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डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी
 

  • पहली कहानी -शक्तिहीन

    पहली कहानी -शक्तिहीन

    वह वैश्या चौंक गई, उसने एक झटके से मेरी तरफ मुंह घुमाया। मैंने जीवन में पहली बार उसका चेहरा गौर से देखा। धब्बेदार चेहरे में उसकी आंखों के नीचे के काले घेरे आंसुओं से तर थे। वह मुझे घूर कर देखती हुई लेकिन डरे हुए शब्दों में बोली, "हां… आपको… ठीक लग रहा है।"

    • By: डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी
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    • In: कहानी
  • नवरात्रि के नौ दिन

    नवरात्रि के नौ दिन

    सप्तम स्वरुप कालरात्रि का अर्थ है कि समय समाप्त होते ही केवल रात्रि रह जाती है, अन्धकार ही रह जाता है। लेकिन चेतना का अर्थ केवल प्रकाश नहीं है। प्रकाश मानसिक चेतना का

  • रावण से राम तक

    यह दो बातें मेरे अनुसार यह दर्शाती हैं कि रावण के कई गुण और अवगुण हम सभी में हैं। इन्हीं गुणों/अवगुणों का सही तरह मंथन करें तो राम तक पहुंचा जा सकता है।

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