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कला-संस्कृति
 

  • ‘इप्टा’ की सुनहरी यादों से सजी चौपाल

    ‘इप्टा’ की सुनहरी यादों से सजी चौपाल

    मुंबई की चौपाल ऐसा मंच है जहाँ मात्र चार घंटे में आप एक ही मंच पर कई शख्सियतों, किताबों को पढ़ने से लेकर कई शख्सियतों की संगत का मजा लेते हुए विविध संस्कृतियों की धारा में बहने लगते हैं।

  • ‘रामसंस्कृति की विश्वयात्रा’ पर रूस में होगी संगोष्ठी

    ‘रामसंस्कृति की विश्वयात्रा’ पर रूस में होगी संगोष्ठी

    हैदराबाद। मूल्यमूढ़ता से घिरे वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व के बुद्धिजीवी भारत की ओर आशा की दृष्टि से देखते हैं तथा विश्वबंधुत्व और सह-अस्तित्व के आदर्शों की पुनः प्रतिष्ठा द्वारा मानवाधिकारों की बहाली की कामना रखते हैं. इस परिप्रेक्ष्य में रामकथा में निहित मूल्य किस प्रकार आज की दुनिया को कुटुंब के रूप में जीने […]

  • नागपुर में सप्त सिंधु महोत्सवः जम्मू-कश्मीर और लेह लद्दाख की संस्कृति के दर्शन

    नागपुर में सप्त सिंधु महोत्सवः जम्मू-कश्मीर और लेह लद्दाख की संस्कृति के दर्शन

    नागपुर के दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में जम्मू - कश्मीर स्टडी सेंटर द्वारा आयोजित "सप्तसिंधु, जम्मू - कश्मीर, लद्दाख महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने किया।

  • छत्तीसगढ़ रंग प्रतिभाः मुंबई की फिज़ा में घुली छत्तीसगढ़ी लोक रंग की खुशबू

    छत्तीसगढ़ रंग प्रतिभाः मुंबई की फिज़ा में घुली छत्तीसगढ़ी लोक रंग की खुशबू

    इन दिनों प्रतिभा का मतलब यही हो गया है कि कोई टीवी पर आकर नाच-गाकर चला जाए। लेकिन इस देश में चप्पे-चप्पे पर ऐसी प्रतिभाएँ बिखरी पड़ी है जो हजारों सालों से हजारों पीढियों को कला, संस्कृति, परंपरा, मूल्यों और जीवन दर्शन का संदेश देती चली आ रही है। इनमें से अधिकांश कलाकार वे हैं जिन्हें शहर की कृत्रिमता की हवा नहीं लगी है और जो किसी भक्त या शिष्य की तरह अपनी कला परंपरा को अपनाने के साथ उसे पूजते आ रहे हैं। कला उनके लिए कमाई और प्रसिध्दि पाने का जरिया नहीं बल्कि विशुध्द रूप से जीवन को कला के साथ आत्मसात करते हुए जीना है।

  • “थिएटर ऑफ़ रेलेवंस” का तीन दिवसीय नाट्य उत्सव 27-28-29 मार्च को ठाणे में होगा

    “थिएटर ऑफ़ रेलेवंस” का तीन दिवसीय नाट्य उत्सव 27-28-29 मार्च को ठाणे में होगा

    10 अगस्त, 2017 को दिल्ली से शुरू हुआ “थिएटर ऑफ़ रेलेवंस’ नाट्य उत्सव, मुम्बई, पनवेल में हर रंग सम्भावना को अंकुरित करता हुआ अब ठाणे (महाराष्ट्र) में 27-28-29 मार्च.2018 को “गडकरी रंगायतन” में होगा! हर रंगकर्मी को प्रोत्साहित करता हुआ एक रंग आंदोलन है “थिएटर ऑफ़ रेलेवंस”... एक चौथाई सदी यानी 25 वर्षों से सतत सरकारी, गैर सरकारी, कॉर्पोरेटफंडिंग या किसी भी देशी विदेशी अनुदान से परे. सरकार के 300 से 1000 करोड़ के अनुमानित संस्कृति संवर्धन बजट के बरक्स ‘दर्शक’ सहभागिता पर खड़ा है हमारा रंग आन्दोलन.. मुंबई से मणिपुर तक!

  • छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास पर तीन दिवसीय शोध संगोष्ठी 16 मार्च से

    राज्य शासन के संस्कृति और पुरातत्व संचालनालय द्वारा ‘छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास’ विषयक तीन दिवसीय संगोष्ठी 16 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जा रही है। यह संगोष्ठी महंत घासीदास संग्रहालय सिविल लाईन रायपुर में आयोजित होगी। संगोष्ठी में शामिल होने वाले व्यक्तियों से छत्तीसगढ़ के प्राचीन सांस्कृतिक इतिहास संबंधी शोध पत्र की संक्षेपिका 10 मार्च 2018 तक प्रेषित करने का अनुरोध किया गया है।

  • छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में लोक कलाकारों ने समाँ बांधा

    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में लोक कलाकारों ने समाँ बांधा

    रायपुर। छत्तसीगढ़ राज्योत्सव के प्रथम दिवस शुभारंभ के अवसर पर नया रायपुर में पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्य के कलाकारों ने मनभावन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। पार्श्व गायक सुखविंदर सिंह और उनकी टीम ने शानदार फिल्म नृत्य संगीत प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं पर छत्तीसगढ़ के कलाकारों की परम्परागत लोकवाद्यों के साथ मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ का लोक प्रिय सुआ नृत्य और पंथी, नृत्य की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। बस्तर बैंड के कलाकारों की बस्तर की संस्कृति पर आधारित सांस्कृति प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत गुजरात राज्य से आये वहां के लोगों ने गुजरात की संस्कृति एवं ऐतिहासिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने समां बांधा। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक एवं भारी जनसमुदाय मौजूद रहा।

  • छत्तीसगढ़ के   में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता

    छत्तीसगढ़ के में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता

    रायपुर। बेमेतरा जिले के तहसील मुख्यालय नवागढ़ में गुरू घासीदास लोककला महोत्सव 2017 के अंतर्गत तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ आज गुरू गद्दी गिरौदपुरी के जगत्गुरू श्री विजय कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के सहकारिता, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा क्षेत्रीय विधायक श्री दयालदास बघेल ने की। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन व संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 27 से 29 दिसम्बर 2017 तक आयोजित इस तीन दिवसीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक 150 पंथी नृत्य दलों ने अपना पंजीयन कराया है। कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए संस्कृति, पर्यटन एवं सहकारिता मंत्री श्री दयालदास बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि प्रदेश में 18 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक अलग-अलग क्षेत्रों में परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान बाबा के संदेश को पंथी नृत्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा

  • छत्तीसगढ़ की लोक कला के जगमगाते नक्षत्र

    छत्तीसगढ़ की लोक कला के जगमगाते नक्षत्र

    दाऊ रामचन्द्र देशमुख छत्तीसगढ़ी कला, संस्कृति के ओर सम्पूर्ण रुप से समर्पित है। उन्होंने चंदैनी गोंदा शुरु किये और गांव गांव में गये ताकि कलाकार कवि उससे जोड़े। चंदैनी गोंदा शुरु से ही बहुत लोकप्रिय रहे।

  • मर्यादा का मदनोत्सव

    मर्यादा का मदनोत्सव

    कामवासना प्रकृति की वह सौ फीसदी कारगर जुगत है जिससे वह प्रजातियों के वंश संवहन और अस्तित्व को बनाये रखती है। यह ताकत न रहती तो फिर धरती पर जीवन का सातत्य ठहराव पा गया होता। अपने इस मकसद की पूर्ति के लिये प्रकृति ने सभी जीव प्रजातियों मे प्रणय लीलाओं के अद्भुत प्रपंच रचे हैं।

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