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जियो तो ऐसे जियो
 

  • मोदीजी के गाँव में एक लड़की ने दिखाई सच्ची सह्रदयता

    गुजरात के वडनगर में पहला दिव्यांग जीवन साथी मेला आयोजित किया गया। यह मेला महाशक्ति विकलांग कल्याण संघ ने अन्य संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया। मेले की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि इसमें दिव्यांग युवक युवतियों को प्राथमिकता दी गई थी। सम्मेलन में केवल गुजरात ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र से भी लोग आए थे। यहां 13 लड़कियां और 145 लड़के अपना जीवनसाथी चुन्ने आए थे।

  • विश्नोई समाजः जिसने सलमान खान को जेल के सींखचों में पहुँचाया

    विश्नोई समाजः जिसने सलमान खान को जेल के सींखचों में पहुँचाया

    राजस्थान का यह बिश्नोई समाज जोधपुर के पास पश्चिमी थार रेगिस्तान से आता है. इन्हें प्रकृति के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता है. इस समाज के लोग जानवरों को भगवान समझते हैं. 1485 में गुरु जम्भेश्वर भगवान ने इसकी स्थापना की थी। वन्यजीवों को यह समाज अपने परिवार जैसा मानता है और पर्यावरण संरक्षण में इस समुदाय ने बड़ा योगदान दिया है। इस संप्रदाय के लोग जात-पात में विश्वास नहीं करते हैं। इसलिए हिन्दू-मुसलमान दोनों ही जाति के लोग इनको स्वीकार करते हैं। जंभसार लक्ष्य से इस बात की पुष्टि होती है कि सभी जातियों के लोग इस संप्रदाय में दीक्षित हुए। उदाहरण के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, तेली, धोबी, खाती, नाई, डमरु, भाट, छीपा, मुसलमान, जाट एवं साईं आदि जाति के लोगों ने मंत्रित जल लेकर इस संप्रदाय में दीक्षा ग्रहण की।

  • फलों का सस्ता रस पिलाकर खड़ी की 2 हजार करोड़ की कंपनी

    फलों का सस्ता रस पिलाकर खड़ी की 2 हजार करोड़ की कंपनी

    इन दिनों उत्तर भारत में लू के थपेड़े लोगों का गला सुखा रहे हैं। लेकिन देश की एक बड़ी आबादी आज भी जूस या कोल्ड्रिंक्स पर पैसे खर्च करने की सामर्थ्य नहीं रखती है। जमीन से जुड़े शख्स धीरेंद्र सिंह को इस बात का इल्म था, इसलिए पेय पदार्थों के बड़े और महंगे ब्रांड्स को देखते हुए उन्होंने किफायती ब्रांड खड़ा कर दिया। गांवों और कस्बों से अगर आपका वास्ता है तो ‘मनपसंद’ नाम का मैंगो जूस जरूर पिया होगा या वह आपकी नजरों से होकर गुजरा होगा। अब यह ब्रांड बड़े शहरों में भी पैर जमा रहा है। इसे शुरू करने वाले 55 वर्षीय धीरेंद्र सिंह की कहानी प्रेरित करती है। मशहूर मैगजीन फोर्ब्स इंडिया के मुताबिक धीरेंद्र सिंह ने मैंगो जूस बेचकर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति बना ली। धीरेंद्र सिंह उत्तर भारत के ग्रामीण इलाकों में पले-बढ़े हैं, लेकिन उन्होंने अपनी कंपनी मनपसंद बेवरेजेस गुजरात में शुरू की।

  • 40 साल से भारत में रहकर गौसेवा कर रही जर्मन महिला को देश छोड़ना पड़ेगा

    40 साल से भारत में रहकर गौसेवा कर रही जर्मन महिला को देश छोड़ना पड़ेगा

    जर्मनी की रहने वाली एक महिला को भारत यात्रा के दौरान गायों से ऐसा प्यार हुआ कि वह पिछले 40 सालों से मथुरा के गोवर्धन में रहकर बीमार गायों, बछड़ों की सेवा कर रही हैं। लेकिन अब कानूनी अड़चनों के कारण इस जर्मन महिला को वापस अपने देश लौटना होगा। बता दें कि जर्मनी की रहने वाली फ्रेडरिक इरिन ब्रूनिंग 1972 में भारत घूमने आयी थी। इस दौरान जब वह ब्रज भूमि आयी तो उन्हें सड़क किनारे एक गाय तड़पती दिखाई दी। इससे फ्रेडरिक इरिन काफी दुखी हुई और उन्होंने भारत में रहकर ही गायों की सेवा करने का संकल्प ले लिया। ब्रूनिंग ने गोवर्धन के राधा कुंड से कुछ ही दूरी पर स्थित कोन्हई गांव में 5 बीघा जमीन किराए पर लेकर गायों की सेवा शुरु कर दी। इतना ही नहीं ब्रूनिंग ने अपना नाम भी बदलकर सुदेवी दासी रख लिया और गायों की सेवा में ही अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

  • हैदराबाद  के नेक पुलिसवाले की हो रही है वाहवाही

    हैदराबाद के नेक पुलिसवाले की हो रही है वाहवाही

    अक्‍सर ट्रैफिक पुलिस के भ्रष्‍टाचार की खबरें आती रहती हैं लेकिन हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस की एक तस्‍वीर इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इस तस्‍वीर में ट्रैफिक होमगार्ड बी गोपाल एक बेघर महिला को खाना खिला रहे हैं। बी गोपाल का यह मानवीय चेहरा लोगों के दिलों को छू गया और वे सोशल मीडिया पर इस तस्‍वीर को खूब शेयर कर रहे हैं।

  • भारतीय चाय पिलाकर अमरीकी महिला ने कमाए 200 करोड़

    भारतीय चाय पिलाकर अमरीकी महिला ने कमाए 200 करोड़

    हमारे यहां लोगों को चाय पीना खूब भाता है, कुछ लोगों की आदत ऐसी होती है कि बिना चाय के वह एक कदम चल भी नहीं सकते. आप भले ही समझते होंगी कि कोई पांच-दस रुपये की चाय से पेट पाल सकता है, मगर लखपति-करोड़पति नहीं बन सकता. मगर हमारे देश में आज भी ऐसे कई लोग हैं जो चाय बेचकर न सिर्फ लाखपति हुए हैं, बल्कि सुख-सुविधा की जिंदगी जी रहे हैं. देसी व्यक्ति कोई चाय बेचकर लाखपति हो जाए तो उसमें हैरानी नहीं होती, मगर हैरानी तो आपको तब होगी जब आपको पता चलेगा कि कोई विदेशी सिर्फ चाय बेचकर ही करोड़पति बन गया. दरअसल, अमेरिका की एक महिला चाय बेचकर ही करोड़पति बन गई है. पिछले दो-तीन दिनों से ब्रुक एडी अमरीकी मीडिया में अपनी भारतीय भक्ति चाय ब्रांड की इस सफलता से छाई हुई है और सभी प्रमुख अमरीकी अखबारों ने उनकी सफलता पर विस्तार से रिपोर्ट प्रकाशित की है।

  • पिछड़े गाँव को रोशन करने करोड़ों की नौकरी छोड़ भारत लौट आया

    पिछड़े गाँव को रोशन करने करोड़ों की नौकरी छोड़ भारत लौट आया

    यह कहानी है युवा वैज्ञानिक पुनीत सिंह की, जो इस समय बस्तर, छत्तीसगढ़ के माचकोट वन परिक्षेत्र स्थित ग्राम कावापाल में डटे हुए हैं। घनघोर जंगलों से घिरा हुआ गांव है। सूरज की रोशनी भी छन-छन कर पहुंचती है।

  • मराठी अभिनेत्री ने  बदल दिया सूखा प्रभावित गाँव का नक्षा

    मराठी अभिनेत्री ने बदल दिया सूखा प्रभावित गाँव का नक्षा

    महाराष्ट्र। हाल ही में मुंबई सबसे बड़ा किसान आंदोलन हुआ था। अपने अधिकार की मांग और समस्याओं को लेकर कई किसान 180 किलोमीटर तक पैदल सफर करके मुंबई पहुंचे थे। इस खबर ने लोगों के बीच किसानों की दुर्दशा को दिखाया और लोग चर्चा करने लगे।

  • मल से मालामाल करने वाले शख्स थे ध्रुवज्योति घोष

    मल से मालामाल करने वाले शख्स थे ध्रुवज्योति घोष

    कोलकाता रोजाना लगभग 75 करोड़ लीटर सीवेज निकालता है।

  • अंगदान को जनजागरण आंदोलन में बदला महावीर इंटरनेशनल ने

    अंगदान को जनजागरण आंदोलन में बदला महावीर इंटरनेशनल ने

    मुंबई। मुंबई के जैन समाज के सेवाभावी, सदाशयी और समर्पित लोगों द्वारा संचालित महावीर इंटरनेशनल समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में तो सक्रियता से काम कर ही रही है

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