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सआदत हसन मंटो
 

  • देश के बँटवारे के बाद सीमा पर स्थित पागलखाने का विवाद कुछ यूँ सुलझा

    देश के बँटवारे के बाद सीमा पर स्थित पागलखाने का विवाद कुछ यूँ सुलझा

    बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि अख्लाकी कैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल हिन्दुस्तान के पागलखानों में हैं उन्हें पाकिस्तान पहुंचा दिया जाय और जो हिन्दू और सिख पाकिस्तान के पागलखानों में है उन्हें हिन्दुस्तान के हवाले कर दिया जाय।

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