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भारत गौरव
 

  • ये हैं मोदीजी के डॉ.नगेंद्र

    ये हैं मोदीजी के डॉ.नगेंद्र

    डॉ. नगेंद्र उन लोगों में से हैं जिनके आगे तमाम उदाहरण फीके पड़ जाते हैं। डॉ. नगेंद्र अपना उदाहरण खुद हैं उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। डॉ. नगेंद्र एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने अपने जीवन का एक-एक क्षण मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया है। योग और ध्यान के माध्यम से डॉ. नगेंद्र ने ऐसी चमत्कारिक चिकित्सा पध्दति विकसित की है कि जटिल से जटिल बीमारी भी ठीक हो जाती है।

  • भारतीय राजनीति के आकाश का चमकता सितारा हैं अटलजी

    भारतीय राजनीति के आकाश का चमकता सितारा हैं अटलजी

    टूटे हुए तारों से फूटे वासंती स्वर पत्थर की छाती में उग आया नव अंकुर झरे सब पीले पात

  • कई सालों तक रात-दिन मजदूरी की, आज प्लास्टिक सर्जरी में स्वर्ण पदक हासिल किया

    कई सालों तक रात-दिन मजदूरी की, आज प्लास्टिक सर्जरी में स्वर्ण पदक हासिल किया

    कभी चौराहे पर लगने वाली मजदूरों की मंडी का हिस्सा रहे एक मजदूर ने एमसीएच जैसी प्रतिष्ठित डिग्री का गोल्ड मेडल अपने गले में डलवाकर अपना सिक्का मनवा लिया। सर्जरी की सर्वोच्च उपाधि एमसीएच ‘प्लॉस्टिक सर्जरी’ में उन्हें रविवार को लखनऊ में आयोजित समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है।

  • आरएसएस का दायरा बढ़ा, अब 39 देशों में चल रही है शाखाएँ

    आरएसएस का दायरा बढ़ा, अब 39 देशों में चल रही है शाखाएँ

    आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) को दूसरे देशों तक फैलाने वाले एचएसएस (हिंदू स्वयंसेवक संघ) ने अब अपना दायरा काफी बढ़ा लिया है। एचएसएस अमेरिका समेत 39 देशों में अपनी शाखाएं चलाता है। मुंबई में आरएसएस के विदेशी विंग के कॉर्डिनेटर रमेश सुब्रमण्यम ने बताया कि एचएसएस दूसरे देशों में चिन्मय और रामकृष्ण मिशन जैसी अन्य हिंदू सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है।

  • बस्तर का चरोटा जापान में छा गया

    दवाओं से लेकर सौंदर्य प्रसाधन बनाने में चरोटा बीज का उपयोग किए जाने से अब इसका फायदा बस्तर के ग्रामीणों से लेकर व्यापारियों को मिल रहा है। चरोटा बीज की अधिक कीमत मिलने से ग्रामीण इसका संग्रहण बड़े पैमाने पर कर मंडी व्यापारियों को बेच रहे हैं। विदेशों से हो रही मांग को पूरा करने के लिए इन दिनों गुजरात के जरिए इसे चीन, जापान व अन्य देशों को भेजा जा रहा है।

  • दुनिया के 200 विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है संस्कृत

    संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति का आधार स्तम्भ है। संसार की समृद्धतम भाषा ‘संस्कृत’ के रूप में सबसे उन्नत मानवीय समाज और विज्ञान की स्थापना की गयी। इस देवभाषा के अध्ययन मनन मात्र से ही मनुष्य में सूक्ष्म विचारशीलता और मौलिक चिंतन जन्म लेता है। सनातन संस्कृति के सभी प्रमुख साहित्यिक और वैज्ञानिक शास्त्र संस्कृत भाषा में ही हैं।

  • ओशोः एक नक्षत्र जो पृथ्वी पर उतरा

    ओशोः एक नक्षत्र जो पृथ्वी पर उतरा

    11 दिसंबर 1931 को जब मध्यप्रदेश के गाँव कुचवाड़ा (जिला रायसेन) में ओशो का जन्म हुआ तो कहते हैं कि पहले तीन दिन न वे रोए, न दूध ‍पिया। उनकी नानी ने एक ज्योतिषी से ओशो की कुंडली बनवाई, जो अपने आप में काफी अद्‍भुत थी। कुंडली पढ़ने के बाद ज्योतिषी ने कहा- 'यदि यह बच्चा सात वर्ष जिंदा रह जाता है, उसके बाद ही मैं इसकी पूर्ण कुंडली बनाऊँगा- क्योंकि इसके लिए सात वर्ष से अधिक जीवित रहना असंभव ही लगता है।

  • हर घर और मंदिर में गूँजते हैं उनके शब्द

    हर घर और मंदिर में गूँजते हैं उनके शब्द

    इस देश के घर-घर और मंदिरों में जिसके शब्द बरसों से गूंज रहे हैं, दुनिया के किसी भी कोने में बसे किसी भी सनातनी हिंदू परिवार में ऐसा व्यक्ति खोजना मुश्किल है जिसके ह्रदय-पटल पर बचपन के संस्कारों में उसके लिखे शब्दों की छाप न पड़ी हो।

  • अंग्रेजी में नहीं, संस्कृत में दीजिए शुभकामनाएँ

    हमारे कई सुधी पाठक हमसे लगातार आग्रह करते रहे हैं कि विविध अवसरों पर दी जाने वाली शुभकामना संस्कृत श्लोकों में हिन्दी अर्थ के साथ उपलब्ध कराई जाए। हमारे सुधी पाठकों के सहयोग से हमने संस्कृत के कुछ श्लोक हिन्दी अर्थ के साथ पाठकों की रुचि के अनुरूप पलब्ध कराने का प्रयास किया है। यदि आप भी समें कोई श्लोक जोड़ना चाहें तो आपका स्वागत है।

  • संस्कृत से बदली गाँव की संस्कृति, पूरा गाँव संस्कृत में बात करता है

    संस्कृत से बदली गाँव की संस्कृति, पूरा गाँव संस्कृत में बात करता है

    झीरी गांव 'संस्कृत ग्राम' के नाम से जाना जाता है। गांव की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां रहने लोगों में से करीबन छ: सौ लोग संस्कृत बोलते हैं और दैनिक जीवन में इसी भाषा का उपयोग करते हैं।

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