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  • मोदीजी के राज में अंग्रेजी के गुलाम बाबुओं को कोई डर नहीं

    प्रधानमंत्री के नाम आम जनता की ओर से पत्र*मैंने 9 जुलाई 2017 को आपकी वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करवाई थी जो वित्त मंत्रालय को अग्रेषित कर दी गई, वहां से उस शिकायत को वस्तु एवं सेवा कर के महानिदेशक के पास हस्तांतरित कर दिया गया. अंत में मेरी शिकायत को राजभाषा नियमावली 19

  • सरकार वापस ले एफआरडीआइ विधेयक

    गुजरात चुनाव के दौरान सोशियल मीडिया में एफआरडीआइ विधेयक की खूब चर्चा हुई पर चुनाव के शोर में इसकी चर्चा दब सी गई । लोगों का ध्यान एफआरडीआइ विधेयक से ज्यादा चुनाव का परिणाम जानने पर रही , चूंकि अब चुनाव समाप्त हो गए है और लोक सभा का सत्र चालू है एफआरडीआइ विधेयक की चर्चा ने ज़ोर पकड़ लिया है । विरोधी दल खासकर तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने

  • हे राष्ट्र के कर्णधारों, देश को इस मानसिक गुलामी से मुक्त करो!

    सेवा में, माननीय राष्ट्रपति महोदय, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली 110001 । माननीय प्रधानमंत्री महोदय, प्रधानमंत्री कार्यालय, साऊथ ब्लाक , नई दिल्ली, 110001। माननीय कैबिनेट मंत्रीगण, प्रधानमंत्री कार्यालय, साऊथ ब्लाक , नई दिल्ली, 110001। माननीय मानव संसाधन मंत्री, मानवसंसाधन मंत्रालय, नई दिल्ली, 110001। माननीय सांसदगण लोकसभा, संसद भवन, नई दिल्ली, 110001। माननीय सांसदगण राज्यसभा, संसद भवन, नई दिल्ली, 110001। माननीय याचिका समिति, लोकसभा, संसद भवन, नई दिल्ली, 110001। माननीय याचिका समिति, राज्यसभा, संसद भवन, नई दिल्ली, 110001। माननीय नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा, संसद भवन, नई दिल्ली, 110001। माननीय नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा, संसद भवन, नई दिल्ली, 110001। संपादक, समस्त निष्पक्ष जनसंचार माध्यम(प्रिंट-इलैक्ट्रोनिक आदि)

  • जीएसटी परिषद ने अपना काम सही तरह नहीं किया था

    जीएसटी परिषद की बैठक में काफी कुछ वैसा ही हुआ जिसकी उम्मीद की जा रही थी,

  • मोदी जी ! आप की सरकार ने तो मैकाले को भी पीछे छोड़ दिया

    आदरणीय मोदी जी! आप जिस तरह झूम झूम कर मंत्रमुग्ध कर देने वाला भाषण हिन्दी में देते हैं क्या उसी तरह का प्रभावशाली भाषण अंग्रेजी में भी दे सकते हैं ?

  • ऐसा लगता है देश की सरकार में अंग्रेजों की आत्माएँ बैठी है

    आपके विभाग के अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर ("वसेक") की पूरी व्यवस्था केवल अंग्रेजी में शुरू की है और देश के करोड़ों आम व्यापारियों की सुविधा की पूर्णतः अनदेखी की गई है.

  • प्रधान मंत्री कार्यालय में राजभाषा नियमों की धज्जियाँ कौन उड़ा रहा है

    प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3 (3) का उल्लंघन किया जा रहा है न तो प्रधानमंत्री कार्यालय निविदाएँ हिंदी में जारी करता है और न ही भर्ती सूचनाएँ.

  • सरकार के नक्कारखाने में नहीं गूँजती हिंदी की आवाज़

    सरकार के नक्कारखाने में नहीं गूँजती हिंदी की आवाज़

    महोदय, मैंने 9 जुलाई 2017 को आपकी वेबसाइट http://pgportal.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करवाई थी जो वित्त मंत्रालय को अग्रेषित कर दी गई, वहां से उस शिकायत को वस्तु एवं सेवा कर के महानिदेशक के पास हस्तांतरित कर दिया गया. अंत में मेरी शिकायत को राजभाषा नियमावली 1976 के नियम 5 का उल्लंघन करते हुए वस्तु एवं सेवा कर के महानिदेशक ने अंग्रेजी में जवाब लिखते हुए बिना कोई समाधान किए ही बंद कर दिया.

  • चीन समस्या का समाधान हो

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महीने बाद ही चीन की राजधानी बीजिंग में होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं । कहा जा रहा है कि इससे पहले उन्होंने वरिष्ठ नौकरशाहों और सेना के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे चीन को लेकर बयानों में नरमी बरतें ।

  • चीन धमकाना बंद करें

    चीन को लगता है कि आदत हो गई है कि कोई न कोई मसला लेकर भारत को धमकाता रहे । कम से कम अब तक तो चीन को यह अहसास हो जाना चाहिए कि उसकी धमकियों से भारत की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।

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