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जियो तो ऐसे जियो
 

  • नजरिया बदलें तो प्रतिष्ठा बढ़ेगी

    नजरिया बदलें तो प्रतिष्ठा बढ़ेगी

    आजकल तनाव हमारे वर्तमान जीवन जैसे पर्याय-सा बन गया है। रोजमर्रा की जिन्दगी में हैरान, परेशान होते हुए हम सारा दोष दूसरों के मत्थे मढ़ते रहते हैं और यह पूरी तरह से भुला देते हैं

  • 18 साल के उस छात्र को क्या मालूम था कि 29 साल बाद योगीजी उसकी बात सुनेंगे

    18 साल के उस छात्र को क्या मालूम था कि 29 साल बाद योगीजी उसकी बात सुनेंगे

    मुंबई। सन 1989 में अँधेरी स्थित अपने घर के सामने स्थित मैदान से 24 जनवरी के दिन उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह का बीजारोपण करने वाले अमरजीत मिश्र ने तो स्कूल आते जाते अखबारों में दूसरे प्रदेशों के स्थापना दिवस की खबरों को पढ़ते हुए मुंबई में भी उत्तर प्रदेश दिवस मनाने की जिद ठान ली और बगैर

  • साध्वी से नेता कैसे बनी उमा भारती

    साध्वी से नेता कैसे बनी उमा भारती

    अलौकिक ईश्वरीय प्रतिभा से सुसंपन्न ज्योतिर्मयी, एक सुलझी हुई राजनेत्री के साथ साथ एक प्रखर वक्ता, गंगा की निर्मल धारा के समान पवित्र व्यक्तित्व की धनी, केंद्रीय जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्री साध्वी उमाश्री भारती का जन्म लोधी राजपूत परिवार में 03 मई 1959 को मध्य प्रदेश के अंतर्गत टीकमगढ़ जिले के डूंडा

  • ह्दयनारायण दीक्षितः राजपथ पर एक बौध्दिक योद्धा

    ह्दयनारायण दीक्षितः राजपथ पर एक बौध्दिक योद्धा

    वे हिंदी पत्रकारिता में राष्ट्रवाद का सबसे प्रखर स्वर हैं। देश के अनेक प्रमुख अखबारों में उनकी पहचान एक प्रख्यात स्तंभलेखक की है। राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर चल रही उनकी कलम के मुरीद आज हर जगह मिल जाएंगें।

  • वनवासी परिवारों में खुशियों की सौगात दी भागवत परिवार ने

    वनवासी परिवारों में खुशियों की सौगात दी भागवत परिवार ने

    मुंबई का श्री भागवत परिवार भारतीय मूल्यों, संस्कृति जीवन शैली को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ ही मुंबई से दूर वनवासी क्षेत्रों में रह रहे वनवासियों को अपनी समृध्द सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। श्री भागवत परिवार ने अपने इसी अभियान के तहत मुंबई के पास पालघर

  • भुखमरी और लाचारी का दर्द सहकर  आईएएस बन कायम की मिसाल

    भुखमरी और लाचारी का दर्द सहकर आईएएस बन कायम की मिसाल

    कहते हैं कि जब आपके हौसले बुलंद हों तो आपको कामयाबी पाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती है। कुछ ऐसी ही कहानी है झारखंड के सरायकेला खरसावां के उपायुक्त रमेश घोलप की जिनका बचपन कभी एक-दो रुपये के लिए तरसता था लेकिन आज वो देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग

  • कबाड़ से बना लिया आई फोन

    कबाड़ से बना लिया आई फोन

    ब्लॉग पर तरह-तरह की चीजें बनाने के टिप्स देने वाले डिवेलपर स्कॉटी ऐलन ने खुद ही आईफोन बना डाला जो काम भी करता है। ऐलन सिलिकन वैली में इंजिनियर हुआ करते थे मगर आजकल वह दुनिया घूमते हुए नई-नई चीजें बना रहे हैं। इन दिनों वह चीन से शेनजेन में हैं जहां पर उन्होंने बाजार से

  • बेटी की फ्राक के लिए दो साल तक भीख माँगता रहा

    बेटी की फ्राक के लिए दो साल तक भीख माँगता रहा

    बांग्लादेश के एक भिखारी को अपनी बेटी के लिए नई फ्रॉक खरीदने के लिए दो साल तक पैसे बचाने पड़े, तब जाकर वह अपनी बेटी के लिए नई फ्रॉक खरीद सका।

  • मुस्लिम महिलाएँ दिखा रही है नई सोच की नई राह

    मुस्लिम महिलाएँ दिखा रही है नई सोच की नई राह

    इस्लामिक धर्मगुरुओं द्वारा हालांकि समय-समय पर इस बात का स्पष्टीकरण दिया जाता है और समाज को यह समझाने की कोशिश की जाती है कि इस्लाम में महिलाओं को पढऩे-लिखने तथा अधिकारों की सुरक्षा करने व उन्हें प्रोत्साहित किए जाने की व्यवस्था है। परंतु उनकी यह कोशिशें कामयाब होती नज़र नहीं आतीं।

  • डॉ. सुभाष चंद्रा की अभिनव पहलः सांसद के कार्यकाल का पूरा वेतन प्रधान मंत्री राहत कोश को देंगे

    डॉ. सुभाष चंद्रा की अभिनव पहलः सांसद के कार्यकाल का पूरा वेतन प्रधान मंत्री राहत कोश को देंगे

    समाजसेवी, मीडिया के दिग्वग्ज और राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने आज सांसद के रूप में प्राप्त हुई अपनी पूरी सेलरी प्रधान मंत्री राहत कोश में दान कर दी. इसके साथ ही एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ.चंद्रा ने ये घोषणा की है कि वे भविष्य में भी सांसद के तौर पर अपनी सेलरी से सिर्फ 1 रुपया ही लेंगे शेष राशि सीधे प्रधान मंत्री राहतकोश में देंगे।

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