल मीडिया पर 1971 के ऑनर एक्ट के मुताबिक अखबार पर एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं।

साभार https://www.samachar4media.com/ से

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