आप यहाँ है :

जियो तो ऐसे जियो
 

  • संघ के स्वयंसेवकों ने चेन्नै में ऐसे पहुँचाई पीडि़तों तक मदद

    संघ के स्वयंसेवकों ने चेन्नै में ऐसे पहुँचाई पीडि़तों तक मदद

    चेन्नै में यूं तो बारिश 11 नवम्बर से पड़नी शुरू हो गई थी, लेकिन तब तक किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बारिश होगी कि चेन्नै में इस भीषण वर्षा से बाढ़ आ जाएगी। पिछले 100 वर्षों के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ था कि बारिश के चलते चेन्नै में बाढ़ आई हो। 1 और 2 दिसंबर को तो चेन्नै में इतनी बारिश हुई जितनी वर्ष 1901 के बाद कभी नहीं हुई थी।

  • नज़रिए को कामयाबी का ज़रिया बनाकर देखिए !

    नज़रिए को कामयाबी का ज़रिया बनाकर देखिए !

    मनोवैज्ञानिकों की सलाह मानें तो सबसे पहले हमें अपनी खीज-तनाव के कारण खुद में खोजने चाहिए। आस-पास के लोगों, परिस्थितियों के प्रति अपने नजरिए की छान-बीन करनी चाहिए।

  • एक मंत्री जो लोगों की मजबूरी समझता है

    एक मंत्री जो लोगों की मजबूरी समझता है

    इन दिनों देश के हर नेता, मंत्री, मुख्य मंत्री, प्रधान मंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक सब सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। लेकिन हमारा अनुभव यह है कि आप किसी भी मंत्री, नेता, प्रधान मंत्री, राष्ट्रपति या मुख्य मंत्री को कुछ भी संदेश दो वो ट्वीटर पर रद्दी की टोकरी में चला जाता है। आज तक कभी किसी ने सोशल मीडिया पर किसी आम आदमी के संदेश का जवाब नहीं दिया।

  • चेन्नई में हिन्दू दंपत्ति ने नवजात बेटी का नाम रखा युनुस

    ऐसी कई घटनाएं हैं, जिनसे पता चलता है कि बाढ़ से तबाही मचने के बाद मानवता ने मजहब की दीवारों को तोड़ दिया। ऐसी ही एक कहानी है चित्रा, मोहन और यूनुस की। गले तक पानी में फंसी गर्भवती चित्रा को यूनुस और उसके मित्रों ने बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया था। अब इस दंपति ने आभार प्रकट करने के लिए अपनी बेटी का नामकरण यूनुस के नाम पर किया है।

  • कलयुग के इस श्रवण कुमार को बारंबार प्रणाम!

    कलयुग के इस श्रवण कुमार को बारंबार प्रणाम!

    त्रेता युग में श्रवण कुमार अपने वृद्ध और अंधे माता-पिता को कावड़ पर बैठाकर तीर्थ यात्रा कराने निकला था। आज भी हमारे देश में श्रवण कुमार मौजूद हैं, जो अपने मां-बाप के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। जबलपुर जिले के संकटमोचन धाम हिनौता, पिपरिया वर्गी निवासी 45 वर्षीय ब्रह्मचारी कैलाश पिता छिकौड़ीलाल गिरी अपनी 92 वर्षीय वृद्ध माता कीर्ति देवी गिरी को कावड़ पर बैठाकर तीर्थ कराने निकला है।

  • श्री  सुरेश प्रभु ने भूखे बच्चों की पुकार सुनी, गाड़ी में खाना भिजवाया

    श्री सुरेश प्रभु ने भूखे बच्चों की पुकार सुनी, गाड़ी में खाना भिजवाया

    सोमवार को हरिद्वार से हावड़ा जा रही कुंभा एक्सप्रेस मौसम की मार की वजह से आठ घंटे से अधिक देरी से चल रही थी। ट्रेन में एसीएन स्कूल, देहरादून के नौ बच्चे सफर कर रहे थे। ट्रेन में पैंट्री कार की सेवा न होने से बच्चे भूखे थे। बच्चों ने इस समस्या से अभिभावकों को अवगत कराया। अभिभावकों ने ट्वीट के जरिये रेल मंत्री सुरेश प्रभु को सूचित किया।

  • काश! हम भी उस लड़की जैसे हो पाएँ…

    एक पोस्टमैन ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा,

  • मानसिक रूप से कमजोर उन लड़किय़ों ने दौड़ भी जीती और दिल भी

    और रेडी धाँय पिस्तौल की आवाज़ के साथ ही आठों लडकियां दौड़ पड़ती हैं..

  • निर्दलीय जीती महिला सरपंच ने बदल दी गाँव की तस्वीर

    निर्दलीय जीती महिला सरपंच ने बदल दी गाँव की तस्वीर

    एक महिला सरपंच ऐसी भी है, जिन्होंने पूरे गांव को अपनी मेहनत के उजाले से रोशन किया है। हम आपको मिलवा रहे है मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी दूर नालछा में महिला सरपंच वसुंधरा विजयसिंह ठाकुर से। वसुंधरा एक ऐसी साधारण महिला से जिन्होंने गांव को एक नई दिशा देने का बीड़ा उठाया था।

  • मजदूर माँ के बेटा बनेगा डिप्टी कलेक्टर

    मजदूर माँ के बेटा बनेगा डिप्टी कलेक्टर

    मध्य प्रदेश के गांव कुम्भिया, जिला खरगोन निवासी रामलाल पगारे ने अपनी मजदूर माँ को वो गौरव प्रदान किया है जो हर माँ अपने बेटे को लेकर सपना पालती है। इन्दौर के होलकर साइंस कॉलेज से बीएससी, एमएससी, एमफिल करने के बाद अब पीएचडी कर रहे रामलाल का हाल ही में पीएससी मेंस-2013 के परिणाम में चयन हुआ है।

Back to Top