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रिपब्लिक शुरु होने पहले अर्णव गोस्वामी ने की ‘दिल की बात’

वरिष्‍ठ पत्रकार अर्णव गोस्‍वामी के बहुप्रतीक्षित वेंचर ‘ रिपब्लिक टीवी’ का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। चारों तरफ इसकी ही चर्चा हो रही है।लोगों ने इसको लेकर अभी से तमाम उम्‍मीदें पाल रखी हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्‍या अर्णव इसे अपने नाम के मुताबिक मुकाम दिला पाएंगे।

वरिष्‍ठ पत्रकार और टेलिविजन एंकर अर्णव गोस्‍वामी गोस्‍वामी ने पिछले साल दिसंबर में अपने नए वेंचर ‘रिपब्लिक टीवी’ की घोषणा की थी। इस वेंचर को लेकर तभी से वह लगातार न्‍यूज में बने हुए हैं। कभी चैनल के नाम को लेकर, कभी एग्रेसिव डिजिटल स्‍ट्रेटजी और कभी इंडस्‍ट्री फोरम और यूथ कैंपस में अपनी उपस्थिति व भाषण को लेकर वह न्‍यूज में छाए हुए हैं। अभी एक प्रमुख मीडिया संस्‍थान ने द नेशन वांट्स टू नो ’ नाम के इस्‍तेमाल को लेकर अरनब को कानूनी नोटिस भी भेजा था। यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था।

अब जबकि देश सच में जानना चाहता है कि उनका वेंचर ‘रिपब्लिक टीवी’ कब लॉन्‍च होगा, अरनब के अनुसार, यह पूरी तरह लॉन्चिंग मोड में है। गोस्‍वामी और उनकी कोर टीम देर रात तक लगातार इस पर काम कर रही है। जब हम इंटरव्‍यू के लिए अरनब से मिले तो अरनब ने बताया कि उस दिन उन्‍होंने सुबह तीन बजे तक काम किया था। इसके अलावा भी अरनब ने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

अर्णव गोस्‍वामी गोस्‍वामी ने कहा, ‘मैं हमेशा से उद्यमी रहा हूं। यहां तक कि ‘टाइम्‍स नाउ’ में भी मैं उद्यमी था। हमने बाहर जाकर फंड जुटाया। हमने बिजनेस प्‍लान बनाया, अपने हाथों से इसे तैयार किया। उसे चैनल को दिया और क्रेडिबल बनाया और इसने काफी अच्‍छा किया। यदि इस रूप में देखें तो उद्यमी के रूप में यह मेरी दूसरी पारी है। ऐसा नहीं है कि यह पूरी तरह से मेरे लिए नया है लेकिन इसे आगे बढ़ाना हमेशा रोमांचक रहा है।’ अर्णव गोस्‍वामी के अनुसार इन दोनों में सबसे बड़ा फर्क सिर्फ यही है कि पहले वह कॉरपोरेट मीडिया कंपनी के लिए काम कर रहे थे लेकिन आज वह सिर्फ जर्नलिज्‍म (only for journalism) के लिए काम कर रहे हैं।

अर्णव गोस्‍वामी ने बताया, ‘पिछले चार महीने हमारे लिए काफी खास रहे हैं। इस दौरान हम देश भर में घूमे, नए लोगों की नियुक्ति की, अपने चैनल का प्रचार किया और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन नेटवर्क स्‍थापित किया। इसके अलावा हमने किसी भी आर्गनाइजेशन को सेट करने के बुनियादी सिद्धांत भी सीखे और अब फाइनल स्‍टेज में हम लोगों को न्‍यूज परोस सकते हैं।’

इसके साथ ही अर्णव गोस्‍वामी का यह भी कहना था, ‘वास्‍तव में मैं इसे आगे बढ़ाने में लगा हुआ था। पिछली बार करीब दस साल पहले मैंने इस तरह काम किया था। वर्ष 2006 में जब मैंने ‘टाइम्‍स नाउ’ के साथ काम शुरू किया था, तब यह काम मेरे लिए काफी रोमांचक था और अब दस साल से अधिक समय बाद मैं ये सब चीजें एक बार फिर शुरू से कर रहा हूं।’

अब जबकि गोस्‍वामी और रिपब्लिक की टीम अपने वेंचर के लिए इंफ्रॉस्‍ट्रक्‍चर और टेक्‍नोलॉजी जुटाने के लिए काम कर रही है। कहा जा रहा है कि रिपब्लिक टीवी का न्‍यूज रूम देश का सबसे बड़ा न्‍यूज रूम है और इसे ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड्स को ध्‍यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

अधिकांश न्‍यूज चैनलों के विपरीत ‘रिपब्लिक टीवी’ को पूरी तरह युवाओं पर केंद्रित रखा गया है। इसके अलावा अपने यहां भर्तियों के लिए और इसका व्‍युअरशिप बेस बनाने के लिए सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। चैनल को विभिन्‍न सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म पर काफी अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है। #RepublicTV, #Republic, @republic,और #workwithArnab कुछ लोकप्रिय हैशटैग हैं, जिन्‍हें लोगों ने काफी शेयर किया था।

ऐसे में बहुत कम खर्च में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूप में चैनल को गोस्‍वामी की इमेज को कैश कराने में काफी मदद मिली है। इसके अलावा देश के विभिन्‍न कॉलेजों में अरनब गोस्‍वामी के प्रभावशाली भाषण ने उनके पक्ष में युवाओं का समर्थन जुटाने में काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही नहीं, हमें अरनब गोस्‍वामी को लाइफस्‍टाइल मैगजीन के कवर पेज के अलावा अखबारों में उनका इंटरव्‍यू देखने का मौका भी मिला। अरनब का यह नया अवतार था जो इससे पहले लोगों को देखने को नहीं मिला था।

इस बारे में अरनब का कहना है, ‘मैं सभी मीडिया फोरम पर बातचीत कर रहा हूं, जिससे मुझे ऑडियंस तक पहुंचने का मौका मिल रहा है। ये सभी इंटरव्‍यू जो मैंने दिए हैं, ये लोगों तक मेरा संदेश पहुंचाने का एक तरीका है। मैं एक नया न्‍यूज चैनल ला रहा हूं। इसकी मार्केटिंग पर खर्च करने के लिए मेरे पास ज्‍यादा पैसे नहीं हैं। इसलिए यदि मुझे अपने ऑडियंस के पास जाने और उनसे अपने जर्नलिज्‍म के बारे में बात करने का जो रास्‍ता दिखेगा, मैं उस पर चलूंगा।’

कुछ लोगों का कहना है कि ‘रिपब्लिक टीवी’ के लिए पहले छह महीने काफी महत्‍वपूर्ण हैं, इसके बाद देखना रोचक होगा कि चैनल कैसे चलता है, ऐसे लोगों के बारे में अरनब गोस्‍वामी का कहना है, ‘यह समय सभी के लिए महत्‍वपूर्ण होगा और छह महीने बाद हम अच्‍छी स्थिति में होंगे। मैं इस मैराथन दौड़ के लिए पूरी तरह तैयार हूं। पिछले चार महीनों में जो सबसे बड़ी चीज मुझे सीखने को मिली है, वह यह है कि यदि आपके पास लोगों का सपोर्ट है तो आपको किसी अन्‍य चीज की जरूरत नहीं है। जितने भी बड़े मीडिया घराने बने हैं, वह पैसे या ताकत के बूते नहीं बल्कि विश्‍वास के भरोसे तैयार हुए हैं।

यह पूछे जाने पर कि उनके वेंचर को लेकर चारों ओर चर्चा हो रही है और व्‍युअर्स व इंडस्‍ट्री इससे तमाम उम्‍मीदें लगाए बैठे हैं, ऐसे में लॉन्चिंग से सिर्फ कुछ दिनों पूर्व आपके दिमाग में क्‍या चल रहा है ?, अरनब ने अपनी आंखों में चमक के साथ कहा, ‘मेरे ऊपर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। या यूं कहें कि यह दबाव दूसरों पर है। मुझे दिए जा रहे कानूनी नोटिसों की संख्‍या को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे लोगों को अपनी न्‍यूज टीम पर अधिक काम करना चाहिए न कि अपने वकीलों पर।’

साभार-http://samachar4media.com/ से

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