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जियो तो ऐसे जियो
 

  • संस्कृत को आम लोगों तक पहुँचा रहे हैं ऑटो चालक के जुड़वाँ बेटे

    संस्कृत को आम लोगों तक पहुँचा रहे हैं ऑटो चालक के जुड़वाँ बेटे

    ये हैं राघव और माधव। दोनों जुड़वां भाई हैं। इनकी खासियत यह है कि ये आज के आम युवाओं से जुदा हैं। दोनों ने एक मिशन अपने हाथ में लिया है, जो अनूठा है। राघव और माधव की इच्छा है कि देवभाषा संस्कृत का विस्तार हो और आगामी पीढ़ी इसमें संवाद करना सीखे। जुड़वां भाइयों ने इसके लिए दस दिन का कोर्स डिजाइन किया है। दोनों गांव-गांव जाकर देवभाषा का विस्तार करना चाहते हैं।

  • चाल से निकलकर आम लोगों के घरों के सपनों को पूरा ककरने के लिए बनाई एचडीएफसी बैंक

    चाल से निकलकर आम लोगों के घरों के सपनों को पूरा ककरने के लिए बनाई एचडीएफसी बैंक

    देश के दो बड़े वित्तीय संस्थानों आईसीआईसीआई और एचडीएफफी बैंक को आकार देने और इनके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हसमुखभाई टी पारेख की आज पुण्यतिथि है। आठ नवबंर, 1994 को आर्थिक जगत की इस मशहूर हस्ती का निधन हो गया। यूके में पढ़ाई करने वाले टी पारेख ही थे जिनका आम लोगों के प्रति खासा लगाव था।

  • लिफाफा संस्कृति की एक विनम्र अस्वीकृति

    लिफाफा संस्कृति की एक विनम्र अस्वीकृति

    संदर्भ है बेटी का विवाह। एक समय था जब विपन्नता के दौर में बेटी का विवाह एक सामूहिक जिम्मेदारी बन जाती थी। आस पड़ोस आत्मीय जन रिश्तेदार आर्थिक सहयोग करते थे। यही आर्थिक लेनदेन का व्यवहार धीरे धीरे अनेक दूसरी सामाजिक बुराईयों के साथ लिफाफा संस्कृति को जन्म दे गया।

  • 80 भाषाओं में गाने गा लेती है 12 साल की ये लड़की

    80 भाषाओं में गाने गा लेती है 12 साल की ये लड़की

    दुबई। दुबई के इंडियन हाई स्कूल में पढ़ने वाली एक भारतीय लड़की 80 भाषाओं में गीत गा सकती है और वह एक कंसर्ट में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश कर रही है।

  • स्कूल जाने के लिए 12 किमी पैदल चलना पड़ता था, अब नौकरी छोड़ बच्चों को पढ़ाने का संकल्प

    स्कूल जाने के लिए 12 किमी पैदल चलना पड़ता था, अब नौकरी छोड़ बच्चों को पढ़ाने का संकल्प

    खुद स्कूल जाने के लिए 12 किलोमीटर पैदल जाने का सफर करने वाले एक किसान पुत्र अब स्वयं स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के काम में जुटे हैं।

  • जीवन को खुशियों के उजास से भरे

    जीवन को खुशियों के उजास से भरे

    जिन्दगी हमसे यही चाहती है कि हम अपने उजाले खुद तय करें और उन पर यकीन रखे। सफल एवं सार्थक जीवन का सबसे बड़ा उजाला है सकारात्मकता। जीवन को खुशियों के उजास से भरना कोई कठिन काम नहीं है, बशर्तें कि हम जिन्दगी की ओर एक विश्वासभरा कदम उठाने के लिये तैयार हो।

  • डॉ. उषा यादवः गरीबों का इलाज ही नहीं करती आर्थिक मदद भी करती है

    डॉ. उषा यादवः गरीबों का इलाज ही नहीं करती आर्थिक मदद भी करती है

    डॉक्टर का प्रोफेशन समाज में सबसे नोबल प्रोफेशन माना जाता है। जब कोई बीमार व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है और ठीक होकर लौटता है, तो वह डॉक्टर उसके लिए भगवान के समान होता है। लेकिन कहा जाता है आज के समय में अच्छे डॉक्टर किस्मत वालों को ही मिलते हैं।

  • किताबें भेंट कर अच्छा पढ़ने की आदत को  लगातार प्रोत्साहित कर रहे डॉ.चंद्रकुमार जैन

    किताबें भेंट कर अच्छा पढ़ने की आदत को लगातार प्रोत्साहित कर रहे डॉ.चंद्रकुमार जैन

    राजनांदगांव। दिग्विजय कालेज के प्रोफ़ेसर डॉ. चंद्रकुमार जैन ने अपनी बहुआयामी गतिविधियों के बीच एक पहलू ऐसा भी चुना है जिसमें वे अक्षरों, भावों और विचारों की दुनिया के लिए लोगों में प्यार जगाने के लिए अच्छा साहित्य मुफ्त भेंट करने का अभियान जारी रखे हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों से […]

  • नौकरी छोड़, खेत की मिट्टी में लिखी सफलता की कहानी

    रायपुर. 27 साल की वल्लरी चंद्राकर रायपुर से करीब 88 किमी दूर बागबाहरा के सिर्री गांव की रहने वाली हैं। वल्लरी कम्प्यूटर साइंस से एमटेक हैं। वे नौकरी छोड़कर अब खेती करवा रही हैं। 27 एकड़ के फार्म हाउस में सब्जियां उगाना, ट्रैक्टर चलाकर खेत जोतना और मंडी तक सब्जियां पहुंचाने का काम उनकी ही देख-रेख में होता है।

  • रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष ने लिखा, मुझे नहीं चाहिए वीआईपी का सम्मान

    रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष ने लिखा, मुझे नहीं चाहिए वीआईपी का सम्मान

    रेल मंत्रालय ने रेलवे में वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों से दफ्तर और घर पर इस बात को लागू करने के लिए कहा है। मंत्रालय ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 36 साल पुराने एक प्रोटोकॉल को समाप्त कर दिया है जिसमें महाप्रबंधकों के लिए अनिवार्य था कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और बोर्ड के अन्य सदस्यों की क्षेत्रीय यात्राओं के दौरान उनके आगमन और प्रस्थान के समय मौजूद रहें।

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