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हिन्दी जगत
 

  • हिन्दी साहित्य के इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता

    हिन्दी साहित्य के इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता

    जिस देश में इतिहास लेखन के प्रति विशेष उत्साह दिखाई पड़ता है, समझा जाना चाहिए कि उस देश में इतिहास के नव-निर्माण की ऐतिहासिक चेतना विद्यमान है। हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन के संदर्भ में भी यह बात उतनी ही सच है। हिन्दी के विद्वानों एवं साहित्यकारों ने अपने इस ऐतिहासिक दायित्व का पूरी ईमानदारी से निर्वाह किया है और वे आज भी साहित्य का नया इतिहास लिखने की दिशा में प्रयत्नशील हैं। यद्यपि डॉ.बच्चन सिंह ने अपनी कृति ''हिन्दी साहित्य का दूसरा इतिहास'' में स्वीकार किया है कि

  • आठवीं अनुसूची है या भारतीय रेल का अनारक्षित डिब्बा

    भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में अभी तक 22 भाषाओं को शामिल किया गया है I इस सूची में 35 और भाषाओं को शामिल करने का प्रस्ताव है I भोजपुरी, अवधी, राजस्थानी, ब्रजभाषा, हरियाणवी, छतीसगढ़ी आदि लोकभाषाएँ प्रतीक्षा सूची में हैं I अभी तक हिंदी को ही उसका संविधान प्रदत्त अधिकार नहीं मिला और आठवीं अनुसूची में उपभाषाओं

  • मुंबई विश्वविद्यालय में  हिंदी भाषा भवन बनकर रहेगा- विनोद तावडे

    मुंबई विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा भवन बनकर रहेगा- विनोद तावडे

    महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने कहा है कि मुंबई विश्वविद्यालय में डॉ राममनोहर त्रिपाठी हिंदी भाषा भवन बनकर रहेगा. वे विधानभवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक मेें मुंबई विश्वविद्यालय के कालिना में हिंदी और उर्दू भाषा भवनों के निर्माण कार्य में आनेवाली दिक्कतों का आकलन कर रहे थे।

  • डॉ. ऋषभदेव शर्मा ‘अंतरराष्ट्रीय साहित्य गौरव सम्मान’ से अलंकृत

    डॉ. ऋषभदेव शर्मा ‘अंतरराष्ट्रीय साहित्य गौरव सम्मान’ से अलंकृत

    रूसी-भारतीय मैत्री संघ – दिशा (मास्को), हिंदी संस्थान – कुरुनेगल (श्रीलंका), सामाजिक संस्था – पहल (दिल्ली) और साहित्यक-सांस्कृतिक शोध संस्था (मुंबई) के संयुक्त तत्वावधान में दीनदयाल मार्ग, दिल्ली स्थित राजेंद्र भवन न्यास के सभाकक्ष में ‘अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह’ का संक्षिप्त लेकिन भव्य आयोजन संपन्न हुआ. समारोह की अध्यक्षता जे. एस. विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के कुलपति प्रो. हरिमोहन ने की तथा संचालन उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, हैदराबाद के पूर्व अध्यक्ष प्रो.ऋषभदेव शर्मा ने किया.

  • कोलकाता में विशाल धरना और प्रदर्शन

    कोलकाता में विशाल धरना और प्रदर्शन

    भोजपुरी और राजस्थानी को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया तो हिंदी की कमर टूट जाएगी।

  • भारत-भाषा प्रहरी

    भारत-भाषा प्रहरी

    किसी भाषा के विकास और उसके प्रसार के लिए उसके भाषावैज्ञानिक पक्ष पर कार्य किए जाने की आवश्यकता होती है ।

  • हिंदी लेखक सुरेंद्र वर्मा को व्यास सम्मान

    हिंदी लेखक सुरेंद्र वर्मा को व्यास सम्मान

    हिंदी के मशहूर लेखक सुरेंद्र वर्मा को उनके उपन्यास ‘काटना शमी का वृक्ष: पद्मपंखुरी की धार से’ के लिए वर्ष 2016 का व्यास सम्मान प्रदान किया जाएगा। के के बिरला फांउडेशन ने उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मे 76 वर्षीय वर्मा को 26 वां व्यास सम्मान देने की घोषणा की।

  • मध्‍य रेल की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की 156 वीं बैठक सम्‍पन्‍न

    मध्‍य रेल की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की 156 वीं बैठक सम्‍पन्‍न

    मध्‍य रेल की क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, मुंबई की 156वीं बैठक संपन्‍न हुई।

  • हिंदी का वैश्विक विस्तार और ई-शिक्षण की संभावनाएं

    हिंदी का वैश्विक विस्तार और ई-शिक्षण की संभावनाएं

    शहीद भगतसिंह कॉलेज में "हिंदी का वैश्विक विस्तार और ई-शिक्षण की संभावनाएं" विषय पर आयोजित संगोष्ठी के कुछ दृश्य

  • कौए बनाम कोयलः   अपने देश में हिंदी को बोलियों और कटु बोलों से बांटने की साजिश

    कौए बनाम कोयलः अपने देश में हिंदी को बोलियों और कटु बोलों से बांटने की साजिश

    इधर सोशल मीडिया पर ‘कौए-कोयल’ के नाम पर जारी नये पुराने हिसाब चुकाने का खेल देख कर लगता है जैसे इस बार शीत के बाद ‘बसंत’ नहीं ‘पतझड़’ आ गया हो। पिछले दिनों बेशक कुछ अलग कारणों से ही सही लेकिन साहित्य जगत में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उठाये गये लेकिन वे विवादों में उलझ कर अपने उद्देश्य से भटक गए।

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