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जयराम शुक्ल
 

  • पीछे बँधे हैं हाथ मगर शर्त है सफर..!

    पीछे बँधे हैं हाथ मगर शर्त है सफर..!

    भविष्य की एक और कल्पित तस्वीर सामने है, ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर। भाजपा यदि इन उप चुनावों में जीत जाती है तो सिंधिया का कद “लार्जर दैन लाइफ” हो जाएगा। उनके गुट के मंत्रियों के लिए अभी भी भाजपा नहीं

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