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सूचना का अधिकार
 

  • ‘सूचना के अधिकार’ के दूसरे दशक का आगाज़

     मार्च 2005 में सूचना का अधिकार अधिनियन संसद में पेश किया गयां. यह 11 मई 2005 को लोकसभा में  144 संशोधनों के साथ पारित हुआ। 12 मई को राज्यसभा ने भी इसे पारित कर दिया 12 जून 2005 को राष्ट्रपति ने इसे स्वीकृति दी। इस तरह,12 अक्टूबर 2005 से सूचना का अधिकार कानून, जम्मू-कश्मीर को […]

  • मोदीजी की छवि पर ऐसे पलीता लगा रहे हैं उनके अफसर

    नई दिल्ली। मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल में 20 बड़ी उपलब्धियों की सूची मांगने पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इस संबंध में जानकारी उसके पास मौजूद नहीं है। पीएमओ ने अहमदाबाद के एक आवेदक के आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा कि पांच मई 2015 का आपका आवेदन (संख्या 6111) प्राप्त हुआ […]

  • प्रो.चन्द्रकुमार जैन आरटीआई केस स्टडी पैनल में शामिल

    ———————————– राजनांदगांव। सूचना के अधिकार पर सतत रचनात्मक और सकारात्मक लेखन और मार्गदर्शन कर रहे आरटीआई स्टेट रिसोर्स पर्सन और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से सम्मानित दिग्विजय कालेज के प्रोफ़ेसर डॉ.चन्द्रकुमार जैन आरटीआई केस स्टडी पैनल में शामिल किये गए हैं। केन्द्रीय कार्मिक,जन शिकायत निवारण तथा पेंशन मंत्रालय के मार्गदर्शन में सूचना […]

  • जानने के हक़ की ज़ंग के लिए ज़ज़्बे की ज़रुरत

    जनता को सूचना का कानूनी अधिकार भले ही दे दिया है पर इससे इंकार किया जाना मुश्किल है कि अभी भी आम जनता तो क्या विभागों के लोक सूचना अधिकारियों तक में इस कानून की जानकारी और जागरूकता का अभाव है। मिसाल के तौर पर राजस्थान में कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार वहाँ 18 […]

  • प्रधान मंत्री का कोई ई मेल आईडी ही नहीं

    भारत के लोगों को डिजिटल इंडिया का सपना दिखाने वाले और सोशल साइट्स पर सबसे सक्रिय राजनेताओं में शुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अपनी ई-मेल आईडी नहीं है । छत्तीसगढ़ के एक कारोबारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए यह चौंकाने वाली जानकारी हासिल की है। छत्तीसगढ़ की सीएसआर […]

  • सूचना देने में साफगोई और समझदारी दोनों जरूरी – मुख्य सूचना आयुक्त सरजियस मिंज

    दिग्विजय कालेज में संपन्न राज्य स्तरीय आरटीआई कायर्शाला में प्रभावी मार्गदर्शन राजनांदगांव। "जनता को सूचना तक पहुँच का अधिकार है। यह मौलिक और मानवाधिकार की तरह आधुनिक लोकतंत्र का एक बड़ा अधिकार है। सुशासन के स्वप्न को साकार करने और पारदर्शिता के साथ प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने में सूचना का अधिकार क़ानून एक प्रकाश स्तम्भ […]

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