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कला-संस्कृति
 

  • मंजुल भारद्वाज के नाटक “मैं औरत हूँ !” का मंचन 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर

    मंजुल भारद्वाज के नाटक “मैं औरत हूँ !” का मंचन 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर

    8 मार्च, 2017 यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रंग चिन्तक मंजुल भारद्वाज द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक “मैं औरत हूँ !” का मंचन दोपहर 4 बजे होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन के मानखुर्द स्थिति ऑडिटोरियम में होगा.

  • तानसेन संगीत महाविद्यालय के भोपाल केंद्र का शुभारंभ

    तानसेन संगीत महाविद्यालय के भोपाल केंद्र का शुभारंभ

    तानसेन संगीत महाविद्यालय दिल्ली के भोपाल केंद्र का शुभारंभ सारा एजुकेशन एंड कल्चरल सोसाइटी के तत्वावधान में दिनांक 24 फरवरी 2017 को 4 बजे संपन्न हुआ। उदघाटन समारोह राजीव गांधी महाविद्यालय, त्रिलंगा के सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ ।

  • उदीषा-2017 के दूसरे दिन संस्कृतियों के संगम ने जमाया रंग

    उदीषा-2017 के दूसरे दिन संस्कृतियों के संगम ने जमाया रंग

    इलाहाबाद / संगम नगरी इलाहाबाद स्थित अमरनाथ झा छात्रावास में चल रहे त्रिदिवसीय सांस्कृतिक कुम्भ 'उदीषा-2017' के दूसरे दिन कल सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शानदार आगाज हुआ । दूसरे दिन अमरनाथ झा छात्रावास के पुराअंतःवासी व अतिथि श्री अनिल कश्यप (सेवानिवृत्त आईएस) ,

  • मानवीय विष को निष्क्रिय करना ही कला का मकसद और साध्य है !

    मानवीय विष को निष्क्रिय करना ही कला का मकसद और साध्य है !

    नाटक “अनहद नाद – Unheard Sounds of Universe” नाटक होते हुए भी “जीवन” है और जीवन में घटित “नाटक” को हर पल उखाड़ फैंकता है .. कलाकार की कला , कलात्मकता और कला सत्व है ..उनका सृजन नाद है .. व्यक्तिगत सृजन दायरे को तोड़कर उसे यूनिवर्सल , ब्रह्मांडीय सृजन से जोड़ता है और कलाकार को देश , काल ,भाषा , धर्म से उन्मुक्त कर एक सृजनकार , एक क्रिएटर के रूप में घडता है.

  • उदीषा ने जमाया सांस्कृतिक रंग

    इलाहाबाद / इलाहाबाद के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित अमरनाथ झा छात्रावास के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव 'उदीषा-2017' की शुरुआत सायंकाल सामाजिक मेल-मिलाप से हुई । इस दौरान छात्रावास के समस्त अंतःवासी व कई पुरा अंतःवासी भी मौजूद थे। इसके बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छात्रावास के पूर्व अंतःवासी तथा इन्डियन ऑयल कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के निदेशक अरुण कुमार शर्मा तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति के

  • थिएटर ऑफ़ रेलेवंसः “राजनीति’ विषय पर नाट्य पूर्वाभ्यास कार्यशाला – पड़ाव -1

    थिएटर ऑफ़ रेलेवंसः “राजनीति’ विषय पर नाट्य पूर्वाभ्यास कार्यशाला – पड़ाव -1

    हमारा जीवन हर पल ‘राजनीति’ से प्रभावित और संचालित होता है पर एक ‘सभ्य’ नागरिक होने के नाते हम केवल अपने ‘मत का दान’ कर अपनी राजनैतिक भूमिका से मुक्त हो जाते हैं और हर पर ‘राजनीति’ को कोसते हैं ...और अपना ‘मानस’ बना बैठे हैं की राजनीति ‘गंदी’ है ..कीचड़ है ...हम सभ्य हैं ‘राजनीति हमारा कार्य नहीं है

  • श्री हरि सत्संग समिति का आयोजन- ‘द्रौपदी’ : न भूतो न भविष्यति

    श्री हरि सत्संग समिति का आयोजन- ‘द्रौपदी’ : न भूतो न भविष्यति

    कुछ रचनाएँ, कुछ किरदार और कुछ पात्र और कुछ प्रस्तुतियाँ ऐसी यादगार हो जाती हैं कि प्रेक्षकों के ह्रदय पटल पर हमेशा हमेशा के लिए अपनी छाप छोड़ जाती है।

  • गुलजार से गुलजार हुआ जयपुर का साहित्य उत्सव

    गुलजार से गुलजार हुआ जयपुर का साहित्य उत्सव

    जयपुर साहित्य के महाकुंभ यानि दसवें लिटरेटचर फेस्टिवल की रंगारंग शुरुआत में चारों तरफ जयपुर के डिग्गी पैलेस में संगीत की शानदार मधुर स्वरलहरियों के साथ चारों तरफ राजस्थानी संस्कृति अपनी सुरभि बिखेर रही थी।

  • “अनहद नाद का मंचन” 28 जनवरी ,2017 (शनिवार) को सुबह 11 बजे मुंबई में !

    “अनहद नाद का मंचन” 28 जनवरी ,2017 (शनिवार) को सुबह 11 बजे मुंबई में !

    कला एक खोज है ... निरंतर खोज ..जो कहीं रूकती नहीं है ..बस जीवन को लगातार जीवन और मनुष्यों को मनुष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध होती है उनको लगातार शुद्दिकरण की प्रक्रिया के अनुभव लोक की अनुभति से जीवन और मनुष्य के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए.

  • थिएटर ऑफ़ रेलेवंस की  कार्यशाला 21-25 जनवरी को

    थिएटर ऑफ़ रेलेवंस की कार्यशाला 21-25 जनवरी को

    विश्वविख्यात रंग चिन्तक और “ थिएटर ऑफ़ रेलेवंस ” नाट्य सिद्धांत के जनक मंजुल भारद्वाज “21-25 जनवरी,2017” तक होने वाली पांच दिवसीय आवासीय कार्यशाला “कलाकार की कलात्मक चुनौतियां और प्रतिबद्धता” को युसूफ मेहर अली सेंटर,पनवेल (मुंबई) में उत्प्रेरित करेंगें.

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