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सुधाकर अदीब
 

  • वर दे, वीणा वादिनि वर दे  !

    वर दे, वीणा वादिनि वर दे !

    प्रकृति जब शीतकाल के अवसान के पश्चात् नवल स्वरुप धारण करती है, तब मनुष्य धरती पर विद्या और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का आह्वान एवं पूजन करते हैं, जो उनमें नव रस एवं नव स्फूर्ति का संचार करती है.

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