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बटुए में है कार्ड तो रहें सतर्क, राह चलते निकल जाएंगे रुपये

नई दिल्लीः जेब में क्रेडिट-डेबिट कार्ड लेकर घूम रहे हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइए। आपके बगल से गुजरने वाला कब रुपये निकाल लेगा, भनक भी नहीं लगेगी। न पिन पूछेगा और न ही ओटीपी। जब तक ट्रांजेक्शन का मेसेज देखेंगे, तब तक देर हो चुकी होगी। ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर बिसरख पुलिस ने यह खुलासा किया है। वह पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन लेकर चलता था। मशीन में 1999 रुपये डालता और मॉल, मार्केट, मेट्रो जैसी भीड़ वाली जगहों पर लोगों की जेब के पास सटा देता था। वाईफाई कार्ड से रुपये निकल जाते और लोगों को भनक भी नहीं लगती। वाईफाई वाले कार्ड में 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन में पिन की जरूरत होती है।

डीसीपी नोएडा सेंट्रल हरीश चंदर ने बताया कि बिसरख कोतवाली पुलिस को डेबिट-क्रेडिट कार्ड से रुपये निकलने की शिकायतें मिल रही थीं। मर्चेंट कॉटन क्लब के नाम से ट्रांजेक्शन हो रहा था। हर मामले में कार्ड वाईफाई वाले थे। सर्विलांस की मदद से जांच शुरू हुई तो पलवल (हरियाणा) के बासुआ गांव निवासी दिनेश जाट गिरफ्तार किया गया। वह अभी ग्रेनो वेस्ट के गौड़ सिटी सोसायटी में रह रहा था। उसके पास से वाईफाई वाली पीओएस मशीन मिली है। दिनेश ने पुलिस को बताया कि मशीन में 1999 रुपये फीड कर अपनी जेब में रख लेता था। भीड़ वाले स्थानों जैसे मॉल, मेट्रो स्टेशन, बैंक आदि में लाइन में खड़ा होकर लोगों की जेब से टच कर देता था। वाईफाई कार्ड होने की वजह से बगैर पिन डाले रुपये निकल जाते थे। गाजियाबाद और ग्रेनो के सैकड़ों लोगों के रुपये इस तरह निकाल चुका था। इस गैंग के बाकी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पीओएस मशीन कहां से आई, यह भी पता लगाया जा रहा है।

ऐसे रखें कार्ड सुरक्षित

– संभव हो तो आरएफआईडी सिक्योर पर्स या बटुआ इस्तेमाल करें
– एक साथ कई कार्ड बटुए में रखकर न चलें
– कोशिश करें कि कार्ड को बटुए से अलग स्टील कार्ड होल्डर में रखें
– स्टील कार्ड होल्डर को हमेशा ऊपर की जेब में रखें
– कई बैंक ऐप पर वाईफाई डिसेबल की सुविधा देते हैं, जिसे एक्टिवेट कर सकते हैं
– ऐप के जरिए वाईफाई ट्रांजेक्शन की लिमिट अपने कार्ड में न्यूनतम रखें

साभार- नभारत टाईम्स से

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