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मुम्बई चौपाल
 

  • चौपाल में हुई अहसासों की बारिश

    चौपाल में हुई अहसासों की बारिश

    25 जून रविवार और वहग भी बारिश से तरबतर मुंबई, 20 साल की हो चुकी चौपाल 21वें साल में प्रवेश कर रही थी और बारिश के तेवर देखकर ऐसा लग रहा था कि इस बार चौपाली बारिश से हार जाएंगे, लेकिन ये चौपाल का ही जलवा है कि दस मिनट का रास्ता एक घंटे में तय करने का हौसला

  • भारती जी ने कहा, ‘सुबह जब चिरैया बोलन लागी’ ऐसा लिखो, और ये नाटक अमर हो गया

    भारती जी ने कहा, ‘सुबह जब चिरैया बोलन लागी’ ऐसा लिखो, और ये नाटक अमर हो गया

    मुंबई की भाग-दौड़ की ज़िंदगी में महीने का एक रविवार ऐसा भी होता है जब मुंबई में साहित्य, संस्कृति, संगीत, नाटक, कला और सृजनात्मकता कि तमाम विधाओं से जुड़े लोग एक साथ इकठ्ठे होकर दुनिया के तमाम विषयों पर बात करते हैं, लेकिन वाद-विवाद नहीं होता। चौपाल में हर बार एक नया विषय होता है और उस विषय पर उस क्षेत्र का विशेषज्ञ खुले मन से अपनी बात ऱखकर श्रोताओं को त-तृप्त कर देता है।

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