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अरुण तिवारी
 

  • यात्रा, कांग्रेस और जन-जोड़ के चुम्बक

    यात्रा, कांग्रेस और जन-जोड़ के चुम्बक

    जयराम रमेश, आजकल कांग्रेस के संवाद एवम् मीडिया विभाग के प्रमुख हैं। विपक्षी दलों के एलायंस यानी गठबंधन को लेकर उन्होने असंतोष जताया; कहा कि कांग्रेस से गठबंधन करने वालों ने कांग्रेस से लिया ही लिया है

  • पदयात्राएँ कुछ न कुछ तो बदलती ही हैं

    पदयात्राएँ कुछ न कुछ तो बदलती ही हैं

    चरेवैति...चरेवैति - लक्ष्य मिले न मिले, चलते रहिए। इसका मतलब यह है कि चलते रहिए। चलते रहेंगे तो आपके द्वारा तय लक्ष्य मिले न मिले; कुछ न कुछ हासिल तो होगा ही। पदयात्राओं का सच यही है।

  • असम की बाढ़  : कारण और निवारण के बीच फंसे लोग

    असम की बाढ़ : कारण और निवारण के बीच फंसे लोग

    इसके लिए परपंरागत बाढ़ क्षेत्रों व हिमालय जैसे संवेदनशील होते नये इलाकों में समय से पूर्व सूचना का तकनीकी तंत्र विकसित करना जरूरी है।

  • असम की बाढ़  : कुछ सवालों के जवाब जरूरी  हैं

    असम की बाढ़ : कुछ सवालों के जवाब जरूरी हैं

    गुडगांव की भू-आकार देखिए। गुड़गांव एक ऐसा कटोरा है, जिसकी जलनिकासी को सबसे ज्यादा साबी नदी का सहारा था। हरियाणा ने साबी का नाम बदलकर बादशाहपुर नाला और दिल्ली ने नजफगढ़ नाला लिखकर नदी को नदी रूप में बनाये रखने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। तिस पर गलती यह कि बादशाहपुर नाले को कंक्रीट का बना दिया गया है।

  • दो बूंद गंगाजल

    दो बूंद गंगाजल

    नूतन पुत्र भूल जायें; दरबारी भूल जायें; किंतु क्या मर्यादा पुरुषोत्तम कहे जाने वाले श्रीराम भूल सकते हैं कि यह गंगा ही है, जिसने कभी उनके पुरखों का तारा ? मां गंगा भी राजा भगीरथ को कैसे भूल सकती है। मां गंगा को अभी भी ऋषिकुमार के जी उठने की आस है।

  • गंगाजल

    गंगाजल

    छटपटाने की बात तो थी ही। लालवर्णी रश्मियों के असमय आगमन से छटपटाहट बढ़ गई। राजाओं के राजा…गिरिराजों के महाराज – पर्वतराज हिमालय के आसन पर कोई विशेष फर्क नहीं पड़ा। वह अभी भी पांच सेंटिमीटर प्रति वर्ष की गति से उत्तर की ओर गतिमान थे।

  • मजदूर दिवस पर मजदूर नेता रामदेव सिंह की कहानी जिन्होंने हिंडाल्को मैनेजमेंट की चूलें हिला दीं

    मजदूर दिवस पर मजदूर नेता रामदेव सिंह की कहानी जिन्होंने हिंडाल्को मैनेजमेंट की चूलें हिला दीं

    हड़ताल पर हड़ताल होते गए, नेता रामदेव सिंह का नाम पहले राज्य के राजनीति में फिर केंद्र की राजनीतिक गलियारों तक पहुँच गया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से रामदेव सिंह ने कई बार मीटिंग की। केन्द्रीय मंत्री रहे राजनारायण और प्रभुनारायण तो उनके संघर्ष के साथी रहे।

  • …क्योंकि हम ज़िंदा हैं।

    …क्योंकि हम ज़िंदा हैं।

    अखबार आया नहीं, टेलीविजन बंद है। लिहाजा शांति है, सूकून है, सन्नाटा है।

  • बंद हो गैरसेण को राजधानी बनाने के बहकावे का खेल

    बंद हो गैरसेण को राजधानी बनाने के बहकावे का खेल

    गौर कीजिए कि ऐसे ही कारणों से उत्तराखण्ड के 92 में से 71 नगरों में आपूर्ति किए गये पानी की मात्रा, तय मानक से कम बनी हुई है। ऐसे में यह उत्तराखण्ड की स्थाई राजधानी देहरादून व गैरसैण

  • हर पल होली कहलाता है।

    हर पल होली कहलाता है।

    अबकी होरी, मोरे संग होइयो हमजोरी। डरियों इतनो रंग कि मनवा अनेक, एक होई जाय।

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