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बरुण कुमार सिंह
 

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    सामायिक क्लब उसी दिशा में कार्यशील है। इसने समाज को नया दिशाबोध दिया है। सामायिक क्लब का हजारों व्यक्तियों का वृहद् परिवार है,

  • पवार हुए पावरफुल और शाह को मिली मात

    पवार हुए पावरफुल और शाह को मिली मात

    भाजपा को सरकार गठन के मामले में उतावलापन दिखाने से बचना चाहिए था। आखिर उसने कर्नाटक के अनुभव से कोई सबक क्यों नहीं सीखा?

  • जैन तीर्थ के अस्तित्व को अक्षुण्ण रखा जाएगा: सुदर्शन भगत

    जैन तीर्थ के अस्तित्व को अक्षुण्ण रखा जाएगा: सुदर्शन भगत

    केन्द्रीय मंत्री श्री सुदर्शन भगत ने झारखंड राज्य के गिरडीह जिले के श्री सम्मेदशिखरजी तीर्थ यानी पाश्र्वनाथ हिल को जैनों का प्रमुख तीर्थस्थल होने के कारण उसकी पवित्रता एवं ऐतिहासिकता को

  • राष्ट्रभाषा हिन्दी तेरी यही कहानी

    इंसाफ की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीमकोर्ट में आज भी राष्ट्रभाषा में बहस बेमानी है इंसाफ की तराजू पर राष्ट्रभाषा हारी है

    • By: बरुण कुमार सिंह
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    • In: कविता
  • स्काईकैण्डल की सीईओ अदिती जोशी ‘नारी शक्ति सम्मान 2017’ से सम्मानित

    स्काईकैण्डल की सीईओ अदिती जोशी ‘नारी शक्ति सम्मान 2017’ से सम्मानित

    स्काई कैंडल की सह संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री अदिती जोशी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में ‘नारी शक्ति सम्मान 2017’ से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड उन्हें युवा व्यवसायी के रूप में विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों के लिए दिया गया है। उनका आॅनलाइन व्यवसाय में उल्लेखनीय योगदान है। एलटीजी सभागार, मंडी हाउस में श्री गीता जयंती समारोह समिति द्वारा आयोजित भव्य समारोह में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू ने यह सम्मान सुश्री जोशी को प्रदत्त किया। संस्था के अध्यक्ष श्री राजकुमार भाटी ने शाॅल और पुष्प गुच्छ भेंट कर सुश्री जोशी का सम्मान किया। समारोह की अध्यक्षता महापौर दिल्ली श्रीमती सत्या शर्मा ने की।

  • तीन तलाक: फैसला संविधान पीठ करेगी

    तीन तलाक: फैसला संविधान पीठ करेगी

    हमारे समाज में एक सोच बहुत ज्यादा प्रभावशाली है और वो है बिना सोचे-समझे किसी प्रथा को जन्म दे देना। संपूर्ण ज्ञान ना होते हुए भी लोग परम्पराओं को मान देने लगते हैं फिर चाहे वे किसी अन्य के लिए दुखदायी ही क्यों ना हो।

  • विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन

    विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन

    भारतीय परम्परा में विश्वास का बंधन ही मूल है। रक्षाबंधन इसी विश्वास का बंधन है। यह पर्व मात्र रक्षा-सूत्र के रूप में राखी बांधकर रक्षा का वचन ही नहीं देता, वरन प्रेम, समर्पण, निष्ठा व संकल्प के जरिए हृदयों को बांधने का भी वचन देता है।

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