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  • मानव सभ्यता की अनूठी पहचान है परिवार

    मानव सभ्यता की अनूठी पहचान है परिवार

    विश्व परिवार दिवस हर साल 15 मई को मनाया जाता है। देश एवं दुनिया को परिवार के महत्व को बताने के लिए यह दिवस मनाया जाता हैं। परिवार दो प्रकार के होते हैं- एक एकल परिवार और दूसरा संयुक्त परिवार।

  • क्या है फालुन दफा साधना…?

    क्या है फालुन दफा साधना…?

    फालुन दाफा का अभ्यास दुनियाभर में 114 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा किया जा रहा है. लेकिन दुःख की बात यह है कि चीन, जो फालुन गोंग की जन्म भूमि है, वहां इसका दमन किया जा रहा है. इसके स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक शिक्षाओं के कारण चीन में फालुन दाफा बहुत लोकप्रिय होने लगा.

  • बच्चों को जीतने के लिए ही नहीं, हारने के लिए भी तैयार कीजिए

    बच्चों को जीतने के लिए ही नहीं, हारने के लिए भी तैयार कीजिए

    एक अंग्रेजी उपन्यास में एक किस्सा पढ़ा था. एक मेमना अपनी माँ से दूर निकल गया. आगे जा कर पहले तो भैंसों के झुण्ड से घिर गया.

  • दिमाग से काम और दिल से व्यवहार के सूत्र से मज़बूत होते हैं पुलिस-जनता सम्बन्ध – डॉ. जैन

    दिमाग से काम और दिल से व्यवहार के सूत्र से मज़बूत होते हैं पुलिस-जनता सम्बन्ध – डॉ. जैन

    डॉ. चंद्रकुमार जैन ने जोर देकर के साथ कहा अच्छे व्यवहार से आप अधिक स्वीकार किये जाते हैं।

  • चिकनगुनियाः लक्षण, इलाज और बचाव

    गमले, बर्तन और घर के चारों तरफ पानी जमा न होने दे

  • सपनों और संकल्प की खुशबू से महकेगी ‘ईश्वर सृष्टि’

    सपनों और संकल्प की खुशबू से महकेगी ‘ईश्वर सृष्टि’

    राजस्थान के सीकर के पास दीनारपुर गाँव से खाली हाथ मुंबई आए कमलेश जी ने अपने शुरुआती दिन फुटपाथ पर सोकर निकाले, लेकिन अपनी मेहनत, संकल्प और पुरुषार्थ से अपना कारोबार जमाया और सफलता उनके कदम चूमने लगी

  • विलम्ब से विवाह वरदान या अभिशाप ?

    विलम्ब से विवाह वरदान या अभिशाप ?

    वि+वाह; यानी विशेष उत्तरदायित्व का निर्वहन करना. सनातन धर्म में विवाह को सोलह संस्कारों में से एक अहम् संस्कार माना गया है. पाणिग्रहण संस्कार को ही हम आम बोलचाल की भाषा में विवाह संस्कार के नाम से जानते हैं. वैदिक मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति के समस्त कालखंडों को चार भा

  • तम्बाकू मुक्ति से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव

    विश्व की गम्भीर समस्याओं में प्रमुख है तम्बाकू और उससे जुड़े नशीले पदार्थों का उत्पादन, तस्करी और सेवन में निरन्तर वृद्धि होना। नई पीढ़ी इस जाल में बुरी तरह कैद हो चुकी है। आज हर तीसरा व्यक्ति किसी-न-किसी रूप में तम्बाकू का आदी हो चुका है। बीड़ी-सिगरेट के अलावा तम्बाकू के छोटे-छोटे पाउचों से लेकर तेज मादक पदार्थों, औषधियांे तक की सहज उपलब्धता इस आदत

  • हम कहाँ जा रहे हैं !

    एक समय था जब हमारे युवाओं के आदर्श, सिद्धाँत विचार, चिंतन और व्यवहार सब कुछ भारतीय संस्कृति के रंग में रँगे हुए होते थे। वे स्वयं ही अपनी संस्कृति के संरक्षक थे, परंतु आज उपभोक्तावादी पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध से भ्रमित युवा वर्ग को भारतीय संस्कृति के अनुगमन में पिछड़ेपन का अहसास होने लगा है।

  • परिवार को पतन की पराकाष्ठा न बनने दे

    परिवार को पतन की पराकाष्ठा न बनने दे

    वर्तमान दौर की एक बहुत बड़ी विडम्बना है कि पारिवारिक परिवेश पतन की चरम पराकाष्ठा को छू रहा है। अब तक अनेक नववधुएँ सास की प्रताड़ना एवं हिंसा से तंग आकर भाग जाती थी या आत्महत्याएँ कर बैठती थी वहीं अब नववधुओं की प्रताड़ना एवं हिंसा से सास उत्पीड़ित है, परेशान है।

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