आप यहाँ है :

मानवी कपूर
 

  • एक डोर में बांध रहा किताबों का प्यार

    एक डोर में बांध रहा किताबों का प्यार

    संकोची स्वभाव वाली एक महिला जैसे ही लोगों से भरे एक कमरे में दाखिल होती है तो उसे सारे लोग चुप्पी साधे हुए नजर आते हैं। वह हिचकिचाहट के साथ एक किताब उठाती है और उसे पढ़ना शुरू कर देती है। थोड़ी देर बाद वह भावविभोर हो रहे श्रोताओं की तरफ देखती है तो कुछ लोग अपनी हथेलियों पर ठुड्डी को रखे हुए आराम की मुद्रा में दिखाई देते हैं।

Back to Top