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हिन्दी जगत
 

  • हिंदी व भारतीय भाषाओं के कार्य से संबंधित सोशल मीडिया समूहों के संबंध में शोध एवं उनका दस्तावेजीकरण ।

    पिछले कुछ समय से अन्तर्जाल यानि इंटरनेट पर हिंदी व भारतीय भाषाएँ तेजी से पाँव पसार रहीं हैं । हिंदी व भारतीय भाषाओें के प्रयोग व प्रसार में वृद्धि व इनके साहित्य के विकास व प्रसार में भी सोशल मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सोशल मीडिया के विभिन्न समूहों व ब्लॉग आदि के माध्यम […]

  • ऑक्सफोर्ड शब्दकोश में शामिल हुए हिन्दी के शब्द

    हिंदी भाषा के कुछ ऐसे शब्दों को जो 1845 से अंग्रेजी भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं, उन्हें अब मशहूर ऑक्सफोर्ड शब्दकोश में शामिल कर लिया गया है। अलग-अलग तरीके से बोले जाने वाले ये शब्द जैसे- अरे यार, चूड़ीदार, भेलपुरी और ढाबा। इन शब्दों का प्रयोग अंग्रेजी भाषा में लगातार बढ़ता जा रहा […]

  • जनरल वी.के.सिंह ने किया दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के सचिवालय का उद्घाटन

    भोपाल।  10 से 12 सितम्बर 2015 को भोपाल में होने वाले दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के सचिवालय का उद्घाटन आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में किया गया। सचिवालय का उद्घाटन विदेश राज्य मंत्री जनरल वी.के.सिंह] राज्यसभा सांसद श्री अनिल माधव दवे, मध्यप्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा एवं पत्रकारिता विश्वविद्यालय के […]

  • संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हिन्दी में ड्रायविंग परीक्षा होगी

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अब ड्राइविंग के लिए दिए जाने वाला थ्योरी टेस्ट और इसके लिए होने वाले लेक्चर्स में हिंदी भाषा का विकल्प भी मिलेगा। सरकार ने तीन और भारतीय भाषाओं मलयालम, तमिल और बंगाली को भी सितंबर से ड्राइविंग के लिए होने वाले टेस्ट में शामिल किए जाने की अनुमति दी है। […]

  • हिन्दी बनाम अंग्रेजी

    कुछ मित्रों ने मुझे फिर से सुझाव भेजे कि आप हिन्दी सेंटर चलाते हैं तो सिर्फ हिन्दी में क्यों नहीं लिखते ? आप हिन्दी के आलवा अंग्रेजी और अन्य भाषा में भी क्यों लिखते हो ? इस बात पर मैं अपने विचार प्रकट करना चाहता हूँ।   मेरे द्वारा संचालित हिन्दी सेंटर का मकसद कोई […]

  • डॉ. रैणा हिंदी सलाहकार समिति में

    प्रसिद्ध साहित्यकार और शिक्षाविद डॉ. शिबन कृष्ण रैणा को भारत सरकार द्वारा  हाल ही में जारी की गयी विज्ञप्ति के अनुसार “विधि एवं न्याय मंत्रालय” की हिंदी सलाहकार समिति में गैर-सरकारी सदस्य के तौर पर मनोनीत किया गया है। कई पुरस्कारों एवं सम्मानों से समादृत डॉ. रैणा वर्ष १९९९ से लेकर २००१ तक भारतीय उच्च […]

  • हिन्दी समय पर इस बार भारतीय साहित्य के नवजागण की चर्चा

    अठारह सौ सत्तावन भारतीय इतिहास का एक प्रस्थान बिंदु है। आज जिस काल-खंड को हम रेनेसाँ, पुनर्जागरण या नवजागरण जैसे नामों से पुकारते हैं वह अठारह सौ सत्तावन के बाद ही दृश्य में आता है। हिंदी समय (http://www.hindisamay.com) पर इस बार हम हिंदी के शीर्ष चिंतकों में से एक नामवर सिंह का व्याख्यान उन्नीसवीं सदी […]

  • चीन में भी हिन्दी और हिन्दी वालों का जलवा

    आप को मालूम है कि चीन में हिंदी पढ़ने-पढाने की शुरुआत सन 1945 में हो गई थी जब पीकिंग युनिवर्सिटी में हिंदी विभाग शुरु हुआ,और एक समय वह भी था जब पीकिंग युनिवर्सिटी के हिंदी विभाग में पांच-पांच छह-छह भारतीय हिंदी अध्यापक थे। आज पीकिंग युनिवर्सिटी का हिंदी विभाग दक्षिण एशिया स्कूल का एक भाग […]

  • केदारनाथ सिंह ने राजनांदगांव में पढ़ी थी कविता

    49वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात हिन्दी कवि केदारनाथ सिंह ने राजनांदगांव में मुक्तिबोध स्मारक-त्रिवेणी संग्रहालय की स्थापना के सिलसिले में 2005 में आयोजित एक काव्य गोष्ठी में श्री केदारनाथ सिंह में काव्य पाठ किया था। मुझे उस यादगार काव्य गोष्ठी के संचालन का सौभाग्य मिला था। आज वास्तव में संस्कारधानी भी सगर्व कह सकती […]

  • प्रो. पुष्पिता अवस्थी ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’, मुंबई की मानद समन्वय प्रभारी

    प्रो. पुष्पिता अवस्थी भारतीय दूतावास एवं भारतीय सांस्कृतिक केंद्र, पारामारिबो, सूरीनाम में पूर्व प्रथम सचिव एवं हिंदी प्रोफेसर रही हैं। वे सुप्रसिद्ध साहित्यकार, संपादक, अनुवादक, संगठनकर्ता हैं। इसके पूर्व वे जे कृष्णमूर्ति फाउन्डेशन के बसंत कॉलेज फॉर विमैन की हिंदी विभागाध्यक्ष भी रही हैं। उन्हीं के संयोजन में वर्ष 2003 में सूरीनाम में सातवाँ विश्व […]

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