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  • शब्दकोश में बैचेन हैं कड़ी कार्रवाई, कड़ी निंदा और जाँच

    सबसे पहले कड़ी कार्रवाई शब्द मिमियाता हुआ चीख रहा था, वह अन्य शब्दों को कह रहा था देखो मेरा क्या हाल हो गया। देश के नेताओँ और मंत्रियों ने ‘कड़ी कार्रवाई करेंगे’ की ऐसी फज़ीहत की है कि अब जब भी कोई नेता या मंत्री कहता है कि इस मामले में हम कड़ी कार्रवाई करेंगे तो मेरी तो शर्म से डूब मरने की इच्छा होती है। इस शब्दकोश में कड़ी कार्रवाई का मतलब लिखा है, किसी भी घटना, लापरवाही, बेईमानी और भ्रष्टाचार पर तत्काल कार्रवाई कर दोषी को दंडित किया जाए। लेकिन यहाँ तो हाल ये है कि जिस पर कड़ी कार्रवाई करना है वही चिल्ला चिल्ला

  • चक्रम चैनल पर मंजीरे को लेकर जंग

    चक्रम चैनल पर मंजीरे को लेकर जंग

    देश के सब चैनल प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा का लाईव कवरेज लगातार दिखा रहे थे। उनके कैमरामैन और रिपोर्टर नेपाल में जगह-जगह मारे-मारे फिर रहे थे फिर भी ऐसा कोई धाँसू फुटेज नहीं मिल रहा था कि ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की तरह ‘देखिये सिर्फ हमारे चैनल पर’ की तर्ज पर उसका ढिंढोरा पीट सके। चक्रम चैनल के स्टुडिओ में बैठे सभी तीसमारखाँओं को सूझ ही नहीं पड़ रही

  • होली समाचारः आम आदमी को घोटाला करने का प्रशिक्षण दिया जाए

    देश की अर्थव्यवस्था से लेकर मूर्ख व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए होली के मौके पर प्रस्तुत है कुछ उपयोगी सुझाव। 1 अप्रैल को राष्ट्रीय घोटाला दिवस घोषित कर इस दिन अवकाश घोषित किया जाए। 1 अप्रैल को देश भर में गली-गली मोहल्ले में रैलियाँ और सभाओं का आयोजन किया जाए और लोगों को घोटाले, चोरी, भ्रष्टाचार, बेईमानी करने से लेकर रेल में बिना टिकट यात्रा करने जैसे मौलिक अधिकारों के बारे में जागरुक किया जाए।

  • सरकार घबराई, कोई एंकर स्डुडिओ में बाथटब में डूबकर न मर जाए

    सरकार घबराई, कोई एंकर स्डुडिओ में बाथटब में डूबकर न मर जाए

    श्री देवी की मौत की खबर और वह भी बाथरुम में बाथ टब में डूबने की खबर से देश की सुरक्षा एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया है। इसका कारण है टीवी पर एंकर और एंकरनियों द्वारा मौत का सीन क्रिएट करने को लेकर किए जा रहे प्रयोग हैं। खबरिया चैनलों ने इस मौत को सनसनी बनाने के लिए स्टुडिओ में बाथरुम भी बना लिये हैं और एंकर व एंकरनियाँ चटखारे ले-लेकर जिस तरह से इस मौत की खबर का वर्णन कर रहे हैं इससे देश की सुरक्षा एजेंसियाँ और सरकारी तंत्र सतर्क हो गया है।

  • बाबा रामदेव देसी पुष्पक विमान से घर घर  पतंजलि का सामान सप्लाय करेंगे

    बाबा रामदेव देसी पुष्पक विमान से घर घर पतंजलि का सामान सप्लाय करेंगे

    बाबा रामदेव! घर में रखा घी हो या टूथपेस्ट हर जगह इन्हीं का नाम और तस्वीर नज़र आएगी। घर में शायद ही कोई ऐसा सामान हो जो पतंजलि का ना हो। अगर भाजपा खुले में शौच बंद न कराती तो खेतों में पतंजलि टॉयलेट भी होते। पर शुक्र है स्वच्छ भारत अभियान का, जिसने ऐसा होने से बचा लिया। पतंजलि अपने देसी तरीकों से विदेशी ताकतों को मात दे रही है।

  • डॉन का चुनाव घोषणा पत्र

    इस पोस्टिंग पोस्ट करके अपनी ही शर्तों पर जीवन जिया रोमेश जोशी ने वाली पोस्टिंग के नीचे लिंक के रूप में पोस्ट करना है यानी इसको भी पोस्ट करके इसे लिंक के रूप में भी देना है- इस शीर्षक के साथ यह भी पढ़ें – अपनी ही शर्तों पर जीवन जिया रोमेश जोशी ने कुछ […]

  • बाबा रामदेव के योग शिविर पर्यवारण के लिए खतरा, रोक लगाने की माँग

    बाबा रामदेव के योग शिविर पर्यवारण के लिए खतरा, रोक लगाने की माँग

    पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर सर्वोच्च न्यायायलय से लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल सब चिंता कर रहे हैं और इसी कड़ी में बाबा रामदेव के योग शिविरों के खिलाफ भी आवाज़ उठने लगी है। पता चला है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और पर्यावरण प्रेमी बाबा रामदेव के योग शिविरों को लेकर चिंता में हैं।

  • राष्ट्रगान गाने के आधे घंटे बाद तक रिश्वत नहीं लेंगे जयपुर नगर निगम के कर्मचारी

    राष्ट्रगान गाने के आधे घंटे बाद तक रिश्वत नहीं लेंगे जयपुर नगर निगम के कर्मचारी

    जयपुर. नगर निगम के कर्मचारियों ने संकल्प लिया है कि वे राष्ट्रगान गाने के आधे घंटे बाद तक रिश्वत नहीं लेंगे, जो भी लेन-देन करना है, उसे आधे घंटे बाद ही शुरु करेंगे। जयपुर नगर निगम (जननि) के सारे कर्मचारियों ने मेयर अशोक लाहोटी के साथ इस नये टाइम-टेबल की शपथ ली। इसे राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से पैदा हुई देशभक्ति का असर बताया जा रहा है।

  • भाजपा चलाएगी दल बदल एक्सप्रेस

    भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद जिस तेजी से कांग्रेस से लेकर आप तक के नेता अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहे हैं और ये सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है उसे लेकर भाजपा में इस बात पर चिंतन चल रहा है कि ऐसे लोगों के लिए दल बदल एक्सप्रेस के नाम से विशेष रेल चलाई जाए।

  • हर शहर में होता है एक बुध्दिजीवी

    मारे देश के हर शहर और गाँव में सभी तरह के लोग पाए जाते हैं। हर गाँव में नेता, पत्रकार, गुंडे, असामाजिक तत्व, अवारा और छुटभैयों के अलावा बुध्दिजीवी भी होते हैं। बुध्दिजीवियों का रुतबा इन सबसे अलग होता है। यानी पूरा गाँव या शहर एक तरफ और बुध्दिजीवी एक तरफ।

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