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भारत गौरव
 

  • वंदे मातरम राष्ट्र की अस्मिता का गीत

    जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है. फिर अपनी मातृभूमि से प्रेम क्यों नहीं ? अपनी मातृभूमि की अस्मिता से संबद्ध प्रतीक चिन्हों से घृणा क्यों? प्रश्न अनेक हैं, परंतु उत्तर कोई नहीं. प्रश्न है राष्ट्रगीत वंदे मातरम का. क्यों कुछ लोग इसका इतना विरोध करते हैं कि वे […]

  • श्री सुभाष चंद्रा को मानद डॉक्‍टरेट की उपाधि

    यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्‍ट लंदन (यूईएल) ने एस्‍सेल ग्रुप के चेयरमैन श्री सुभाष चंद्रा को मानद डॉक्‍टरेट की उपाधि से सम्‍मानित किया। रॉयल डॉक बिजनेस स्कूल के स्नातकों के एक समारोह में डॉक्‍टरेट की उपाधि से उन्‍हें सम्मानित किया गया। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्‍ट लंदन के चांसलर लॉर्ड गुलाम नून ने श्री सुभाष चंद्रा को डॉक्‍टरेट की […]

  • शल्य चिकित्सा के पितामह थे आचार्य सुश्रुत

    शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के पितामह और सुश्रुतसंहिता के प्रणेता आचार्य सुश्रुत का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व काशी में हुआ था। सुश्रुत का जन्म विश्वामित्र के वंश में हुआ था। इन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की थी। सुश्रुतसंहिता को भारतीय चिकित्सा पद्धति में विशेष स्थान प्राप्त है। इसमें शल्य चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं को विस्तार […]

  • भारतीय विज्ञान को नया आकाश देने वाले चन्द्रशेखर वेंकट रमण

    मैंने किसी ऐसे आदमी को कभी नहीं देखा जो विज्ञान से इतना आनन्द लेता था। चीज़ों को देखने का विशुद्ध आनन्द और विज्ञान का कार्य करना उसे उल्लास और उत्तेजना से परिपूर्ण कर देता था। जीवन के लिए वह अविश्वसनीय जोश रखता था। वह अपने खाने, अपने चुटकुलों, अपनी लड़ाइयों और झगड़ों से मज़ा लेता […]

  • मंगल यान की यात्रा के पीछे की पूरी कहानी

    भारत का मंगलयान देश की सबसे महत्वाकांक्षी 20 करोड़ किलोमीटर दूर की अंतरिक्ष यात्रा पर जरवाना हो चुका है। 1,350 किलोग्राम का यह उपग्रह एक अरब से अधिक भारतीयों के सपनों के साथ आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से रवाना किया गया है। मंगल ग्रह के लिए इस अंतरिक्ष अभियान से राष्ट्रीय गौरव […]

  • मंगल यान की खास बातें…

    मंगलयान यानी हमें मंगल ग्रह तक पहुंचाने वाला जरिया। चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा से करीब ढाई बजे इतिहास लिखे जाने की तैयारी है। और यही यान हमें लाल ग्रह तक ले जाएगा। यूं तो मिशन मार्स को लेकर बीते कई दिनों से चर्चा जारी है, लेकिन आज अंतरिक्ष विज्ञानियों समेत पूरे देश के […]

  • राष्ट्र चेतना के कीर्ति पुरुष – आचार्य तुलसी

    आचार्य तुलसी जनशताब्दी शुभारंभ ( 5 नवम्बर, 2013) के अवसर पर विशेष   भारतीय संस्कृति अध्यात्म प्रधान संस्कृति है। भारत की मिट्टी के कण-कण में महापुरुषों के उपदेश की प्रतिध्वनियाँ हैं। चाणक्य, आर्यभट्ट, विवेकानन्द, दयानन्द सरस्वती, महात्मा गाँधी और रवीन्द्रनाथ टैगोर के भारत का इतिहास विश्व में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। स्वर्णिम इतिहास की […]

  • जम्मू कश्मीर के अंतिम महाराजा हरि सिंह के राज्य प्रशासन का मूल्याँकन

    भारत के विभिन्न हिस्सों में १९४७ से पहले अलग अलग प्रकार की शासन व्यवस्थाएँ प्रचलित थीं । कुछ हिस्सों में , जिसे उन दिनों ब्रिटिश भारत कहा जाता था , शासन व्यवस्था भारत सरकार अधिनियम १९३५ के तहत चलती थी । उन हिस्सों में जिन्हें "भारतीय रियासतें " कहा जाता था , वहाँ शासन व्यवस्था […]

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