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हिन्दी जगत
 

  • आशा शर्मा के काव्य संग्रह “अनकहे स्वप्न” का लोकार्पण  एवं “खरी-खरी” का आयोजन

    आशा शर्मा के काव्य संग्रह “अनकहे स्वप्न” का लोकार्पण एवं “खरी-खरी” का आयोजन

    यहाँ साहित्य-संस्कृति कला संगम एवं बीकाणा आई टी आई कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में वेटेरनरी ऑडीटोरियम में कवयित्री इंजी. श्रीमती आशा शर्मा की प्रथम काव्य कृति “”अनकहे स्वप्न”” का लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम में काव्य कृति की रचनाओं पर चर्चा के साथ रचियता आशा शर्मा का सम्मान किया गया.

  • भारतीय भाषाएँ : कहीं बहुत देर न हो जाए !

    भारतीय भाषाएँ : कहीं बहुत देर न हो जाए !

    हिंदी एवं भारतीय भाषाओं के सभी भाषाकर्मियों, साहित्यकारों, शिक्षकों, पत्रकारों, प्रौद्योगिकीविदों, कलाकारों, सिनेमा-मनोरंजन-विज्ञापन आदि से जुड़े सभी महानुभावों आदि से अनुरोध है कि उक्त लेख को गंभीरतापूर्वक पढ़कर भारतीय भाषाओं के प्रयोग-प्रसार व विकास के संबंध में अपने संक्षिप्त विचार व सुझाव प्रदान करें।

  • ‘हम लोग’ के लिए रचनाएँ आमंत्रित

    20 वर्ष से कार्यरत पुणे के सक्रिय बहुभाषी सांस्कृतिक-साहित्यिक-सामाजिक संगठन हिंदी आंदोलन परिवार के वार्षिक अंक "हम लोग-2015 ' के लिए लेख/कहानी/संस्मरण/लघुकथा /कविता/ललित निबंध/ अन्य विधादि 25 नवंबर 2015 तक आमंत्रित हैं। कृपया ध्यान दें कि रचनाएँ केवल सॉफ्ट कॉपी में ही भेजें ।

  • अमेरिका में हिंदी सर्वाधिक बोले जाने वाली भारतीय भाषा

    अमेरिका में हिंदी सर्वाधिक बोले जाने वाली भारतीय भाषा

    अमेरिका में हिंदी के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाएं भी बोली जाती है। लगभग चार लाख अमेरिकी निवासी उर्दू बोलते हैं। अमेरिका में 3.7 लाख से अधिक लोग गुजराती बोलते हैं। जनगणना ब्यूरो के अनुसार 2.5 लाख से अधिक लोग बंगला और 2.5 लाख से अधिक लोग पंजाबी भाषा बोलते हैं।

  • अंग्रेजी नहीं आने पर किसी भी कर्मचारी को दंडित नहीं किया जाएगा

    अंग्रेजी नहीं आने पर किसी भी कर्मचारी को दंडित नहीं किया जाएगा

    कोई भी अधिकारी-कर्मचारी को अंग्रेजी न आने के आधार पर दंडित नहीं किया जाएगा। हिंदी में काम करने पर यदि किसी को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

  • दुनिया भर के हिन्दी प्रेमियों के लिए “सार्थक” का ऑनलाईन प्रकाशन

    दुनिया भर के हिन्दी प्रेमियों के लिए “सार्थक” का ऑनलाईन प्रकाशन

    समाज में निरन्तर बढ़ती असम्वेदनशीलता, वैचारिक दिशाहीनता, हिन्दी के पाठकवर्ग और भाषा-प्रश्नों के मध्य उत्पन्न हुई असंलग्नता किसी भी सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्ति को चिन्तित करने के लिए पर्याप्त है। इन चिन्ताओं को ध्यान में रखते हुए भाषा, साहित्य व वैचारिकता के कार्यों को गति देने के प्रयासों, ...

  • इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर पहुंचा ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’

    इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर पहुंचा ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’

    'इंग्लॅण्ड' में 'बर्मिंघम' शहर के 'गीता भवन' में श्रीमती शैल अग्रवाल जी की ई-पत्रिका 'लेखनी' का वार्षिक कार्यक्रम 'लेखनी सानिध्य' आयोजित किया गया। जहाँ ब्रिटेन के गणमान्य साहित्य-प्रेमी उपस्थित थे। तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे ब्रिटेन तथा भारत के अनेक प्रसिद्ध साहित्य-प्रेमी कवियों ने अपनी सुन्दर रचनाओं का पाठ किया.

  • कैनेडा की हिन्दी चेतना का नया अंक

    कैनेडा से प्रकाशितत्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका 'हिन्‍दी चेतना' का अक्‍टूबर-दिसम्‍बर 2015 अंक (वर्ष : 17, अंक : 68) अब इंटरनेट पर उपलब्‍ध है। सम्पादकीय ( श्‍यामत्रिपाठी), उद्गार, कहानियाँ : चाहत की आहट ( पुष्पा सक्सेना ), बस, अब बहुत हुआ ! (मंजुश्री ), चायना बैंक (रामगोपाल भावुक), बड़ी हो गई हैं ममता जी.... ( वंदना अवस्थी दुबे ), कारावास (उषा वर्मा )।

  • हिन्दी में लगातार बढ़ रहे हैं रोजगार के अवसरः डॉ.राजन यादव

    हिन्दी में लगातार बढ़ रहे हैं रोजगार के अवसरः डॉ.राजन यादव

    शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग के तत्वावधान में हिन्दी भाषा, साहित्य और उसमें भविष्य की संभावनाओं पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस आयोजन में अतिथि वक्ता के रूप में इंदिरा कला संगीतविश्व विद्यालय, खैरागढ़ के हिन्दी विभाग के रीडर डॉ.राजन यादव उपस्थित थे।

  • मप्र में अगले सत्र से हिंदी में भी आएंगे इंजीनियरिंग के पेपर

    मप्र में अगले सत्र से हिंदी में भी आएंगे इंजीनियरिंग के पेपर

    'राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि (आरजीपीवी) से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में अगले शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग के पेपर अंग्रेजी के साथ हिन्दी में भी आएंगे। विद्यार्थी अपनी इच्छा से अंग्रेजी अथवा हिन्दी में उत्तर दे सकेंगे।'

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