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हिन्दी जगत
 

  • मातृभाषाओं को बचाने अभियान चलाएगा संघ

    भोपाल। अंग्रेजी भाषा के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे देश में मातृभाषा बचाओ अभियान चलाएगा। संघ का मानना है कि अंग्रेजी माध्यम के बालवाड़ी (प्ले स्कूल), शिशु सदन (नर्सरी) और पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों (प्री-प्राइमरी) के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चे अपनी मातृभाषा से दूर होते जा रहे हैं।

  • दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग का आयोजन

    राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वावधान में छह अक्टूबर को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का विषय है - कार्यालयीन हिंदी, स्वरूप एवं विशेषताएँ।

  • हिंदी साहित्य परिषद् के पदाधिकारी  उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार

    हिंदी साहित्य परिषद् के पदाधिकारी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार

    शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में आयोजित एक समारोह में स्नातकोत्तर हिंदी साहित्य परिषद् की घोषणा की गई। प्राचार्य डॉ. आर.एन.सिंह के मुख्य आतिथ्य और डॉ. चन्द्रकुमार जैन की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सोत्साह संपन्न हुआ।

  • हिंदी के दुश्मन, हिंदी की कमाई खाने वाले

    हिंदी के दुश्मन, हिंदी की कमाई खाने वाले

    हिंदी सांस में है, पानी में, पहाड़ में, खेत में, सेल्फी में, शहर में, देहात में। इसलिए जाहिर है कि हिंदी की धमक मीडिया में भी है। 90 के दशक में जब निजी मीडिया भारत में दस्तक दे रहा था, मुझे देश के पहले निजी चैनल– जी टीवी का हिस्सा बनने का मौका मिला।

  • सरकारी और असरकारी हिंदी की यात्रा

    सरकारी और असरकारी हिंदी की यात्रा

    14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1949 में इसी तारीख को संविधान सभा ने एक लंबी और सजीव बहस के बाद देवनागरी लिपि में हिंदी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में अपनाया था। भारतीय संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 343 से 351 तक इसी विषय के बारे में है।

  • बिना हिंदी के हिन्दुस्तान की कल्पना नहीं की जा सकती

    बिना हिंदी के हिन्दुस्तान की कल्पना नहीं की जा सकती

    हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो कि हिन्दुस्तान में बोली जाती है। आज देश में जितनी भी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं उन सबकी जननी हिंदी है।

  • व्यंग्यशाला और ‘अट्टहास’ मासिक पत्रिका के तीन व्यंग्यालोचना विशेषांकों का लोकार्पण

    व्यंग्यशाला और ‘अट्टहास’ मासिक पत्रिका के तीन व्यंग्यालोचना विशेषांकों का लोकार्पण

    गुरुग्राम: यहाँ तीन सितम्बर को 'शब्द शक्ति साहित्यिक संस्था’, गुरुग्राम के तत्त्वावधान में व्यंग्यशाला और 'अट्टहास' मासिक पत्रिका के तीन व्यंग्यालोचना विशेषांकों के लोकार्पण का आयोजन महत्त्वपूर्ण रहा।

  • अट्टहास’ पत्रिका का  नया प्रयोग

    अट्टहास’ पत्रिका का नया प्रयोग

    लखनऊ से प्रकाशित हास्य व्यंग्य की अनूठी पत्रिका 'अट्टहास' का प्रकाशन पिछले अट्ठारह वर्षों से हो रहा है जिसके प्रधान संपादक अनूप श्रीवास्तव है. यूँ तो अलग अलग समय पर पत्रिका विशेषांक निकालती रही है.

  • ऑन लाईन हिंदी लिखने वालों के लिए मौका

    हिंदी पत्रकारों के लिए सनुहरा मौका है। दरअसल बनयान ट्री इंफोमीडिया कंपनी को ऐसा कंटेंट राइटर (हिंदी) चाहिए, जिन्हें एक से तीन वर्षों का कंटेंट राइटिंग में अनुभव हो।

  • हिंदी भारत की पहचान और भारतीयता  का गौरव गान है – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    हिंदी भारत की पहचान और भारतीयता का गौरव गान है – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने अखंड भारत और हिंदी के विश्व रूप को समर्पित अति महत्वपूर्ण राष्ट्रीय महामंथन में मुख्य वक्ता के रूप में प्रभावी सहभागिता की।

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