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  • रवीन्द्र प्रभात: हिंदी  ब्लॉग का योध्दा

    रवीन्द्र प्रभात: हिंदी ब्लॉग का योध्दा

    उन्हें हिंदी ब्लॉगिंग जगत में न्यू मीडिया विशेषज्ञ के तौर पर जाना जाता है। प्रिंट में वर्षों तक लिखने के बाद उन्होंने इंटरनेट की दुनिया में भी हिंदी की शाख बनाने में अहम् योगदान दिया है।

  • एक मुठ्ठी नमक से शुरु हुआ राष्ट्रव्यापी आंदोलन

    एक मुठ्ठी नमक से शुरु हुआ राष्ट्रव्यापी आंदोलन

    वे संगठन की बारीकियों को समझते थे। उन्होंने दांडी मार्च की ना केवल रूपरेखा तैयार की, बल्कि पल-पल उस पर अपनी पैनी नजर भी बनाए रखी थी।

  • 1 जनवरी को नववर्ष मनाकर हम गुलामी की लकीर पीटते हैं

    1 जनवरी को नववर्ष मनाकर हम गुलामी की लकीर पीटते हैं

    बहुत हद तक वर्तमान भारत की भी मुझे यही दारुण स्थिति दिखाई देती है। बरसों पूर्व हमारे स्वतंत्रता संग्रामियों ने ‘Quit India- भारत छोड़ो’ के नारे लगाए।

  • टॉप ब्लॉग्स में शामिल हुआ ‘डाकिया डाक लाया’

    टॉप ब्लॉग्स में शामिल हुआ ‘डाकिया डाक लाया’

    कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग "डाकिया डाक लाया" (http://dakbabu.blogspot.in/) को टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल किया गया है।

  • जोधपुर की नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव ”मैं हूँ बेटी अवार्ड” का सम्मान

    बेटियाँ अपनी मौजूदगी से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं। इसी क्रम में भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता एवं जोध

  • 1 जनवरी को  नववर्ष मनाकर हम गुलामी की लकीर पीटते हैं

    1 जनवरी को नववर्ष मनाकर हम गुलामी की लकीर पीटते हैं

    मुझे फ्रांस की क्रांति का वह सच्चा वाकया नहीं भूलता क्रांतिकारियों ने फ्रांस की सत्ता को स्वतंत्र करा लिया था। इसलिए बरसों से कारागृहों में सड़ रहे फ्रांसिसी कैदियों को मुक्त कराया गया। परन्तु ज्यों ही उनकी शृंखलाएँ तोड़ी गईं, उन्हें सूरज के सुनहरे उजाले में लाया गया- वे सहम गए। उल्टे पांव कारागृह की अंधेरी दुनिया की ओर दौड़ पड़े और लौह बेड़ियों को उन्होंने स्वयं पर फिर से डाल लिया। यह क्या था? गुलामी की आदत परतंत्रता के रंग में रचना बसना।

  • आकांक्षा यादव  मानसश्री सम्मान से सम्मानित

    आकांक्षा यादव मानसश्री सम्मान से सम्मानित

    हिंदी साहित्य और लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए युवा साहित्यकार व ब्लॉगर सुश्री आकांक्षा यादव को मौन तीर्थ सेवार्थ फाउण्डेशन, उज्जैन द्वारा "मानसश्री सम्मान -2017" से सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मानस्वरुप स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शाल और पाँच हजार एक सौ रूपये की राशि दी गई। सामाजिक और साहित्यिक विषयों के साथ-साथ नारी-सशक्तिकरण पर प्रभावी लेखन करने वाली आकांक्षा यादव की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में लेखन के साथ वे ब्लॉग और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी रचनाधर्मिता को प्रस्फुटित करते हुये व्यापक पहचान बना चुकी हैं। भारत के अलावा जर्मनी, श्रीलंका और नेपाल इत्यादि देशों में भी सम्मानित हो चुकी हैं। आकांक्षा यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव की पत्नी हैं, जो कि स्वयं चर्चित साहित्यकार और ब्लॉगर हैं।

  • पानी और कूटनीति

    पानी और कूटनीति

    ब्रह्मपुत्र की मुख्यधारा और अरुणाचल प्रदेश की लाइफलाइन समझी जाने वाली सियांग नदी का पानी काला हो जाने से समूचे नॉर्थ-ईस्ट में चिंता बढ़ गई है। पिछले दो महीनों से इस नदी के पानी में मिट्टी, रेत और थोड़ी सीमेंट भी देखने को मिल रही है।

  • वैदिक संस्कृति ने सिखाया पृथ्वी और प्रकृति से प्रेम करना

    वैदिक संस्कृति ने सिखाया पृथ्वी और प्रकृति से प्रेम करना

    वैदिक संस्कृति का प्रकृति से अटूट सम्बन्ध है। वैदिक संस्कृति का सम्पूर्ण क्रिया -कलाप प्राकृत से पूर्णतः आवद्ध है। वेदों में प्रकृति संरक्षणअर्थात पर्यावरण से सम्बंधित अनेक सूक्त हैं। वेदों में दो प्रकार के पर्यावरण को शुद्ध रखने पर बल दिया गया है –

  • मीट के वैध कारोबारियों के समर्थक चैनल जरा पशुओं की चोरी का रेकॉर्ड खंगालें

    मीट के वैध कारोबारियों के समर्थक चैनल जरा पशुओं की चोरी का रेकॉर्ड खंगालें

    लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर बूचड़खाने बंद होने पर बातें की जा रही हैं। कहा जा रहा है कि लोग बेरोजगार हो गए, लोगों को खाना नहीं मिल रहा, शौकीनों को स्वाद नहीं मिल रहा, आदि आदि। जरा एक बार पता कीजिए कि पिछले एक साल में पशु चोरी के कितने मामले यूपी में दर्ज हुए हैं। पत्रकार जरा DCRB जाएं और ये बात पता करें। लखनऊ के पत्रकार SCRB का रुख करें। जिस प्रदेश में कद्दावर मंत्रियों की भैंस सुरक्षित नहीं, वहां गांव देहात में पशु कितने सुरक्षित होंगे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

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