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प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज
 

  • पढ़े-लिखों को न अपने बारे में कुछ पता है न देश के बारे में

    पढ़े-लिखों को न अपने बारे में कुछ पता है न देश के बारे में

    मैं दर्शन, राजनीति शास्त्र और इतिहास का विद्यार्थी हूं। यूरोप के इतिहास का विस्तार से अध्ययन किया है। इसलिए मुझे तो मालूम ही था कि सत्य क्या है। मैंने उससे पूछा कि यह जानते हो कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का अपना कोई विश्वविद्यालय भवन 19वीं शताब्दी ईस्वी के प्रारंभ तक नहीं था ? तो उसे यह नहीं पता था।

  • विश्व का सर्वाधिक न्यायपूर्ण और स्वतंत्र समाज रहा है हिन्दू समाज

    विश्व का सर्वाधिक न्यायपूर्ण और स्वतंत्र समाज रहा है हिन्दू समाज

    इस प्रकार इस बात के भरपूर और प्रचुर प्रमाण हैं कि जातियां कुलों और व्यवसायों का ऐसा व्यवस्थित तथा सर्वमान्य समूह हैं जो ईसाइयत या इस्लाम आदि के जन्म से हजारों हजार साल पहले से अत्यन्त व्यवस्थित रहे हैं,

  • गीता, कुरान और बाईबिल को साथ में पढ़ाने का मूढ़तापूर्ण आग्रह

    गीता, कुरान और बाईबिल को साथ में पढ़ाने का मूढ़तापूर्ण आग्रह

    स्पष्ट है कि बच्चों के लिये इन तीनों पुस्तकों पर पाठ्यक्रम के लिये लिखने वाले लोग आचार्य विनोबा भावे से बड़े विद्वान नहीं होंगे। यह असंभव है कि उनसे बड़ा कोई विद्वान इस विषय पर पाठ्यक्रम के लिये लिखे।

  • आलोचनाओँ से नेताजी का कद छोटा नहीं हो जाता

    आलोचनाओँ से नेताजी का कद छोटा नहीं हो जाता

    यह सही है कि गुरूदेव श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर ने उनसे यह स्पष्ट प्रश्न किया था कि स्वाधीन भारत में भविष्य में मुस्लिमों की समस्या आयेगी तो उसका समाधान तुम कैसे करोगे। इस पर उन्होंने उत्तर दिया था

  • विश्व का सर्वाधिक संगठित समाज है हिन्दू समाज

    विश्व का सर्वाधिक संगठित समाज है हिन्दू समाज

    इसके स्थान पर आतताईयों को हिन्दू समाज का सहज अंग मान्य करना हिन्दू समाज संगठन के आधारों के प्रति अश्रद्धा या अज्ञान का ही प्रमाण है। निश्चय ही हिन्दू समाज संगठन के समक्ष सबसे बड़ा संकट यही है कि लोकतंत्र में जनसंख्या

  • आधुनिक विज्ञान का आधार है भारत का प्राचीन ज्ञान

    आधुनिक विज्ञान का आधार है भारत का प्राचीन ज्ञान

    सभ्यताओं का विनाश और विलोप होता ही रहता है इसलिये महाभारत युद्ध के बाद भारत में अनेक विद्याओं का विलोप होना स्वाभाविक था। तब भी यह सर्वविदित है कि जितने विविध प्रकार के और जितने प्रचंड शस्त्रस्त्रों का वर्णन रामायण

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