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गौतम राजऋषि
 

  • एक सैनिक की व्यथा

    सुना है, चाहते हो छीनना वो सारे हक़ मुझसे कभी मुझको दिये थे तुमने जो ये (छद्म) जंग लड़ने को बहुत मुश्किल था जिसको जीतना है

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