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  • थिएटर ऑफ़ रेलेवंसः एक नया प्रयोग

    थिएटर ऑफ़ रेलेवंसः एक नया प्रयोग

    हमारा जीवन हर पल ‘राजनीति’ से प्रभावित और संचालित होता है पर एक ‘सभ्य’ नागरिक होने के नाते हम केवल अपने ‘मत का दान’ कर अपनी राजनैतिक भूमिका से मुक्त हो जाते हैं और हर पल ‘राजनीति’ को कोसते हैं ...और अपना ‘मानस’ बना बैठे हैं की राजनीति ‘गंदी’ है ..कीचड़ है ...हम सभ्य हैं ‘राजनीति हमारा कार्य नहीं है ... जब जनता ईमानदार हो तो उस देश की लोकतान्त्रिक ‘राजनैतिक’ व्यवस्था कैसे भ्रष्ट हो सकती है ? ....

  • देश के बँटवारे के बाद सीमा पर स्थित पागलखाने का विवाद कुछ यूँ सुलझा

    देश के बँटवारे के बाद सीमा पर स्थित पागलखाने का विवाद कुछ यूँ सुलझा

    बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि अख्लाकी कैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल हिन्दुस्तान के पागलखानों में हैं उन्हें पाकिस्तान पहुंचा दिया जाय और जो हिन्दू और सिख पाकिस्तान के पागलखानों में है उन्हें हिन्दुस्तान के हवाले कर दिया जाय।

  • हर शहर में होता है एक बुध्दिजीवी

    मारे देश के हर शहर और गाँव में सभी तरह के लोग पाए जाते हैं। हर गाँव में नेता, पत्रकार, गुंडे, असामाजिक तत्व, अवारा और छुटभैयों के अलावा बुध्दिजीवी भी होते हैं। बुध्दिजीवियों का रुतबा इन सबसे अलग होता है। यानी पूरा गाँव या शहर एक तरफ और बुध्दिजीवी एक तरफ।

  • नागनाथ सांपनाथ का चुनावी उत्सव

    गजब ये है कि अपनी मौत की आहट नहीं सुनते, वो सबके सब परीशां हैं, वहां पर क्या हुआ होगा। दुष्यंत कुमार की यह ग़ज़ल कोयल एक पेड़ पर बैठी गा रही है .

  • अब बैंक के सामने से निकलने पर भी पैसे कटेंगे

    रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के मार्गदर्शन में और मोदी जी के अच्छे दिनों को लाने के लिए काम कर रही सभी बैंकों ने तय किया है कि अब जो भी खाताधारक बैंक की शाखा के सामने से निकलेगा उसके खाते से भी पैसे कटेंगे। अभी यह तय नहीं किया गया है कि कितने पैसे कटेंगे, लेकिन सैध्दांतिक तौर पर सभी बैंक वाले इस बात पर राज़ी हो गए हैं कि इससे बैंकों की आमदनी भी बढ़ेगी, सड़कों पर लोग अवारागर्दी नहीं करेंगे और यातायात की समस्या भी सुधरेगी। पहले इसे कुछ बैंकों में लागू किया जाएगा इसके सफल होने

  • चुनाव और श्राध्दः एक अध्यात्मिक चिंतन

    चुनाव और श्राध्दः एक अध्यात्मिक चिंतन

    हमारे देश में दो चीजों का बड़ा महत्व है चुनाव और श्राध्द का। चुनाव तो गाहे बगाहे साल में एक बार या कई बार दो दो बार भी आ जाते हैं लेकिन श्राध्द तो साल में एक बार ही आते हैं। लेकिन दोनों में गजब की समानता है।

  • मंजुल भारद्वाज के नाटक “मैं औरत हूँ !” का मंचन 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर

    मंजुल भारद्वाज के नाटक “मैं औरत हूँ !” का मंचन 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर

    8 मार्च, 2017 यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रंग चिन्तक मंजुल भारद्वाज द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक “मैं औरत हूँ !” का मंचन दोपहर 4 बजे होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन के मानखुर्द स्थिति ऑडिटोरियम में होगा.

  • तानसेन संगीत महाविद्यालय के भोपाल केंद्र का शुभारंभ

    तानसेन संगीत महाविद्यालय के भोपाल केंद्र का शुभारंभ

    तानसेन संगीत महाविद्यालय दिल्ली के भोपाल केंद्र का शुभारंभ सारा एजुकेशन एंड कल्चरल सोसाइटी के तत्वावधान में दिनांक 24 फरवरी 2017 को 4 बजे संपन्न हुआ। उदघाटन समारोह राजीव गांधी महाविद्यालय, त्रिलंगा के सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ ।

  • इसरो ने ऑटो वालों से चुराया आईडिया, उपलब्धि पर ऑटो वाले नाराज़

    इसरो ने ऑटो वालों से चुराया आईडिया, उपलब्धि पर ऑटो वाले नाराज़

    श्रीहरिकोटा. इसरो ने एक ही राकेट से 104 उपग्रह सफलतापूर्वक लांच करके इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के बाद इसरो के वैज्ञानिकों को बधाइयों का ताँता लगा हुआ है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बधाई देने के बजाय इसरो को कोस रहे हैं, और वे हैं ऑटो वाले!

  • सर्वे में सनसनीखेज खुलासाः इन उम्मीदवारों को आखिर टिकट क्यों नहीं मिला

    सर्वे में सनसनीखेज खुलासाः इन उम्मीदवारों को आखिर टिकट क्यों नहीं मिला

    उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावों में जिन उम्मीदवारों को भाजपा, कांग्रेस, अकाली दल, समाजवादी पार्टी, बसपा आदि प्रमुख पार्टियों ने टिकट नहीं दिया उनको लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

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