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जियो तो ऐसे जियो
 

  • चेन्नई में हिन्दू दंपत्ति ने नवजात बेटी का नाम रखा युनुस

    ऐसी कई घटनाएं हैं, जिनसे पता चलता है कि बाढ़ से तबाही मचने के बाद मानवता ने मजहब की दीवारों को तोड़ दिया। ऐसी ही एक कहानी है चित्रा, मोहन और यूनुस की। गले तक पानी में फंसी गर्भवती चित्रा को यूनुस और उसके मित्रों ने बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया था। अब इस दंपति ने आभार प्रकट करने के लिए अपनी बेटी का नामकरण यूनुस के नाम पर किया है।

  • कलयुग के इस श्रवण कुमार को बारंबार प्रणाम!

    कलयुग के इस श्रवण कुमार को बारंबार प्रणाम!

    त्रेता युग में श्रवण कुमार अपने वृद्ध और अंधे माता-पिता को कावड़ पर बैठाकर तीर्थ यात्रा कराने निकला था। आज भी हमारे देश में श्रवण कुमार मौजूद हैं, जो अपने मां-बाप के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। जबलपुर जिले के संकटमोचन धाम हिनौता, पिपरिया वर्गी निवासी 45 वर्षीय ब्रह्मचारी कैलाश पिता छिकौड़ीलाल गिरी अपनी 92 वर्षीय वृद्ध माता कीर्ति देवी गिरी को कावड़ पर बैठाकर तीर्थ कराने निकला है।

  • श्री  सुरेश प्रभु ने भूखे बच्चों की पुकार सुनी, गाड़ी में खाना भिजवाया

    श्री सुरेश प्रभु ने भूखे बच्चों की पुकार सुनी, गाड़ी में खाना भिजवाया

    सोमवार को हरिद्वार से हावड़ा जा रही कुंभा एक्सप्रेस मौसम की मार की वजह से आठ घंटे से अधिक देरी से चल रही थी। ट्रेन में एसीएन स्कूल, देहरादून के नौ बच्चे सफर कर रहे थे। ट्रेन में पैंट्री कार की सेवा न होने से बच्चे भूखे थे। बच्चों ने इस समस्या से अभिभावकों को अवगत कराया। अभिभावकों ने ट्वीट के जरिये रेल मंत्री सुरेश प्रभु को सूचित किया।

  • काश! हम भी उस लड़की जैसे हो पाएँ…

    एक पोस्टमैन ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा,

  • मानसिक रूप से कमजोर उन लड़किय़ों ने दौड़ भी जीती और दिल भी

    और रेडी धाँय पिस्तौल की आवाज़ के साथ ही आठों लडकियां दौड़ पड़ती हैं..

  • निर्दलीय जीती महिला सरपंच ने बदल दी गाँव की तस्वीर

    निर्दलीय जीती महिला सरपंच ने बदल दी गाँव की तस्वीर

    एक महिला सरपंच ऐसी भी है, जिन्होंने पूरे गांव को अपनी मेहनत के उजाले से रोशन किया है। हम आपको मिलवा रहे है मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी दूर नालछा में महिला सरपंच वसुंधरा विजयसिंह ठाकुर से। वसुंधरा एक ऐसी साधारण महिला से जिन्होंने गांव को एक नई दिशा देने का बीड़ा उठाया था।

  • मजदूर माँ के बेटा बनेगा डिप्टी कलेक्टर

    मजदूर माँ के बेटा बनेगा डिप्टी कलेक्टर

    मध्य प्रदेश के गांव कुम्भिया, जिला खरगोन निवासी रामलाल पगारे ने अपनी मजदूर माँ को वो गौरव प्रदान किया है जो हर माँ अपने बेटे को लेकर सपना पालती है। इन्दौर के होलकर साइंस कॉलेज से बीएससी, एमएससी, एमफिल करने के बाद अब पीएचडी कर रहे रामलाल का हाल ही में पीएससी मेंस-2013 के परिणाम में चयन हुआ है।

  • एक डॉक्टर जो इलाज में पैसे नहीं बल्कि घर का कचरा लेता है

    एक डॉक्टर जो इलाज में पैसे नहीं बल्कि घर का कचरा लेता है

    26 वर्षीय गमाल अलबिनसईद की सोच ने पर्यावरण व स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। इलाज के बदले पैसे नहीं बल्कि कचरा लेने का डॉक्टर गमाल अलबिनसईद का यह आइडिया इंडोनेशिया की दो बड़ी समस्याओं से निपटने में मददगार साबित हो रहा है।

  • छोटे से घर में रहने वाली 102 साल की वृद्धा ने दान कर दी करोड़ों की जमीन

    छोटे से घर में रहने वाली 102 साल की वृद्धा ने दान कर दी करोड़ों की जमीन

    मध्य प्रदेश के जबलपुर से 35 किलोमीटर दूर शहपुरा में रहने वाली एक 102 साल की वृद्धा और उसके बेटे ने अपनी करोड़ों की जमीन दान कर दी है. उन्होंने ये कदम समाज की बेहतरी के लिए उठाया है. हैरानी की बात ये है कि करोड़ों की जमीन के मालिक होने के बावजूद मां भगवती बाई और बेटा केवलचंद जैन अपने परिवार के साथ एक छोटे से घर में रहते हैं.

  • गरीब अनपढ़ माँ-बाप का बेटा बना गाँव के लिए मिसाल

    गरीब अनपढ़ माँ-बाप का बेटा बना गाँव के लिए मिसाल

    किसे पता था, कभी स्कूल की दहलीज पर कदम न रख पाने वाले निरक्षर माता-पिता का पुत्र अपने ज्ञान की रोशनी से गांव या जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में नाम रौशन करेगा। वर्ष 2014-15 की दसवीं बोर्ड परीक्षा में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तिलकेजा के निर्धन छात्र कृष्ण कुमार कर्ष ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया और राज्य की प्रावीण्य सूची आठवां स्थान हासिल किया।

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