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आधुनिक दौर में वृध्द समाज की मुश्किलें
इसी तरह मनोरंजन के साधन भी उस स्थान पर कुछ इस तरह जुटाए जाए ताकि किसी एक पर उसका भार न पडे, सप्ताह के हर दिन हमारे शरीर की क्षमता के आधार पर व्यायाम ,योग ,सुबह शाम घूमने जाना आदि करते हुए अपने आसपास के वातावरण को स्वस्थ बनाए रखने में सथा संभव प्रयास करें ।
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हिंदी साहित्य भारती आन्ध्रप्रदेश इकाई राष्ट्र वंदन अतीत का अभिनंदन
एक आभासी (गूगल मीट) गोष्ठी का आयोजन दिनाँक 26-06-2022 को हिंदी साहित्य भारती आन्ध्रप्रदेश इकाई व्दारा राष्ट्र वंदन अतीत का अभिनंदन रामधारीसिंह दिनकर जी को उनके कृतित्व पर समसामयिक जीवनदर्शन पर किया गया ।
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भाषा और बोलियों के संकट पर एक विमर्श
विशिष्ट वक्ता, डॉ. वत्सला ने कहा कि सभी को अपनी मातृभाषा को सम्मान देना चाहिए और अन्य भारतीय भाषाओं को भी सीखने की कोशिश करनी चाहिए। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए भाषा एवं साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बरेन सरकार ने सभी से अपनी मातृभाषा में हस्ताक्षर करने की अपील की।
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‘विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम’ का तीसरा वार्षिकोत्सव दो सत्रों में संपन्न
इस आयोजन में अध्यक्षा लता जी के पिताजी की स्मृति में 'स्व गोल्ती शाम्भुमूर्ति आचारी साहित्य भूषण सम्मान' डॉ संजीव कुमार जी को उनके साहित्यिक योगदान के लिए विभूषित करने का निर्णय लिया। यह सम्मान हर वर्ष किसी एक वरिष्ठ
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हैदराबाद में राष्ट्रीय संगोष्ठी
बद्रुका कालेज आफ कामर्स काचिगुडा-हैदराबाद के सभागार में भारत उत्थान न्यास – व्दितीय आमसभा- एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
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अक्षरवनम्-एक गुरूकुल ऐसा भी…।
इस जगह पर बच्चे स्वयं ही अपने सभी साथियों का भोजन बनाते है ।यहाँ पर जो संसाधन उपलब्ध है बच्चे यहाँ खेती-किसानी, गौशाला(25 गाँयें है .उनकी देख रेख) बागवानी (साग-सब्जियाँ उगाना), वेल्डिग,.बिजली का काम, बढाई का काम
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“सृजन” ने किया व्यंग्य साहित्य चर्चा का आयोजन
भारती शर्मा के व्यंग्य लेख “ समाज एक दुधारी तलवार” में आज महिलाओं की स्थिति और पुरुष प्रधान समाज की सोच पर करारा कटाक्ष किया।
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गांधी व शास्त्री जयंती मनाई
इच्छापुरम,मुनिसपल के गाँधी पार्क मे उत्साह के साथ गांधी जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ,सचिवालय ,मुनिसिपल कार्यलय के समस्त कर्मचारियों व अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में मुनिसिपल कमिश्नर श्री एल राम लक्ष्मी जी की अध्यक्षता में और मुनिसपल चेयर पर्सन श्रीमती पी राज्य लक्ष्मी जी, दीप प्रज्वल्लन,माल्यार्पण चेयर पर्सन व एक वरिष्ठ नागरिक […]
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आपके नाम एक यादगार ग़ज़ल संग्रह
डॉ. भवानीशंकर मिश्र ‘विरंचि’ ब्रह्मपुर ओडिशा के व्दारा रचित प्रथम गजल संग्रह में अपने सरल व सहज रूप में इस संग्रह को सभी वर्ग के पाठको के लिए लिखा है, अत्यंत ही सराहनीय है।
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जलियाँवाला, हम तुझे कैसे भुल पाएँगे
हर किसी की आरजू का फिर एक अंदाज रहता होगा जब कोई इस तरह भी रहकर सबके साथ बहता होगा मौत तो बता कर आती नहीं कैसे ऐसी मौत सहता होगा