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भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी
 

  • खुद मियाँ फजीहत…

    खुद मियाँ फजीहत…

    मैं कलमघसीट इतना ही लिख पाया था कि मेरे दाहिने हाथ में सप्ताह भर से हो रहा दर्द एकाएक बढ़ गया, तीव्र वेदना होने लगी। इस लिए लेखन कार्य को विराम देना पड़ा।

    • By: भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी
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    • In: व्यंग्य

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