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कविता वाचक्नवी
 

  • फटी जींस की फटा-फट   डॉ. कविता वाचक्नवी

    फटी जींस की फटा-फट डॉ. कविता वाचक्नवी

    वर्ष 2002 में पण्डित विद्यानिवास मिश्र जी के साथ लगभग 2 घण्टे से अधिक समय मैंने बहुत गम्भीर बातचीत करते हुए बिताया था, जिसे पश्चात् 'हिन्दुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज' ने विद्यानिवास जी पर केन्द्रित एक विशेषाङ्क में प्रकाशित भी किया।

  • अमरीका के ह्यूस्टन में प्रकृति के खौफ का ये  नज़ारा आपको सिहरा देगा

    अमरीका के ह्यूस्टन में प्रकृति के खौफ का ये नज़ारा आपको सिहरा देगा

    सौभाग्य से हमारे घर में गैस का फायरप्लेस है, जिसे मैंने स्वयं कुछ वर्ष पूर्व faux wood logs ( कृत्रिम लकड़ी के लट्ठ जो मूलतः सीमेण्ट जैसे किसी पदार्थ से बने होते हैं) से सजावटी प्रयोग हेतु तैयार किया था।

  • सार्थक का निराला एवँ स्त्री लेखन अंक

    सार्थक का निराला एवँ स्त्री लेखन अंक

    'सार्थक' के जनवरी अंक को 12,000 से अधिक पाठकों ने पढ़ा था। आशा है लेखकों की रचनाधर्मिता को और भी बड़े एवं समृद्ध पाठकवर्ग तक पहुँचाने में आप गतांक की भाँति सहयोगी बनेंगे। लेखकों एवं पाठकों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद के साथ निवेदन है कि वे पत्रिका को अपने मित्रों परिचितों से भी बाँट सकते हैं।

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