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  • गढ्ढे राष्ट्रीय धरोहर घोषित होंगे, गढ्ढा पर्यटन का विकास करेगी सरकार

    गढ्ढे राष्ट्रीय धरोहर घोषित होंगे, गढ्ढा पर्यटन का विकास करेगी सरकार

    सड़कों पर होने वाले गढ्ढों को अब सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है और एक विशेषज्ञ समिति बनाई है जो इन गढ्ढों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि गढ्ढों पर दिन रात टीवी और अखबारों में आ रही खबरों पर सरकार ने कड़ा कदम

  • पैग मार बेबी छोटे – छोटे पैग मार

    संडे का दिन सफाई जोरों पर कुर्सी , कुर्सी के ऊपर मोढा , मोढा के ऊपर मै विराजमान पंखे को पतित करती हुई तभी मेरे सफाई का सहयोगी और पीए बने हुये बेटे के मुंह से कुछ गुनागुनाते हुये सुना .. पैग मार बेबी छोटे - छोटे पैग मार ।ये गाना सुन कर आश्चर्यचकित रह गयी लेकिन मां के रुप

  • युवा पीढ़ी को सिखाएं मायड़ बोली : केसी मालू

    युवा पीढ़ी को सिखाएं मायड़ बोली : केसी मालू

    जयपुर, 3 जुलाई। लंदन के नागरेचा हॉल में हुए प्रवासी राजस्थानी-सांस्कृतिक पुरर्जागरण कार्यक्रम वीणा समूह के निदेशक केसी मालू ने कहा कि बदलते वक्त

  • विश्व संगीत दिवस पर ‘रूह-ए-ग़ज़ल’ में शेरों और गज़लों की धूम

    विश्व संगीत दिवस पर ‘रूह-ए-ग़ज़ल’ में शेरों और गज़लों की धूम

    नई दिल्ली। संगीत का हर आम आदमी के जीवन में विशिष्ट स्थान होता है और पूरे दिन की भाग-दौड़ के बाद भारतीय कला-संस्कृति से जुड़ी एक संगीतमय संध्या मिल जाये, जहां दिल्ली के लीजेण्ड्स

  • शब्दकोश में बैचेन हैं कड़ी कार्रवाई, कड़ी निंदा और जाँच

    सबसे पहले कड़ी कार्रवाई शब्द मिमियाता हुआ चीख रहा था, वह अन्य शब्दों को कह रहा था देखो मेरा क्या हाल हो गया। देश के नेताओँ और मंत्रियों ने ‘कड़ी कार्रवाई करेंगे’ की ऐसी फज़ीहत की है कि अब जब भी कोई नेता या मंत्री कहता है कि इस मामले में हम कड़ी कार्रवाई करेंगे तो मेरी तो शर्म से डूब मरने की इच्छा होती है। इस शब्दकोश में कड़ी कार्रवाई का मतलब लिखा है, किसी भी घटना, लापरवाही, बेईमानी और भ्रष्टाचार पर तत्काल कार्रवाई कर दोषी को दंडित किया जाए। लेकिन यहाँ तो हाल ये है कि जिस पर कड़ी कार्रवाई करना है वही चिल्ला चिल्ला

  • आई.जी.एन.सी.ए. में “संजारी: एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की सातवीं श्रृंखला का आयोजन

    आई.जी.एन.सी.ए. में “संजारी: एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की सातवीं श्रृंखला का आयोजन

    नई दिल्ली। संस्‍कृति मंत्रालय का इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र अपने 30 वे स्थापना दिवस से शुरू “संजारी: एक भारत – श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का हर माह सफल आयोजन कर रहा है। केंद्र का प्रयास है की देश के विभिन्न भागों के लुप्त हो रहे लोक संगीत हर माह दिल्ली में आम श्रोताओं के लिए उसके असल रूप में उपलब्ध करवाया जाये ताकि ये लोक संगीत अपना वजूद कायम रख सके और नयी पीढ़ी तक अपने असल रूप में पहुँच सके | केंद्र “संजारी: एक भारत – श्रेष्ठ भारत” के अभी तक 6 सफल आयोजन कर चुका है जिसमे अरुणाचल, बिहार व राजस्थान, गोवा, तमिलनाडु, ज

  • मोहिनीअट्टम नृत्य से भाव-विभोर हुए श्रोता

    मोहिनीअट्टम नृत्य से भाव-विभोर हुए श्रोता

    नई दिल्ली। मदर्स डे का मौका और मंच पर खूबसूरत मोहिनीअट्टम की प्रस्तुति देती गुरू-शिष्या। यह शानदार नज़ारा और भाव-विभोर करता प्रस्तुतिकरण देखते ही बनता था। मौका था देबधारा दिल्ली द्वारा आयोजित दो दिवसीय गुरू-शिष्य सम्मान नृत्य समारोह का, जहां नृत्य क्षेत्र की गुरू-शिष्या प्रतिभाओं ने अपने कला-कौशल का सभी को कायल किया। विभिन्न शैलियों में प्रस्तुत नृत्य प्रस्तुतिकरण के बीच पद्मश्री गुरू भारती शिवाजी एवम् शिष्याओं वाणी भल्ला पाहवा व समृता मेनन द्वारा प्रस्तुत खूबसूरत मोहिनीअट्टम नृत्य ने सभी को आकर्षित किया। नृत्य आकर्षण के बीच अन्य खास बात यह र

  • चक्रम चैनल पर मंजीरे को लेकर जंग

    चक्रम चैनल पर मंजीरे को लेकर जंग

    देश के सब चैनल प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा का लाईव कवरेज लगातार दिखा रहे थे। उनके कैमरामैन और रिपोर्टर नेपाल में जगह-जगह मारे-मारे फिर रहे थे फिर भी ऐसा कोई धाँसू फुटेज नहीं मिल रहा था कि ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की तरह ‘देखिये सिर्फ हमारे चैनल पर’ की तर्ज पर उसका ढिंढोरा पीट सके। चक्रम चैनल के स्टुडिओ में बैठे सभी तीसमारखाँओं को सूझ ही नहीं पड़ रही

  • संगीत के ज़रिये समाज सेवा की साधना करता  पश्चिम रेल परिवार का युवा संगीतकार श्री तुषार लाल

    संगीत के ज़रिये समाज सेवा की साधना करता पश्चिम रेल परिवार का युवा संगीतकार श्री तुषार लाल

    मुंबई के वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए 3 लाख रु. जुटाये

  • ‘इप्टा’ की सुनहरी यादों से सजी चौपाल

    ‘इप्टा’ की सुनहरी यादों से सजी चौपाल

    मुंबई की चौपाल ऐसा मंच है जहाँ मात्र चार घंटे में आप एक ही मंच पर कई शख्सियतों, किताबों को पढ़ने से लेकर कई शख्सियतों की संगत का मजा लेते हुए विविध संस्कृतियों की धारा में बहने लगते हैं।

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