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जीवन शैली
 

  • दिमाग से काम और दिल से व्यवहार के सूत्र से मज़बूत होते हैं पुलिस-जनता सम्बन्ध – डॉ. जैन

    दिमाग से काम और दिल से व्यवहार के सूत्र से मज़बूत होते हैं पुलिस-जनता सम्बन्ध – डॉ. जैन

    डॉ. चंद्रकुमार जैन ने जोर देकर के साथ कहा अच्छे व्यवहार से आप अधिक स्वीकार किये जाते हैं।

  • चिकनगुनियाः लक्षण, इलाज और बचाव

    गमले, बर्तन और घर के चारों तरफ पानी जमा न होने दे

  • सपनों और संकल्प की खुशबू से महकेगी ‘ईश्वर सृष्टि’

    सपनों और संकल्प की खुशबू से महकेगी ‘ईश्वर सृष्टि’

    राजस्थान के सीकर के पास दीनारपुर गाँव से खाली हाथ मुंबई आए कमलेश जी ने अपने शुरुआती दिन फुटपाथ पर सोकर निकाले, लेकिन अपनी मेहनत, संकल्प और पुरुषार्थ से अपना कारोबार जमाया और सफलता उनके कदम चूमने लगी

  • विलम्ब से विवाह वरदान या अभिशाप ?

    विलम्ब से विवाह वरदान या अभिशाप ?

    वि+वाह; यानी विशेष उत्तरदायित्व का निर्वहन करना. सनातन धर्म में विवाह को सोलह संस्कारों में से एक अहम् संस्कार माना गया है. पाणिग्रहण संस्कार को ही हम आम बोलचाल की भाषा में विवाह संस्कार के नाम से जानते हैं. वैदिक मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति के समस्त कालखंडों को चार भा

  • तम्बाकू मुक्ति से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव

    विश्व की गम्भीर समस्याओं में प्रमुख है तम्बाकू और उससे जुड़े नशीले पदार्थों का उत्पादन, तस्करी और सेवन में निरन्तर वृद्धि होना। नई पीढ़ी इस जाल में बुरी तरह कैद हो चुकी है। आज हर तीसरा व्यक्ति किसी-न-किसी रूप में तम्बाकू का आदी हो चुका है। बीड़ी-सिगरेट के अलावा तम्बाकू के छोटे-छोटे पाउचों से लेकर तेज मादक पदार्थों, औषधियांे तक की सहज उपलब्धता इस आदत

  • हम कहाँ जा रहे हैं !

    एक समय था जब हमारे युवाओं के आदर्श, सिद्धाँत विचार, चिंतन और व्यवहार सब कुछ भारतीय संस्कृति के रंग में रँगे हुए होते थे। वे स्वयं ही अपनी संस्कृति के संरक्षक थे, परंतु आज उपभोक्तावादी पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध से भ्रमित युवा वर्ग को भारतीय संस्कृति के अनुगमन में पिछड़ेपन का अहसास होने लगा है।

  • परिवार को पतन की पराकाष्ठा न बनने दे

    परिवार को पतन की पराकाष्ठा न बनने दे

    वर्तमान दौर की एक बहुत बड़ी विडम्बना है कि पारिवारिक परिवेश पतन की चरम पराकाष्ठा को छू रहा है। अब तक अनेक नववधुएँ सास की प्रताड़ना एवं हिंसा से तंग आकर भाग जाती थी या आत्महत्याएँ कर बैठती थी वहीं अब नववधुओं की प्रताड़ना एवं हिंसा से सास उत्पीड़ित है, परेशान है।

  • बिना जन जागरुकता टीबी से बचाव असंभव

    बिना जन जागरुकता टीबी से बचाव असंभव

    टीबी (क्षय रोग) एक घातक संक्रामक रोग है जो कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है। टीबी (क्षय रोग) आम तौर पर ज्यादातर फेफड़ों पर हमला करता है, लेकिन यह फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता हैं। यह रोग हवा के माध्यम से फैलता है। जब क्षय रोग से ग्रसित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है तो उसके साथ संक्रामक ड्रॉपलेट न्यूक्लिआई उत्पन्न होता है जो कि हवा के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।

  • जीवन की राहः शांति की चाह

    जीवन की राहः शांति की चाह

    आज हर व्यक्ति शांति और खुशी को तलाश रहा है। कुछ लोग भौतिक चीजों में शांति और खुशी ढूंढ़ते हैं तो कुछ नाम एवं प्रसिद्धि में । कई लोग मनोरंजन को इसका माध्यम मानते हैं तो कुछ खेलकूद, सिनेमा एवं पर्यटन में इसका अनुभव करतेे हैं। अधिकांश लोग अपनी इच्छा एवं मनोकामनाओं की पूर्ति को ही शांति मानते हैं। जिन्दगीभर एक के बाद एक इच्छाओं की पूर्ति में लगे रहते हैं और सोचते हैं कि इनकी पूर्ति ही वास्तविक शांति और खुशी हैं। क्या वास्तविक शांति इसे ही कहते हैं? वास्तविक शांति क्या हैं,

  • मासूम बच्चों की जान लेती परीक्षाएँ

    मैं यह लेख परीक्षाएँ शुरू होने के ठीक पहले लिख रहा हूँ। मुझे यह लेख लिखने के लिये प्रेरित किया हमारे देश में हो रही प्रतिदिन की आत्महत्याओं की ख़बरों ने। आत्महत्या करने वाले वे छात्र हैं जो कि अभी ज़िंदगी, परीक्षा एवं आत्महत्या से पुरी तरह वाक़िफ़ भी नहीं हैं।

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