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प्रशांत पोळ
 

  • डॉ. आंबेडकर जी से गद्दारी करने वाली कांग्रेस

    डॉ. आंबेडकर जी से गद्दारी करने वाली कांग्रेस

    संविधान सभा की बैठकों के वृत्त में यह लिखा गया हैं की डॉ. आंबेडकर जी ने देशद्रोह की धाराओं पर आग्रही भूमिका ली थी और यह धाराएं अपने कठोर रूप में रहे, यह सुनिश्चित किया था. विगत सप्ताह कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में देशद्रोह की धारा 124 A हटाने का वचन दिया..!

  • जालियांवाला बाग नरसंहार की खौफनाक दास्तान

    जालियांवाला बाग नरसंहार की खौफनाक दास्तान

    जनरल डायर के इस करतूत पर इंग्लैंड के दोनों सदनों में चर्चा हुई. हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने उसे पूर्णतः दोषमुक्त करार दिया. हाउस ऑफ कॉमन्स ने बस एक छोटीसी टिप्पणी कर के इतिश्री कर दी. जनरल डायर को मोटी पेंशन मंजूर की गई.

  • खूब मनाओ होली- होली खेलने से जितना पानी खर्च होता है उतना ही स्नेह और सद्भाव का रंग चढ़ता है

    खूब मनाओ होली- होली खेलने से जितना पानी खर्च होता है उतना ही स्नेह और सद्भाव का रंग चढ़ता है

    उन दिनों होली दबे पांव आती थी. और फिर, सर्द सुबह की गरमागरम चाय जैसे पहली चुस्की के साथ ही शरीर में घुलने लगती हैं, वैसे ही घुलने लगती थी – घर में, गली में, मुहल्ले में, शहर में, वातावरण में....

  • कश्मीर फाईल्सः   तब आप क्या कर रहे थे..?

    कश्मीर फाईल्सः तब आप क्या कर रहे थे..?

    शेख अब्दुल्ला, फारुख अबुल्ला और ओमर अब्दुल्ला की खासमखास काँग्रेस पार्टी क्या कर रही थी ? - जितने वामपंथी यह सवाल उठा रहे हैं, उनसे पूछना हैं, वे क्या कर रहे थे? वी. पी. सिंह सरकार को उनका भी तो समर्थन था.

  • भारतीय स्वाभिमान का चेहरा – धरमपाल

    भारतीय स्वाभिमान का चेहरा – धरमपाल

    लगभग एक दर्जन लोगों का यह समूह हैं. सात – आठ पुरुष और चार – पांच महिलाएं. प्रत्येक के पास कुछ समान, कुछ डिब्बे और कुछ थोड़े बर्तन हैं. ये युवक इन लोगों से पूछता हैं, “आप सब कौन हो और कहाँ जा रहे हो...?” उन लोगों में मुखिया जैसा दिखने वाला बुजुर्ग उत्तर देता हैं की वे सब पिछले ढाई महीने से तीर्थयात्रा के लिए निकले हैं.

  • जिसके सुरों से संगीत जादू बन जाता था

    जिसके सुरों से संगीत जादू बन जाता था

    चित्रमहर्षि और फ़िल्मकार भालजी पेंढारकर यह हिन्दुत्व के प्रखर समर्थक थे. १९४८ में गांधी हत्या के बाद, महाराष्ट्र में ब्राह्मणों के घरों को बड़ी संख्या में जलाया गया था. उस में भालजी पेंढारकर जी का ‘जयप्रभा स्टुडियो’ जलाकर राख़ कर दिया

  • ‘विनाश पर्व’ में है अंग्रेजोें की लूट का कच्चा चिठ्ठा

    ‘विनाश पर्व’ में है अंग्रेजोें की लूट का कच्चा चिठ्ठा

    सन १८२६ में, अपने मृत्यु से कुछ दिन पहले, बिशप रेजीनाल्ड हेबर ने लिखा की, “हम (अंग्रेज़) जितना कर वसूलते हैं, उतना कोई भी भारतीय राजा नहीं वसूलता और पहले भी नहीं वसूला था”. बंगाल में शासन में आने के मात्र ३० वर्षों में जमीन

  • स्वामी विवेकानंद के समय देश किन परिस्थितियों से जूझ रहा था?

    स्वामी विवेकानंद के समय देश किन परिस्थितियों से जूझ रहा था?

    अर्थात हम किसी भी पह्लू से देखें तो यह बात सुनिश्चित है कि स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा क्रांतिकारियों को, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मिली. स्वातंत्र्यवीर सावरकर मार्सेलिस में पकडे जाने के बाद, काले पानी (अंडमान) जाने तक रोज स्वामी जी की कर्मयोग यह पुस्तक पढ़ते थे.

  • त्रिची  का दो हजार वर्ष पुराना बाँधः एक अजूबा है शानदार इंजीनियरिंग का

    त्रिची का दो हजार वर्ष पुराना बाँधः एक अजूबा है शानदार इंजीनियरिंग का

    दो हजार वर्ष पहले इस बांध से ६९,००० एकड़ का क्षेत्रफल सिंचाई के अंतर्गत आता था. आज दस लाख एकड़ क्षेत्रफल की सिंचाई, इस बांध से व्यवस्थित हो रही हैं. *यह पूरा क्षेत्र हरा – भरा रहता हैं. जहां तक नजर जाती हैं,

  • इतिहास के वे सुनहरे पन्ने जो हमें पढ़ाये ही नहीं गए

    इतिहास के वे सुनहरे पन्ने जो हमें पढ़ाये ही नहीं गए

    दिनेश जी के साथ मैं फिर तंजावुर वापस आया। तंजावुर के राजा भोसलें जी का सरस्वती महल देखना था। यह महल साधारण सा है। तामझाम नहीं है। बिलकुल नाम के अनुसार ही सरस्वती का निवासस्थान है।

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