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कला-संस्कृति
 

  • थियेटर ऑफ़ रेलेवेंस का राजनीतिक दखल !

    थियेटर ऑफ़ रेलेवेंस का राजनीतिक दखल !

    थियेटर ऑफ़ रेलेवेंस के माध्यम से मंजुल भारद्वाज अब राजनीति में भी दखल देने को तैयार हैं. हालांकि सालों से वह कंपनियों, संस्थाओं और विभिन्न एनजीओ के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों में लीडरशिप तराशने के लिए वर्कशॉप करते आ रहे हैं, लेकिन पिछले दो एक सालों से राजनीति में उनका सीधा हस्तक्षेप बढ़ा है. योगेन्द्र यादव के राजनीतिक संगठन “स्वराज इंडिया” के लिए उन्होंने कई शिविर किये हैं और कार्यकर्ताओं-नेताओं की राजनीतिक चेतना को धार देने और दृष्टि को लक्ष्य भेदी बनाने में प्रभावी रोल निभाया है. पिछले सप्ताह थियेटर ऑफ़ रेलेवेंस के मुम्बई के साथियों ने मालाड में एक राजनीतिक चिंतन रैली निकाली. हजारों की भीड़ नहीं थी रैली में लेकिन हजारों का ध्यान जरूर खींचा अपनी तरफ. उनके हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिस पर राजनीति का मतलब लिखा था. रैली में शामिल लोगों ने स्वच्छ राजनीति के लिए शपथ ली.   

  • व्यंग्य यात्रा के आगरा व्यंग्य महोत्सव में गूँजे ठहाके

    व्यंग्य यात्रा के आगरा व्यंग्य महोत्सव में गूँजे ठहाके

    ‘व्यंग्ययात्रा’ पत्रिका की और से आगरा में दो दिवसीय ‘आगरा व्यंग्य महोत्सव’ का आयोजन राष्ट्रीय कवि संगम, आगरा के सहयोग से आगरा के चन्द्र पुष्प पैलेस, होटल में किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता धौलपुर से वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री अरविंद तिवारी ने की।

  • न्यू  यॉर्क  बैटरी डांस ट्रूप ने   दिखाई मुंबई  में  शक्ति

    न्यू यॉर्क बैटरी डांस ट्रूप ने दिखाई मुंबई में शक्ति

    मुंबई । भारतीय संस्कृति के इन दिनों जलवे हैं. न्यू यॉर्क के मशहूर डांस ट्रूप बैटरी डांस ने अपने अखिल भारतीय टूर के दौरान मुंबई में परसों अपने अद्भुत समकालीन नृत्यों से नृत्य प्रेमियों का दिल जीत लिया। खास बात यह रही कि उनकी रचनाओं में से प्रमुख 'शक्ति' पंडित राजन साजन मिश्र द्वारा तैयार संगीत संकल्पना पर आधारित थी.

  • 23 जनवरी को पूर्व संध्या पर होगा अभियान का उत्तरप्रदेश दिवस समारोह

    पिछले 30 वर्षों से सामाजिक सांस्कृतिक संस्था अभियान द्वारा मुंबई में मनाया जानेवाला उत्तरप्रदेश स्थापना दिन समारोह इस वर्ष एक अलग वातावरण में मनाया जायेगा। मुंबई बीजेपी के महामंत्री व अभियान के संस्थापक अध्यक्ष अमरजीत मिश्र ने बताया कि हमारी तपस्या का यह प्रतिफल है कि इस वर्ष उत्तरप्रदेश में तहसील स्तर पर यूपी दिन समारोह का आयोजन होगा। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2 मई 2017 को हुयी अपनी पहली कैबिनेट बैठक में हर 24 जनवरी को यूपी दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया था। उल्लेखनीय है कि मुंबई की सामाजिक संस्था अभियान के बैनरतले पिछले 30 वर्षों से प्रति 24 जनवरी को यह आयोजन होता रहा है। पूरे देश में अभियान एकमेव संस्था है जो उत्तरप्रदेश स्थापना दिन का 3 दशकों से आयोजन करती आ रही है।उत्तरप्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के तीन वर्षों के सतत प्रयासों के बाद यूपी में योगीजी के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने यूपी दिवस मनाने का सरकारी फैसला लिया।

  • लेह-लद्दाख- ठिठुरन के बीच उत्साह जगाता लोसर

    लेह-लद्दाख- ठिठुरन के बीच उत्साह जगाता लोसर

    लद्दाख में मनाया जाने वाला नववर्ष बौद्ध समाज में जहां उत्साह और उमंग का संचार करता है वहीं संस्कृति और परंपरा के प्रति आस्था भी जगाता है।

  • कुशोक बकुला के जीवन प आधारित प्रदर्शनी 31 दिसबंर तक इंदिरा गाँध राष्ट्रीय कला केंद्र में

    कुशोक बकुला के जीवन प आधारित प्रदर्शनी 31 दिसबंर तक इंदिरा गाँध राष्ट्रीय कला केंद्र में

    नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में बीते बुधवार (20 दिसंबर) की शाम कुशोक बकुला रिम्पोचे के जीवन पर आधारित सचित्र प्रदर्शनी ‘लामा से स्टेट्समैन’ का शुभारंभ हुआ। इस समारोह का केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने उद्घाटन किया। बता दें कि यह प्रदर्शनी 31 दिसंबर तक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलेगी।

  • संगीत के माध्यम से शांति और सौहार्द का संदेश पहुंचाने के लिए  ‘कन्सर्ट फॉर हारमनी’

    संगीत के माध्यम से शांति और सौहार्द का संदेश पहुंचाने के लिए ‘कन्सर्ट फॉर हारमनी’

    संगीत के माध्यम से शांति और सौहार्द का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगभग एक दशक से प्रयास करती आ रही नाद फाउंडेशन द्वारा शुरू की गयी ‘कन्सर्ट फॉर हारमनी’ श्रृंखला का समापन कन्सर्ट आज नई दिल्ली स्थित श्री सत्य सांई ऑडीटोरियम में किया गया।

  • साक्षात ‘कबीर’ को सामने देख अभिभूत हुए कानपुरवासी

    साक्षात ‘कबीर’ को सामने देख अभिभूत हुए कानपुरवासी

    कौनो ठगवा नगरिया लूटत हो, उठो री सखी मोरी मांग संवारो दूल्हा मोसे रूठत हो, कहत कबीर सुनौ भाई साधौ जगत से नाता टूटत हो, दुल्हन गांव मंगलचार, हमरे घर आए राजाराम भरतार, रामदेव मोहे ब्याहन आए मैं जोबन मदभाती, एक के बाद कबीर की रमैनी, साखी, शबद और भजन स्वर लहरों के बीच हवा में गूंजते रहे और सभी जीवन की सच्चाई को इसमें तलाशते नजर आए। बिठूर महोत्सव के पहले दिन एकल संगीत नाट्य मंचन कबीरा की प्रस्तुति के दौरान यह नजारा देखने को मिला। नानासाहब पेशवा की धरती पर ‘कबीरा’ आत्मा को झिंझकोरने के साथ मजहबी दीवारों को तोड़ने का संदेश देने में सफल रहा।

  • ज़ी साहित्य उत्सव 25 से 29 जनवरी तक जयपुर में

    ज़ी साहित्य उत्सव 25 से 29 जनवरी तक जयपुर में

    साहित्य का महाकुंभ कहे जाने वाले ' ज़ी जयपुर साहित्य उत्सव' का आयोजन 25 से 29 जनवरी के बीच किया जा रहा है. इस उत्सव में करीब 35 देशों के 250 से अधिक साहित्यकार और कलाकार शिरकत करेंगे. जयपुर के डिग्गी पैलेस में इस बार कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद रहेंगी.

  • जहाँगीर आर्ट गैलरी में 4 से 10 दिसम्बर, 2017 तक एक भूतपूर्व रेल इंजीनियर श्री जगदीश परिहार की कलात्मक प्रदर्शनी

    जहाँगीर आर्ट गैलरी में 4 से 10 दिसम्बर, 2017 तक एक भूतपूर्व रेल इंजीनियर श्री जगदीश परिहार की कलात्मक प्रदर्शनी

    भारतीय रेल इंजीनियरी सेवा 1977 बैच के एक भूतपूर्व एवं मूर्धन्य चित्रकार सिविल इंजीनियर श्री जगदीश परिहार जहाँगीर आर्ट गैलरी में ‘डिफरेंट स्ट्रोक्स’ शीर्षक से तीसरी एकल प्रदर्शनी लेकर आये हैं। कुल मिलाकर श्री परिहार अपनी कला का प्रदर्शन अब तक 8 प्रदर्शनियों में कर चुके हैं।

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