आप यहाँ है :

भाजपा चलाएगी दल बदल एक्सप्रेस

कुछ उल्टा कुछ पुल्टा
भाजपा चलाएगी दल बदल एक्सप्रेस
चन्द्रकांत जोशी
भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद जिस तेजी से कांग्रेस से लेकर आप तक के नेता अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहे हैं और ये सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है उसे लेकर भाजपा में इस बात पर चिंतन चल रहा है कि ऐसे लोगों के लिए दल बदल एक्सप्रेस के नाम से विशेष रेल चलाई जाए। ये रेल गाड़ी उत्तर प्रदेश से शुरु होकर उन सभी राज्यों से गुज़रे जहाँ अभी दूसरी पार्टी की सरकार है। इस गाड़ी के चलने का फायदा ये होगा कि जिस किसी भी पार्टी के किसी भी नेता को अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में आना होगा वो इस दल बदल एक्सप्रेस में ऑन लाईन टिकट भी बुक करवा सकता है और अपने समर्थकों के साथ स्टेशन पर आकर भाजपा में शामिल हो सकता है। ऑन लाईन टिकट बिल्कुल मुफ्त है। ऑन लाईन बुकिंग के समय दूसरी पार्टी के नेता को अंग्रेजी में लिखी कुछ शर्तों के नीचे लगे बटन पर क्लिक करके हाँ करना होगा। ये शर्तें पढ़ने वालों की टिकट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। भाजपा के एक सूत्र ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष श्री अमित शाह किसी भी दिन हरी झंडी बताकर इस ट्रेन को दिल्ली से रवाना कर सकते हैं। ये गाड़ी पूरे देश की यात्रा करने के बाद अगले आम चुनावों के पहले वापस दिल्ली लौट आएगी।

भाजपा के प्रवक्ता ने इस संबंध में शरमाते हुए बताया कि देश के कोने कोने से लोग अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। इन सब लोगों को रोज रोज पार्टी में शामिल करने से तो अच्छा है कि ऐसी रेल चला दी जाए कि ये लोग खुद अपने शहर से सीधे हमारी गाड़ी में आकर बैठ जाए।

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता ने कहा कि हमारी पार्टी में दूसरे दलों के नेताओं को जो सम्मान मिल रहा है उसका असर ये हुआ है कि कई भाजपा नेता भाजपा छोड़कर दूसरी पार्टी में चले गए और अब ससम्मान वापस भाजपा में आ रहे हैं। ऐसे ही ताजे ताजे आए एक भाजपा नेता ने कहा कि मैं जब भाजपा में था तो मेरी जिंदगी चने खाकर और दरी बिछाने से लेकर माईक और हार फूल की व्यवस्था करने में चली गई, लेकिन जब से मै दूसरी पार्टी में जाकर वापस भाजपा में शामिल हुआ हूँ, यहाँ मेरा रुतबा बढ़ गया है। अब यहाँ बड़े नेता भी मुझे पहचानने लगे हैं, पहले तो ये हाल था कि ज़िंदगी भर पार्टी के लिए काम किया मगर कोई इज्जत नहीं मिली। अब तो मुझे भाजपा का हर नेता इज्जत देता है।

भाजपा में शामिल होने को उत्सुक कई नेताओं ने कहा कि इस ट्रेन के चलने से हमें भी सुविधा हो जाएगी, जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आएगी हम लपककर इसमें चढ़ जाएंगे और भाजपा के नेता हो जाएंगे। अभी तो ये हाल है कि अगर हमको अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होना हो तो भाजपा के स्थानीय नेता कई अड़ंगे लगाते हैं।

एक अन्य नेता ने कहा कि मुझे तो भाजपा की ये दल बदल वाली पॉलिसी कुछ समझ में ही नहीं आ रही है। मैं भाजपा में शामिल होना चाहता था और मेरा अपनी पार्टी में रेकॉर्ड भी साफ सुथरा था। मगर भाजपा के लोग कह रहे हैं कि हम तो उसी आदमी को अपनी पार्टी में शामिल करेंगे जिसके खिलाफ कोई अपराधिक मामला या भ्रष्टाचार का केस चल रहा हो। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मैं क्या करुं। मेरी पार्टी में मेरी कदर इसलिए नहीं है कि मेरे खिलाफ कोई केस नहीं है और भाजपा इसलिए मुझे नहीं ले रही है कि मेरे खिलाफ कोई केस नहीं है।

इधर दल बदल एक्सप्रेस नाम को लेकर भी कई भाजपा नेताओँ ने ऐतराज़ जताया है। भाजपा के एक बड़े नेता ने कहा कि कई वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि इसका नाम दल बदल एक्सप्रेस की बजाय ह्रदय परिवर्तन एक्सप्रेस रखा जाए, क्योंकि जो भी नेता दूसरी पार्टी छोड़कर हमारी पार्टी में आता है उसका ह्रदय परिवर्तन होता है, दल बदलू तो वो होता है जो हमारी पार्टी से दूसरी पार्टी में जाता है।

एक अन्य भाजपा नेता ने कहा कि पूरी गाड़ी में आम रेल गाड़ी की तरह फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बे भी होना चाहिए, क्योंकि कई बार किसी बड़े नेता के साथ बहुत से कार्यकर्ता भी झोंक झोंक में अपनी पार्टी छोड़ देते हैं, ऐसे नेताओँ के लिए भी गाड़ी में जगह होना चाहिए।

एक अन्य भाजपा नेता ने कहा कि गाड़ी में खास सैलून भी होने चाहिए ताकि कुमार विश्वास जैसे बड़े कद के नेता अगर पार्टी छोड़कर भाजपा में आएँ तो उनके मन में हिचक न हो। इस कोच में कवि सम्मेलन जैसी सुविधा भी होना चाहिए ताकि कुमार विश्वास चाहें तो कविताएँ भी सुना सकें।

इधर एक बुजुर्ग भाजपा नेता, जो मार्गदर्शक मंडल का सदस्य लगता था, बार बार कह रहा था कि भाजपा कांग्रेस मुक्त भारत का सपना दिखाकर सत्ता में आई और ये तो दलबदलुओं से कांग्रेस युक्त भाजपा होती जा रही है।

एक भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जहाँ जाते हैं वहाँ दूसरी पार्टी के नेताओं की भाजपा में शामिल होने के लिए होड़ मच जाती है। उसने बताया कि ऐसी भी घटनाएँ हुई है कि सुबह कोई नेता अपनी पार्टी के मंच से भाजपा को कोस रहा था और शाम को वह अमित शाह की आम सभा में भाजपा में शामिल हो गया। ऐसे कई नेता भाजपा में जमा हो गए हैं जो आए दिन अभी भी पार्टी में रहकर भी पार्टी के मंच से ही पार्टी के नेताओं को गालियाँ देते हैं, उनके याद दिलाना पड़ता है कि वो खुद अब भाजपा में आ गए हैं। भाजपा के इस नेता का कहना था कि दूसरी पार्टी से भाजपा में आने वाले नेताओं के लिए कुछ दिन का विपश्यना टाईप कोई कोर्स चलाया जाना चाहिए ताकि उनको ये याद रहे कि वो भाजपा में आ गए हैं, इसके बाद ही उनको भाजपा के किसी सार्वजनिक मंच पर भाषण देने की अनुमति मिलनी चाहिए।



Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top