आप यहाँ है :

बालेन्दु शर्मा दाधीच
 

  • हिन्दी सम्मेलनः क्या खोया-क्या पाया ?

    हिन्दी सम्मेलनः क्या खोया-क्या पाया ?

    अनेक विद्वानों ने अनेक कोणों से दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन की आलोचना की है। नकारात्मकता का यह उद्घोष भी कहीं न कहीं हिंदी भाषा-संसार की सकारात्मकता और जीवंतता की ओर संकेत करता है।

  • भाषा को कैसे ‘सेलिब्रेट’ किया जाता है, भोपाल ने सिखाया

    भाषा को कैसे ‘सेलिब्रेट’ किया जाता है, भोपाल ने सिखाया

    अनेक विद्वानों ने अनेक कोणों से दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन की आलोचना की है। नकारात्मकता का यह उद्घोष भी कहीं न कहीं हिंदी भाषा-संसार की सकारात्मकता और जीवंतता की ओर संकेत करता है।

    • By: बालेन्दु शर्मा दाधीच
    •  ─ 
    • In: खबरें

Back to Top