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फिल्म समीक्षा
 

  • थोड़ा लुत्फ, थोड़ा इश्क (हिंदी ड्रामा)

    दो टूक: कोई माने या ना माने पर सच है कि इश्क तो करने की चीज ही है लुत्फ़ उठाने की नहीं।  तो सावधान। हितेन तेजवानी, राजपाल यादव, नेहा कपूर, संजय मिश्रा, भाविता आनंद, राकेश बेदी और  सुष्मिता मुखर्जी की मुख्य भूमिकाओं वाली निर्देशन सचिन गुप्ता की फिल्म थोड़ा लुत्फ, थोड़ा इश्क भी यही सबक […]

  • गुड्डू रंगीला (हिंदी ड्रामा )

    दो टूक : ज़िंदगी दो बातों से चलती है।एक या तो आप उसे काबू कर लें या फिर उसके काबू में हो जाएँ। बस इतनी सी बात कहती है अरशद वारसी, अमित साध, अदिति राव हैदरी, अमित स्याल, रोनित रॉय, विरेदनृ सक्सेना, संदीप गोयल, अमित स्याल, अरुण वर्मा, विशाल शर्मा,  दिव्यन्दु भट्टाचार्य, राजीव गुप्ता श्री […]

  • टर्मिनेटर जेनेसिस

    दो टूक: दुनिया को तबाह करने और उसे बचाने के लिए दूसरी दुनिया से आने वाले अनजान एलियंस की कहानियों में १९८४ में आई निर्देशक जेम्स कैमरॉन की फिल्म टर्मिनेटर एक मील का पत्थर साबित हुई है। इसी श्रृंखला में टर्मिनेटर जेनेसिस एक नया अध्याय है।  अर्नाल्ड श्वार्ज नेगर, एमिलिया क्लार्क, जेसन क्लार्क, मैट स्मिथ […]

  • बेजुबान इश्क

    दो टूक :  कहते हैं इश्क की एक अलग बोली होती जो दुनिया  को सुनाई देती है।  लेकिन अगर इश्क बेजुबान ही रह जाये तो उसकी आवाज़ सुनने के लिए हमें निर्देशक जशवंत गंगानी की  मुग्धा गोडसे, स्नेहा उल्लाल, निशांत जरीवाला, फरीदा जलाल, सचिन खेडेकर और  स्मिता जयकर के अभिनय वाली फिल्म बेजुबान इश्क  देखनी […]

  • सेकंड हैंड हसबैंड

    दो टूक: एक बार रिश्तों को सम्भालना ही बहुत टेढ़ी खीर है यहाँ तो निर्देशक स्मीप कांग गिप्पी ग्रेवाल, टीना आहूजा, धर्मेन्द्र, गीता बसरा, रवि किशन, और आलोकनाथ की भूमिकाओं वाली फिल्म सेकंड हैंड हसबैंड की बात कर रहे हैं। कहानी : फिल्म की कहानी गुरप्रीत (टीना आहूजा) और राजबीर (गिप्पी ग्रेवाल) के प्यार की […]

  • ए बी सी डी : २ (थ्री डी ड्रामा )

    दो टूक : कहते हैं जीतने के लिए सिर्फ हौंसले और जोश ही काफी नहीं होते बल्कि उनके साथ सोच समझ और सच का होना भी जरुरी है. निर्देशक रेमो डिसूजा की वरुण धवन, श्रद्धा कपूर, प्रभुदेवा, राघव जुयाल, पुनीत पाठक, धर्मेश येलांदे, लॉरेन और प्राची शाह के अभिनय वाली उनकी ए बी सी डी […]

  • दिल धड़कने दो (हिंदी ड्रामा )

    दो टूक : रिश्तों की कोई तय परिभाषा नहीं होती। न ही वो आपके हिसाब से  चलते हैं।  हाँ, एक बात आपके बस में है और वो है जैसे वो आपको ले जाएँ आपको चलना होगा।  लेकिन रिश्तों की ईमानदारी इतनी जरूर होती है कि अगर आप उन्हें बुलाना चाहे तो वो लौटने की कोशिश […]

  • तनु वेड्स मनु रिटर्न्स ( हिंदी ड्रामा )

    दो टूक : रिश्तों को  सम्भालना सबको नहीं आता।  उन्हें  भी नहीं जो रिश्तों के लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार रहते हैं।  उन्हें ये तब समझ आता है जब रिश्ते एक नए रास्ते चल पड़ते हैं।  कंगना रानौत, आर माधवन, जिम्मी शेरगिल, स्वरा भास्कर, दीपक डोबरियाल, मोहमद जिशान अयूब, राजेंद्र गुप्ता, के […]

  • वरिष्ठ फिल्म समीक्षक

    दो टूक : रिश्तों की कोई तय परिभाषा नहीं होती. वो कब क्या सूरत अखितियार करेंगे कुछ नहीं कहा जा सकता.  लेकिन  इतना तय है कि अगर उन्हें संभलकर जिया जाए तो फिर उनकी परिभाषा ही नहीं बदलती बल्कि हमारे जीने का सलीका भी बदल जाता है।  हाँ ये अलग बात कि उसके बाद उनकी […]

  • मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ

    दो टूक : जिंदगी संबंधों और भावनाओं की उथल-पुथल का नाम ही है पर अगर उसे कोई आकर संभाल ले तो वो बस एक आगोश में सिमट जाती है निर्देशक शोनाली बोस की कल्कि कोइचलिन, रेवती और  सयानी गुप्ता के अभिनय वाली फिल्म मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ.  कहानी : फिल्म की कहानी के केंद्र में […]

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